Thursday, February 19, 2026

              छत्तीसगढ़ : 3 पुलिसकर्मियों पर दुर्ग SP का एक्शन, एक ASI सस्पेंड, एक ASI और महिला प्रधान आरक्षक लाइन अटैच, रिपोर्ट न लिखने पर कार्रवाई

              दुर्ग: SP जितेंद्र शुक्ला ने उनके निर्देशों का पालन न करने और न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने मामले में 2 ASI और एक महिला आरक्षक पर कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने ASI संजय कुमार साहू को सस्पेंड, ASI सुभाष चंद्र बोरकर और महिला आरक्षक नूतन साहू को लाइन अटैच किया है।

              जानकारी के मुताबिक दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने दुर्ग पुलिस के सभी स्टाफ को निर्देशित किया था कि उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय की ओर से प्राप्त आदेश या निर्देश का अच्छी तरह से अवलोकन करना है।

              एसपी को उससे अवगत कराना है। उसके बाद ही उस पर कार्रवाई की जानी है। इसके बावजूद भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय दुर्ग में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक संजय कुमार साहू ने कार्य में लापरवाही बरती।

              एसपी ने ASI को सस्पेंड कर दिया

              उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने रंजीत कंडरा उर्फ सोमनाथ की द्वारा दायर याचिका के संबंध में 26 अप्रैल 2024 को कुछ दिशा निर्देश दिए थे। उस आदेश और निर्देश को पुलिस अधीक्षक दुर्ग के संज्ञान में लाए बिना ASI संजय कुमार साहू ने सीधे थाना प्रभारी को कार्रवाई के लिए भेज दिया। इसे देखते हुए एसपी ने सस्पेंड कर दिया है।

              वाहन चोरी की रिपोर्ट न लिखने पर लाइन अटैच

              दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक सुभाष चन्द्र बोरकर को लाइन अटैच किया है। आरोप है कि बीते 10 मई शुक्रवार को सुभाष बोरकर ड्यूटी पर था। इस दौरान बजरंग पारा वसुंधरा नगर भिलाई निवासी आकाश सिंह पिता वासुदेव सिंह अपनी मोपेड वाहन की चोरी की रिपोर्ट लिखाने थाने गया था।

              बोरकर ने मामले में तत्काल उचित वैधानिक कार्रवाई ना करते हुए प्रार्थी आवेदक के साथ दुर्व्यवहार किया। इसकी शिकायत मिलने पर एसपी ने उसे लाइन अटैच किया है।

              आदेश के बाद भी न्यायालय में नहीं पेश की केश डायरी

              एसपी ने महिला थाने में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक 416 नूतन साहू को भी लाइन अटैच किया है। नूतन साहू महिला थाने में दहेज के प्रकरण के एक मामले की विवेचना कर रही थी। बीते 10 मई को प्रकरण की केश डायरी दुर्ग न्यायालय द्वारा मांगी गई थी।

              इसके बाद भी महिला प्रधान आरक्षक ने केश डायरी न्यायालय में पेश नहीं की। इतना ही नहीं वो न्यायालय गई और न्यायालय परिसर में ही आरोपी के अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार करने लगी। इसके चलते उसके ऊपर कार्रवाई की गई है।


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