CG: वन विकास निगम में रिश्वत मांगने का VIDEO वायरल… अकाउंटेंट ने ट्रांसपोर्टर से बिल पास करने के लिए मांगे पैसे, बोला- इतने में नहीं होगा काम

              BILASPUR: बिलासपुर में वन विकास निगम में रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। यहां पदस्थ असिस्टेंट अकाउंटेंट, ट्रांसपोर्टर का बिल पास करने के एवज में 10 हजार रुपए की डिमांड कर रहा था। मगर ट्रांसपोर्टर ने अकाउंटेंट के पैसे वसूली का वीडियो भी बनाया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल है।

              वायरल वीडियो में अकाउंटेंट पैसे मांगते नजर आ रहा है। ये भी कहता नजर आ रहा है कि इतने में तो काम नहीं होगा, पैसे पूरे लगेंगे। दरअसल, वन विकास निगम के दफ्तर में अफसरों की सह पर यहां के कर्मचारी बेधड़क अवैध उगाही कर रहे हैं। जिसकी वजह से यहां काम करने वाले ट्रांसपोर्टर सहित दूसरे लोग भी परेशान हैं।

              मंगला चौक स्थित कोटा परियोजना के असिस्टेंट अकाउंटेंट अश्वनी यादव पर आरोप है कि वह कोई भी काम बिना पैसे के नहीं करता। विभाग में काम करने वाला एक ट्रांसपोर्टर बिल वसूली के लिए दफ्तर का चक्कर काट रहा है। मगर असिस्टेंट अकाउंटेंट चेक जारी करने से पहले पैसों की डिमांड कर रहा है। पैसे नहीं देने के कारण ही उसका चेक रोक दिया गया है।

              बिलासपुर के मंगला स्थित मंडल प्रबंधक कार्यालय में पदस्थ है असिस्टेंट अकाउंटेंट।

              बिलासपुर के मंगला स्थित मंडल प्रबंधक कार्यालय में पदस्थ है असिस्टेंट अकाउंटेंट।

              5 हजार में नहीं बनेगी बात

              गुरुवार को ट्रांसपोर्टर अपने बिल पास कराने के लिए असिस्टेंट अकाउंटेंट से मिलने पहुंचा था। इस दौरान ट्रांसपोर्टर से वह पैसों की डिमांड कर रहा है। ट्रांसपोर्टर ने इसका वीडियो भी बनाया है, जिसमें असिस्टेंट अकाउंटेंट काम करने के एवज में पैसे मांग रहा है।

              ट्रांसपोर्टर पांच हजार रुपए देने की बात कह रहा है, तो असिस्टेंट अकाउंटेंट इतने में काम नहीं होने की बात कह रहा है। फिर सात हजार रुपए में सौदा तय कर अपने अधिनस्थ कर्मचारी को पैसे देने के लिए इशारा कर रहा है।

              असिस्टेंट अकाउंटेंट पर नहीं हुई कार्रवाई
              सोशल मीडिया में वायरल इस वीडियो पर विभाग के अफसरों ने कोई एक्शन नहीं लिया है। इस मामले में दैनिक भास्कर ने मंडल प्रबंधक बलभद्र सरोठे से पक्ष जानने के लिए संपर्क किया। लेकिन, वे दफ्तर में नहीं मिले। उनके मोबाइल पर कॉल किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। उन्हें वॉट्सऐप मैसेज भी किया गया। फिर भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।


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