Monday, January 12, 2026

              दिल्ली: सर गंगाराम हॉस्पीटल के डॉक्टरों ने पैर के अंगूठे से हाथ का नया अंगूठा बनाया, 20 साल के युवक का एक्सीडेंट में पैर, हाथ की उंगली कट गई थी

              दिल्ली: सर गंगाराम हॉस्पीटल में डॉक्टरों ने एक 20 साल के युवक के कटे पैर के अंगूठे से उसके हाथ का नया अंगूठा बना दिया। एक सड़क हादसे में युवक का बायां पैर घुटने के नीचे और बाएं हाथ का अंगूठा पूरी तरह कट गया था।

              वह बाइक पर सवार था और ट्रैक्टर की चपेट में आ गया था। हॉस्पीटल ने बताया कि युवक का एक पैर और हाथ का एक अंगूठा बुरी तरह कुचले हुए थे। वे दोबारा जोड़े नहीं जा सकते थे। युवक के कटे हुए पैर की अंगूठा ठीक था।

              इसके बाद डॉक्टरों ने उस पैर का अंगूठा काटकर युवक के बाएं हाथ का अंगूठा बनाया और उसे जोड़ दिया। यह सब एक रेयर सर्जरी के जरिए हुआ। डॉक्टरों की मेहनत ने युवक को फिर से जिंदगी का सहारा दे दिया।

              इस सर्जरी पर सर गंगाराम हॉस्पीटल में प्लास्टिक, कॉस्मेटिक और हैंड माइक्रोसर्जरी विभाग के हेड डॉ. महेश मंगल ने बताया-

              युवक के हाथ का नया अंगूठा अब पूरी तरह काम करने लगा है। वह तेजी से रिकवरी कर रहा है। यह सर्जरी न सिर्फ हाथ की वर्किंग लौटाने में मददगार रही, बल्कि उस अंग का भी उपयोग किया जो अब शरीर में काम नहीं आने वाला था।

              8 घंटे चला ऑपरेशन, माइक्रोस्कोपिक तकनीक की मदद ली

              डॉक्टर मंगल ने बताया कि पूरी सर्जरी करीब 8 घंटे चली। इसमें बेहद बारीकी से पैर की उंगली को हाथ में जोड़ा। इस सर्जरी में डॉक्टरों की टीम ने माइक्रोस्कोपिक तकनीक की मदद ली। नसों से लेकर हड्डियों तक को बेहद सटीकता से जोड़ा गया।

              सर्जरी के बाद नया अंगूठा सामान्य तरीके से काम कर सके, इसका भी ध्यान रखा गया। डॉक्टर मंगल ने बताया कि डॉक्टर के मुताबिक, अस्पताल अब तक 700 से ज्यादा री-इंप्लांटेशन सर्जरी कर चुका है। इनमें पैर की उंगलियां, सिर की त्वचा, कान और हाथ शामिल हैं।

              डॉक्टर बोले- कटे अंग को सही समय पर अस्पताल पहुंचाना जरूरी

              डॉक्टर मंगल ने बताया कि किसी भी हादसों में शरीर के कटे हुए अंग को संभालना और सही समय पर अस्पताल पहुंचाना बहुत जरूरी होता है। अगर किसी का अंग कट जाए, तो उसे ढूंढ़कर साफ पॉलीथिन में रखकर ठंडे तापमान में रखें और जितनी जल्दी हो सके, री-इंप्लांटेशन सेंटर तक पहुंचाएं।


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