Sunday, February 15, 2026

              छत्तीसगढ़ : पति ने पैर नहीं दबाया तो पत्नी ने लगाई फांसी, इंटरकास्ट मैरिज के कारण शव को गांव नहीं ले गए परिजन, बिलासपुर में अंतिम-संस्कार

              बिलासपुर: जिले में तबीयत खराब होने पर पति ने पैर नहीं दबाया तो गुस्से में आकर पत्नी ने आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि, महिला के कहने पति ने उसे जवाब दिया कि, पहले वह बर्तन साफ करेगा। बर्तन साफ करने के बाद वह अपनी तीन साल की बेटी को सुलाने लगा। इतने में उसकी पत्नी गुस्से में आकर दूसरे कमरे में चले गई। कुछ देर बाद पति कमरे में पहुंचा तो वह फांसी के फंदे पर लटकी मिली।

              मामला तोरवा थाना इलाके के देवरीडीह का है। जहां बलौदाबाजार जिले के मोहतरा निवासी भूपेंद्र साहू किराए के मकान में परिवार के साथ रहता है। उसकी तीन साल की बेटी भी है। भूपेंद्र की पत्नी सुशीला की तबीयत कुछ दिन से खराब थी, जिसके कारण उसका पति भूपेंद्र घर का सारा काम कर रहा था।

              फंदे से उताकर पति ले गया अस्पताल, तब तक हो चुकी थी मौत।

              फंदे से उताकर पति ले गया अस्पताल, तब तक हो चुकी थी मौत।

              पैर दबाने बोली पत्नी, देरी हुई तो लगा ली फांसी
              गुरुवार की रात भूपेंद्र ने खाना बनाया और परिवार के साथ खाने बैठा था। इस दौरान उसकी पत्नी ने उसे पैर दबाने के लिए कहा। इस पर भूपेंद्र ने कहा कि वो पहले घर का काम करेगा, बर्तन भी साफ करना है। बर्तन साफ करने के बाद वो अपनी बेटी को सुलाने लगा।

              इतने में उसकी पत्नी को गुस्सा आ गया और दूसरे कमरे में चली गई। इस बीच भूपेंद्र की आंख लग गई। जब अचानक देर रात उसकी नींद खुली और वह दूसरे कमरे में गया तो उसकी पत्नी साड़ी का फंदा बनाकर फांसी पर झूल रही थी।

              पुलिस ने ससुराल और मायके वालों को बुलाया
              भूपेंद्र ने आनन-फानन में उसे फंदे से नीचे उतारा और प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पुलिस को भी दी गई। शुक्रवार की सुबह शव का पंचनामा और पोस्टमॉर्टम से पहले पुलिस ने उसके ससुराल और मायके वालों को बुलाया।

              ससुराल वालों ने शव ले जाने से किया इनकार
              बताया जा रहा है कि भूपेंद्र साहू को उसके समाज के लोगों ने छोड़ दिया है। वह अपनी पत्नी को गांव ले जाकर अंत्येष्टि करना चाह रहा था लेकिन, उसके घरवालों ने शव को गांव ले जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद भूपेंद्र ने बिलासपुर में ही उसका अंतिम संस्कार किया।

              पुलिस के मुताबिक सुशीला के मायके वालों ने उसकी मौत पर कोई शक और आरोप नहीं लगाया है। उन्होंने पुलिस से कहा कि उनकी बेटी गुस्सैल थी और जल्दी भड़क जाती थी। हालांकि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

              दोनों ने की थी इंटर-कास्ट मैरिज
              पुलिस की पूछताछ में पता चला कि साल 2018 में भूपेंद्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वहीं, सुशीला भी पढ़ाई कर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान उनकी दोस्ती हुई और फिर उनके बीच प्यार हो गया। इसके बाद दोनों ने इंटर कास्ट लव मैरिज कर ली। दोनों अपने परिवार से अलग रहकर यहां किराए के मकान में रहने लगे। इस बीच उनकी एक बेटी भी हुई।


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