Tuesday, July 23, 2024
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CG: शिक्षा विभाग में जुगाड़ से घोटाला… 84 टीचर्स को पिछले दरवाजे से पोस्टिंग.. जेडी के डिजिटल साइन से खेल; बाबुओं ने रची साजिश, रिक्त पदों को रखा गया गुप्त

SURGUJA: सरगुजा संभाग में पदोन्नति और काउंसलिंग में बड़ी गड़बड़ी हुई है। सभी स्कूलों के रिक्त पद नहीं दिखाए जाने से 204 शिक्षक और सहायक शिक्षकों ने पदोन्नति स्वीकार नहीं की। वहीं जिन शिक्षकों ने पदोन्नति लेकर दूर दराज के स्कूलों में पोस्टिंग ली थी, उसमें से 385 ने पोस्टिंग दूसरे स्कूल में पाने संशोधित आदेश जारी करा लिया गया। इसमें से 84 शिक्षकों का आदेश बाबुओं ने पिछले दरवाजे से जारी कर खेल कर दिया, लेकिन उनके खिलाफ जांच नहीं हुई। पिछले दरवाजे से इसलिए क्योंकि 84 शिक्षकों की पोस्टिंग आदेश को जावक रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया। इन पोस्टिंग को गुप्त रख लिया गया था।

जेडी की जानकारी बिना बाबुओं का खेल

लिपिक ने जेडी की जानकारी बिना इन 84 शिक्षकों क़ो संशोधित पोस्टिंग आदेश जारी कर दिया। इसके लिए जेडी के डिजिटल साइन का उपयोग किया गया है, लेकिन बाबू के खिलाफ जांच नहीं हुई है, जबकि राज्य के अन्य संभाग में जेडी के साथ वहां के कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

सहायक शिक्षक से शिक्षक के पद पर गड़बड़ी

सरगुजा आयुक्त की जांच रिपोर्ट में लिखा है कि काउसिंलिंग बाद 863 शिक्षक से प्रधानपाठक के पद पर और 1930 सहायक शिक्षक से शिक्षक के पद पर गड़बड़ी की गई। पृथक संवर्गवार और पदवार एकजाई पदोन्नति आदेश जारी न कर व्यक्तिगत पदस्थापना संबंधी आदेश जारी किए गए हैं, जिससे उनकी वरिष्ठता सूची प्रभावित हो सकती है।

2,793 शिक्षकों की पदोन्नति और पदस्थापना

नोट शीट पर उल्लेख अनुसार 2,793 शिक्षकों की पदोन्नति और पदस्थापना की गई है, जबकि जावक पंजी अनुसार मात्र 2767 पदोन्नति आदेश जारी किए जाने की प्रविष्टि दर्ज है। 26 पदोन्नति आदेशों को जारी किए जाने की जानकारी जावक पंजी में दर्ज नहीं है।

संशोधन आदेश की जावक पंजी में इंट्री नहीं

संशोधन आदेश के लिए जावक क्रमांक 7918 से 8530 तक सूची बना जावक पंजी में चस्पा किया गया है, जिसकी संख्या 301 होती है, जबकि 385 शिक्षकों के पदोन्नति और पदस्थापना आदेश में संशोधन आदेश जारी किया गया है। इस प्रकार कुल 84 संशोधन आदेश की जावक पंजी में इंट्री नहीं की गई है।

पद रिक्त, लेकिन पोस्टिंग नहीं दी

जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि काउंसलिंग के समय जिन शिक्षकों ने जिस संस्था में जाने के लिए सहमति दी, उसी संस्था के आस-पास की संस्था में पदस्थापना संशोधन किया गया है। आस-पास की संस्था में पद रिक्त थी, तो उन्हें अन्यत्र विकास खण्ड या जिला में पदस्थ किया जाना औचित्य से परे है। स्पष्ट है कि काउसिंलिंग के समय जिलेवार सभी रिक्त पदों को प्रदर्शित नहीं किया गया जिसके कारण ऐसी स्थिति निर्मित हुई।

338 स्कूलों में नहीं थे शिक्षक, फिर भी नहीं दिया ध्यान

संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सरगुजा संभाग में पदोन्नति पूर्व एकल शिक्षकीय और शिक्षक विहीन शालाओं की संख्या 338 है, लेकिन पदोन्नति आदेश में संशोधन के बाद विद्यालय एकल शिक्षकीय या शिक्षक विहीन हुए हैं। इसका ध्यान नहीं रखा गया। पदोन्नति संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण सरगुजा संभाग के कार्यालय में गठित विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक 20 मार्च व 22 मार्च को आयोजित की गई थी।

167 शिक्षकों ने प्रधान पाठक बनने से किया इंकार

शिक्षक से प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला के पद पर पदोन्नति बाद पदस्थापना और काउंसिलिंग के लिए कुल 1030 नियमित शिक्षकों और एलबी शिक्षकों को बुलाया गया, जिनमें से 802 शिक्षक उपस्थित हुए। 61 शिक्षक अनुपस्थित रहे, 167 शिक्षकों ने सीधे पदोन्नति से इसलिए इंकार कर दिया, क्योंकि पोस्टिंग के समय रिक्त पद छिपा दिए गए थे।

37 सहायक शिक्षकों ने पद रिक्त मिलने से पदोन्नति से किया इंकार

सहायक शिक्षक (एलबी) से शिक्षक के पद पर विषयवार पदोन्नति बाद पदस्थापना के लिए 1967 सहायक शिक्षकों को काउसिंलिंग के लिए बुलाया गया, जिनमें से 1869 सहायक शिक्षक उपस्थित हुए और 61 अनुपस्थित रहे। 37 ने पदोन्नति से इंकार किया, क्योंकि रिक्त पद छिपा दिए गए और बाद में छिपाए पदों पर संशोधित आदेश जारी कर पोस्टिंग दिया गया।

ये तो जांच का विषय है- सस्पेंड जेडी हेमंत उपाध्याय

सस्पेंड जेडी हेमंत उपाध्याय ने बताया कि शिक्षकों का संशोधित आदेश हुआ था, लेकिन जावक रजिस्टर में दर्ज कैसे नहीं हुआ और उनका संशोधित आदेश कैसे हुआ, मुझे नहीं पता है। जांच का विषय है।

संयुक्त संचालक संजय गुप्ता ने बताया कि इस मामले की जांच चल रही है। जांच के दायरे में जो भी अधिकारी कर्मचारी आएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। अभी सस्पेंड जेडी क़ो आरोप पत्र नहीं दिया गया है, जिन्होंने पदोन्नति गड़बड़ी की वजह से नहीं ली। उसका भी परीक्षण किया जा रहा है, उन्हें इसके बाद पदोन्नति का मौका दिया जाएगा।

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