Chhattisgarh : नेता की धमकी के बाद हटाए गए DSP, आदेश जारी, SP ने की नए थानेदार नियुक्ति; विधायक के भाई ने कहा था- तेरे को देखना पड़ेगा, याद रखेगा

        सरगुजा: जिले में विधायक के भाई की धमकी के बाद लखनपुर थाना के प्रभारी थानेदार डीएसपी शुभम तिवारी को हटा दिया गया है। अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल के भाई विजय अग्रवाल ने मंगलवार को धमकी भरे लहजे में DSP को कहा था कि तेरे को देखना पड़ेगा, याद रखेगा। जिसके बाद एसपी ने शाम तक नए थानेदार की नियुक्ति भी कर दी है।

        कोयला चोरी और डकैती के मामले में लखनपुर पुलिस ने FIR की गई थी। यह FIR SECL की अमेरा खदान में डकैती के आरोप में हुई थी। इस पर ग्रामीणों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। मंगलवार को लखनपुर थाने में फर्जी FIR का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर दिया था।

        लखनपुर थाने में नए थानेदार की नियुक्ति आदेश जारी।

        लखनपुर थाने में नए थानेदार की नियुक्ति आदेश जारी।

        प्रशिक्षण अवधि पूरी, विवाद के बाद हटे

        इस विवाद के बाद लखनपुर थाने में नए टीआई की पोस्टिंग सरगुजा एसपी विजय अग्रवाल ने कर दी है। प्रशिक्षु डीएसपी शुभम तिवारी लखनपुर थाने से मुक्त कर दिए गए हैं। लखनपुर थाना प्रभारी के रूप में किसी की पदस्थापना नहीं होने के कारण वे फिलहाल लखनपुर थाने के टीआई का प्रभार भी देख रहे थे।

        प्रशिक्षु डीएसपी शुभम तिवारी को लखनपुर थाना टीआई का प्रभार 3 दिसंबर 2023 को दिया गया था। दो माह की प्रशिक्षण अवधि 6 फरवरी 2024 को पूरी हो गई थी। उन्हें अभियोजन कार्यालय में प्रशिक्षण का आदेश जारी हो गया था।

        थाना प्रभारी के समक्ष निकाली भड़ास।

        थाना प्रभारी के समक्ष निकाली भड़ास।

        पुलिस पर फर्जी केस दर्ज करने का आरोप

        थाने के घेराव में ग्रामीणों के साथ पहुंचे भाजपा नेता ने डीएसपी को धमकाया। भाजपाइयों और ग्रामीणों ने कहा कि SECL के सब एरिया मैनेजर के इशारे पर पुलिस फर्जी केस दर्ज कर रही है। मामले को लेकर विधायक राजेश अग्रवाल ने SDOP अखिलेश कौशिक से फोन पर चर्चा भी की। इस पर SDOP ने आरोपों की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। तब ग्रामीणों ने प्रदर्शन खत्म किया।

        डीएसपी को धमकाते भाजपा नेता

        डीएसपी को धमकाते भाजपा नेता

        एसईसीएल के दबाव में दर्ज किया अपराध

        ग्रामीणों ने कलेक्टर और सरगुजा एसपी के नाम ज्ञापन भी सौंपा है। जिसमें कहा है कि अमेरा खुली खदान में पिछले दिनों तांबे के केबल की डकैती के मामले में पुलिस ने निर्दोष ग्रामीणों पर FIR की है। ग्रामीण भोलाराम राजवाड़े, अमोल राजवाड़े, गणेश राजवाड़े, सिंग साय राजवाड़े के खिलाफ धारा 395 के तहत कार्रवाई की गई है।

        ग्रामीण एसईसीएल के भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे थे। इस कारण उनके खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। वहीं थाना घेराव में भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश साहू, विजय अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, मदन राजवाड़े सहित कई भाजपा नेता और ग्रामीण शामिल थे।

        तहसीलदार को कलेक्टर और एसपी के नाम सौंपा ज्ञापन।

        तहसीलदार को कलेक्टर और एसपी के नाम सौंपा ज्ञापन।

        खदान में खुलेआम अवैध उगाही का आरोप

        ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि एसईसीएल अमेरा प्रबंधक द्वारा कोयला परिवहन में प्रतिदिन ट्रकों से लाखों रुपए की वसूली कराई जाती है। प्रत्येक ट्रकों से दो से तीन हजार रूपए अवैध वसूली एसईसीएल अमेरा के सब एरिया मैनेजर के इशारे पर हो रही है। अमेरा खुली खदान में प्रतिदिन लगभग 50 से 80 ट्रक में कोयला परिवहन होता है।

        जब्त कोयला पुलिस पर बेचने का आरोप

        ग्रामीणों ने लखनपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि पहले तो तत्कालीन थाना प्रभारी एलआर चौहान के निर्देश पर एएसआई नेतराम पैकरा के दल ने खदान के बगल से 45 टन कोयले को जब्त किया। फिर कोयला थाने में लाने के बजाए ईंट भट्ठों को बेच दिया गया। पुलिस ने मात्र 12 टन कोयला जब्त कर कार्रवाई की है।

        उग्र आंदोलन की चेतावनी

        एसईसीएल और पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीणों ने 7 दिनों में फर्जी एफआईआर पर रोक लगाने और अवैध वसूली बंद करने की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।



                Hot this week

                KORBA : सेवा की कहानी : जनदर्शन में मिली मदद, मोहनपाल को मिला आत्मनिर्भरता का संबल

                मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल से मिली नई राह, मोहनपाल ने प्रधानमंत्री,...

                Related Articles

                Popular Categories