CG: सलवा जुडूम नेता की हार्ट अटैक से मौत.. 200 नक्सली मारने पहुंचे, फिर भी बच निकले; अनाथ बच्चों के लिए चलाते थे आश्रम

            Bijapur: छत्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के रहने वाले सलवा जुडूम के नेता मधुकर राव की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। मंगलवार की शाम करीब 6:30 बजे उन्होंने तेलंगाना के वारंगल के अस्पताल में दम तोड़ा है। परिजनों ने बताया कि, मंगलवार की सुबह उनकी अचानक तबीयत बिगड़ी थी। जिसके बाद उन्हें बीजापुर अस्पताल ले जाया गया था। गंभीर स्थित को देखते हुए उन्हें वारंगल रेफर किया गया था। जहां उनकी मौत हो गई। मंगलवार की देर रात उनका पार्थिव शव कुटरू लाया गया है। बुधवार की दोपहर उनके गृह गांव में ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

            दरअसल, मधुकर राव सलवा जुडूम के प्रमुख नेता थे। नक्सलियों के खिलाफ उन्होंने लोगों को खड़ा किया था। नक्सलियों के जुल्म से लोगों को झुटकारा दिलाने के लिए इन्होंने लड़ाई लड़ी थी। हालांकि, माओवादियों ने कई बार इन्हें जान से मारने की भी कोशिश की थी। लेकिन, ये बच निकले थे। इनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि, मधुकर राव किसी भी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़े थे। वे समाज सेवक के रूप में जिले में काम कर रहे थे। लोगों की और नक्सल पीड़ितों की सेवा करना ही उनका मुख्य उद्देश्य था। इसी वजह से उन्होंने शादी भी नहीं की थी।

            सलवा जुडूम की शुरुआत की थी।

            सलवा जुडूम की शुरुआत की थी।

            पुलिस थाना में सोते थे

            परिवार के सदस्यों ने बताया कि, सलवा जुडूम के दौर में नक्सलियों ने मधुकर राव को मारने की पूरी रणनीति बनाई थी। करीब 200 नक्सलियों ने गांव को घेर लिया था। उनके घर में भी घुसे थे। लेकिन, वे उन्हें मिले नहीं। उन्होंने बताया कि, मधुकर राव अपने घर की बजाए पुलिस थाना में सोते थे। इसकी वजह थी कि उन्हें आभास हो गया था माओवादी उन्हें मार देंगे।

            अनाथ बच्चों के लिए चलाते थे आश्रम

            मधुकर राव सलवा जुडूम के बाद से गांव में ही रहते थे। उन्होंने नक्सल हिंसा पीड़ित अनाथ बच्चों के पालन पोषण करने के लिए साल 2008 में अनाथालय खोला था। अनाथालय अपने खर्च पर चलाते थे। हालांकि अब प्रशासन का सहयोग जरूर मिलता है। अनाथालय में करीब 50 बालक हैं। कुटरू से जैसे-जैसे नक्सली थोड़े बैकफुट हुए तो मधुकर राव अनाथालय में ही बच्चों के साथ रहने लगे। हालांकि, उन्हें प्रोटेक्शन भी मिला था।


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