Chhattisgarh : नक्सलियों की सबसे खतरनाक बटालियन को करारी चोट, सुकमा में 8-8 लाख के इनामी पति-पत्नी समेत 36 लाख के 6 माओवादियों ने छोड़ी हिंसा

        जगदलपुर/सुकमा: बस्तर में नक्सलियों की सबसे खतरनाक बटालियन नंबर-1 को करारी चोट लगी है। इस बटालियन में सेंट्रल कमेटी मेंबर हिड़मा, DKSZC और कमांडर देवा के साथ काम कर चुके पति-पत्नी ने सरेंडर कर दिया है। इनके ऊपर 8-8 लाख रुपए का इनाम घोषित है।

        इसके अलावा किस्टाराम एरिया कमेटी और दक्षिण बस्तर डिवीजन में सक्रिय अन्य 4 नक्सलियों ने भी हथियार डाले हैं। यह 5-5 लाख रुपए के इनामी है। सभी पर कुल 36 लाख रुपए का इनाम घोषित है। बस्तर में अभी नक्सलियों का TCOC महीना चल रहा है। जिस TCOC महीने में अक्सर नक्सली फोर्स पर भारी पड़ते थे। अब इसके उलट पुलिस फोर्स नक्सलियों को करारी चोट दे रही है।

        बस्तर में लगातार हो रहे एनकाउंटर के डर से सुकमा में पुलिस और CRPF के अफसरों के सामने 6 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। इनमें नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 के हेडक्वार्टर टेलर टीम का सदस्य दूधी पोज्जा और उसकी पत्नी दूधी पोज्जे ने हथियार डाला है।

        ये हैं 5-5 लाख रुपए के इनामी

        वहीं, किस्टाराम एरिया कमेटी टेलर टीम कमांडर जायक्का उर्फ आयते, ACM कारम उर्फ भूमा, दक्षिण बस्तर डिवीजन में ACM कवासी मुड़ा और अरनपुर इलाके में जनमिलिशिया कमांडर और ACM रैनु उर्फ मड़कम सुक्का ने भी हिंसा का रास्ता छोड़ा है।

        इन 4 नक्सलियों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। ये सभी 6 नक्सली पिछले कई सालों से संगठन में रहकर काम कर रहे थे। कई मुठभेड़ में भी शामिल थे। कहीं मारे न जाए इसलिए सभी ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है।

        हिड़मा और देवा के साथ किया है काम

        सरेंडर माओवादी दूधी पोज्जा और दूधी पोज्जे ये दोनों घर बसाना चाहते हैं, साथ जीना चाहते हैं। इसलिए इन्होंने सरेंडर कर दिया है। ये दोनों बस्तर के सबसे खतरनाक नक्सलियों में से एक माड़वी हिड़मा और देवा के साथ काम कर चुके हैं। उनकी प्लानिंग, रहन-सहन, बटालियन के हालात समेत अन्य गोपनीय जानकारी इनके पास है।

        ऐसे में नक्सलियों की सबसे खतरनाक बटालियन को चोट पहुंचाने पुलिस को इनसे अच्छी मदद मिल सकती है।

        SP बोले- बड़ी उपलब्धि

        36 लाख रुपए के 6 नक्सलियों के सरेंडर करने को सुकमा SP किरण चव्हाण ने बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि, शासन की योजनाओं, सुकमा पुलिस के पूना नर्कोम अभियान से प्रभावित होकर और नक्सलियों की खोखली विधारधारा से तंग आकर इन्होंने सरेंडर किया है। नक्सल संगठन पर यह करारी चोट है। इनसे कई खुलासे हो सकते हैं।



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