Chhattisgarh : कांग्रेस पार्टी को चुनाव नहीं लड़ने देना चाहती भाजपा, दीपक बैज बोले- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमें रोजाना फाइनेंशियली कर रहे कमजोर

              रायपुर: कांग्रेस पार्टी के खातों को फ्रीज करने को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा आरोप लगाया है। दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा और केंद्र सरकार नहीं चाहती कि कांग्रेस लोकसभा का चुनाव लड़े, इसलिए लगातार हमारी पार्टी को फाइनेंशियली कमजोर किया जा रहा है।

              पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि खाते फ्रीज करना कांग्रेस के खिलाफ आपराधिक साजिश है। इस तरह किसी राजनीतिक दल को असहाय बनाकर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते।

              फाइल फोटो।

              फाइल फोटो।

              खाते फ्रीज करवाना बीजेपी की साजिश

              दीपक बैज ने कहा कि ये सब केंद्र सरकार की साजिश का हिस्सा है, ताकि कांग्रेस को पैसे के अभाव में चुनाव लड़ने में समान अवसर न मिले। यह सत्ताधारी दल का खतरनाक खेल है। भाजपा चाहती है कि एकतरफा चुनाव हों, लेकिन जनता सब देख रही है। भाजपा ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना से 56 प्रतिशत धन हासिल किया, जबकि कांग्रेस को मात्र 11 प्रतिशत बॉन्ड ही मिले।

              राजनीतिक दल आयकर के दायरे में नहीं- दीपक बैज

              पीसीसी चीफ ने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल आयकर के दायरे में नहीं आता है, फिर भी कांग्रेस पर शिकंजा कसने की कोशिश हो रही है। वह संवैधानिक संस्थाओं से अपील करते हैं कि अगर वे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं, तो कांग्रेस को बिना किसी रोक-टोक के बैंक खातों का इस्तेमाल करने दें। कांग्रेस के बैंक खाते तुरंत बहाल किए जाएं।

              कांग्रेस पार्टी का फ्लैग।

              कांग्रेस पार्टी का फ्लैग।

              प्रचार करने में हो रही दिक्कत

              दीपक बैज ने कहा कि एक महीने पहले कांग्रेस के सभी बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए। भारत के 20 प्रतिशत लोग कांग्रेस के लिए वोट करते हैं। मगर बैंक खाते फ्रीज हो जाने से कांग्रेस प्रचार नहीं कर पा रही, विज्ञापन नहीं दे पा रही। कांग्रेस हवाई जहाज और रेल यात्रा के लिए भी टिकट नहीं खरीद सकती।

              यह सात साल पहले का 14 लाख रुपये का मामला है और 200 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा दिया गया है। आयकर विभाग का नियम साफ कहता है कि ज्यादा से ज्यादा 10 हजार रुपए का जुर्माना लग सकता है। मगर किसी कोर्ट, चुनाव आयोग, किसी संस्थान और मीडिया ने कुछ नहीं कहा। आज देश में लोकतंत्र नहीं बचा है।


                              Hot this week

                              Related Articles

                              Popular Categories