Education News: देश के टॉप 10 आर्किटेक्चर कॉलेज… पहले नंबर पर IIT रूड़की, तीसरे नंबर पर IIT खड़गपुर; ऐसे मिलेगा एडमिशन

              JEE Mains 2024 का पहला सेशन 24 जनवरी को होना है। पहले दिन दूसरी शिफ्ट में BArch और BPlanning का पेपर होना है। इस एग्जाम को क्वालिफाई कर स्टूडेंट्स देश के टॉप IITs और NITs के आर्किटेक्चर कोर्सेज में एडमिशन ले सकते हैं। वहीं, IITs के मास्टर्स प्रोग्राम में एडमिशन लेने के लिए IIT JAM एग्जाम क्वालिफाई करना जरूरी है। इस साल IIT JAM 11 फरवरी को होना है। इस बार टॉप कॉलेज में जानेंगे देश के टॉप 10 आर्किटेक्चर कॉलेजों के बारे में।

              NIRF रैंकिंग के मुताबिक देश में टॉप आर्किटेक्चर कॉलेजों की लिस्ट में पहले नंबर पर IIT रूड़की है। इसके बाद केरल के कोझिकोड़ का NIT, कालीकट है। टॉप 10 कॉलेजों में दिल्ली के 2 कॉलेज – स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर और जामिया मिलिया इस्लामिया का आर्किटेक्चर डिपार्टमेंट भी शामिल हैं।

              1. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT), रुड़की
              IIT रुड़की रेगुलर इंजीनियरिंग कोर्सेज के अलावा आर्किटेक्चर का कोर्स भी ऑफर करता है। इंस्टिट्यूट में 23 से ज्यादा अलग-अलग डिपार्टमेंट्स हैं। इनमें से ही एक डिपार्टमेंट है – डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग।

              कोर्सेज – इंस्टिट्यूट के BArch (बैचलर्स इन आर्किटेक्चर), MAcrh (मास्टर्स इन आर्किटेक्चर), मास्टर्स ऑफ अर्बन एंड रूरल प्लानिंग (MURP) और PhD प्रोग्राम्स में एडमिशन ले सकते हैं।

              ऐसे मिलेगा एडमिशन – IIT रुड़की के BArch कोर्स में एडमिशन के लिए JEE Advanced एग्जाम क्वालिफाई करना जरूरी है। इसके अलावा 12वीं में 75% से ज्यादा स्कोर होना भी जरूरी है। वहीं, IIT JAM, GATE, CAT, GMAT स्कोर के बेसिस पर मास्टर्स प्रोग्राम में एडमिशन के लिए अप्लाय कर सकते हैं। कट ऑफ के आधार पर काउंसलिंग के बाद ग्रुप डिस्कशन और पर्सनल इंटरव्यू के बेसिस पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है।

              इंस्टिट्यूट की स्थापना 1847 में हुई थी। 1956 में इंस्टिट्यूट में BArch और 1969 में MArch कोर्स की शुरुआत हुई थी।

              इंस्टिट्यूट की स्थापना 1847 में हुई थी। 1956 में इंस्टिट्यूट में BArch और 1969 में MArch कोर्स की शुरुआत हुई थी।

              2. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), कालीकट
              NIT कालीकट में कुल 3 स्कूल और 10 डिपार्टमेंट हैं। इनमें आर्किटेक्चर और प्लानिंग के लिए अलग से डेडिकेटेड डिपार्टमेंट भी है।

              कोर्सेज – इंस्टिट्यूट में BArch (बैचलर्स ऑफ आर्किटेक्चर), MPlan (मास्टर ऑफ प्लानिंग) और PhD प्रोग्राम में एडमिशन ले सकते हैं।

              ऐसे मिलेगा एडमिशन – BArch कोर्स में JEE Mains के आर्किटेक्चर के पेपर 1 और पेपर 2 के स्कोर में बेसिस पर एडमिशन ले सकते हैं। इन सीटों पर एडमिशन के लिए जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) और सेंट्रल सीट एलोकेशन बोर्ड (CSAB) काउंसलिंग कंडक्ट करता है। वहीं, MArch कोर्स में GATE स्कोर के बेसिस पर एडमिशन ले सकते हैं।

              NIT कालीकट की स्थापना 1961 में रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज के तौर पर हुई थी। इसे 2002 में NIT का दर्जा दिया गया।

              NIT कालीकट की स्थापना 1961 में रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज के तौर पर हुई थी। इसे 2002 में NIT का दर्जा दिया गया।

              3. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), खड़गपुर
              IIT खड़गपुर में इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, स्कूल ऑफ लॉ, मैनेजमेंट, साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, ह्यूमैनिटीज के 19 डिपार्टमेंट्स, 8 सेंटर और स्कूल और 25 से ज्यादा रिसर्च यूनिट्स हैं।

              कोर्सेज – इंस्टिट्यूट से 5 साल का BArch कोर्स कर सकते हैं। इसके अलावा मास्टर ऑफ सिटी प्लानिंग (MPlan) का कोर्स भी कर सकते हैं।

              ऐसे मिलेगा एडमिशन – BArch कोर्स में एडमिशन के लिए JEE एग्जाम क्वालिफाई करना जरूरी है। वहीं, MPlan कोर्स में एडमिशन के लिए GATE एग्जाम का स्कोर जरूरी है।

              IIT खड़गपुर की स्थापना 1951 में हुई थी। ये देश का पहला IIT भी है।

              IIT खड़गपुर की स्थापना 1951 में हुई थी। ये देश का पहला IIT भी है।

              4. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), तिरुचिरापल्ली
              NIT तिरुचिरापल्ली में 17 अलग-अलग डिपार्टमेंट्स हैं।

              कोर्सेज – इंस्टिट्यूट में डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर से 5 सालों का UG BArch कोर्स और 2 सालों का MArch कोर्स भी कर सकते हैं।

              ऐसे मिलेगा एडमिशन – BArch कोर्स में JEE Mains के स्कोर के बेसिस पर एडमिशन ले सकते हैं। वहीं, MArch कोर्स में एडमिशन लेने के लिए GATE, NIMCET या IIT JAM एग्जाम क्वालिफाई करना जरूरी है।

              NIT तिरुचिरापल्ली को NIT त्रिची के नाम से भी जाना जाता है। इंस्टिट्यूट की स्थापना 1964 में हुई थी। यहां डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर की शुरुआत 1980-81 में हुई।

              NIT तिरुचिरापल्ली को NIT त्रिची के नाम से भी जाना जाता है। इंस्टिट्यूट की स्थापना 1964 में हुई थी। यहां डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर की शुरुआत 1980-81 में हुई।

              5. स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली
              1941 में दिल्ली पॉलिटेक्निक में डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर के तौर पर इस कॉलेज की शुरुआत हुई थी। अब स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्टचर एक स्पेशलाइज्ड यूनिवर्सिटी है। इसे शिक्षा मंत्रालय ने डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी का स्टेटस दिया है।

              कोर्सेज – यूनिवर्सिटी से BArch और BPlanning का UG कोर्स कर सकते हैं। वहीं, MArch (आर्किटेक्चरल कंजर्वेशन), MArch (अर्बन डिजाइन), मास्टर्स ऑफ डिजाइन इन इंडस्ट्रियल डिजाइन, मास्टर्स ऑफ प्लानिंग इन एनवायर्नमेंटल प्लानिंग, हाउसिंग, रीजनल प्लानिंग, ट्रांसपोर्ट प्लानिंग, अर्बन प्लानिंग, मास्टर्स ऑफ बिल्डिंग इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, MArch इन लैंडस्केप आर्किटेक्चर और PhD जैसे प्रोग्राम्स कर सकते हैं।

              ऐसे मिलेगा एडमिशन – UG कोर्सेज में 12वीं पास करने के बाद JEE Mains स्कोर के बेसिस पर एडमिशन ले सकते हैं। वहीं, मास्टर्स कोर्स में एडमिशन लेने के लिए GATE या CEED एग्जाम क्वालिफाई करने के बाद एडमिशन ले सकते हैं।

              1959 तक दिल्ली पॉलिटेक्निक के डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर को दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के साथ मर्ज किया गया। 1959 में इंस्टिट्यूट का नाम बदलकर स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर कर दिया गया।

              1959 तक दिल्ली पॉलिटेक्निक के डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर को दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के साथ मर्ज किया गया। 1959 में इंस्टिट्यूट का नाम बदलकर स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर कर दिया गया।

              6. जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI), दिल्ली
              जामिया मिलिया इस्लामिया देश में एकमात्र सेंट्रल यूनिवर्सिटी है जहां आर्किटेक्चर एकिस्टिक्स के लिए डेडिकेटेड डिपार्टमेंट है।

              कोर्सेज – यूनिवर्सिटी से BArch, BArch सेल्फ फाइनेंसिंग, 6 अलग-अलग स्पेशलाइजेशन में MArch, लैंडस्केप डिजाइन, आर्किटेक्चरल कंजर्वेशन, इंस्टिट्यूशन बिल्डिंग के स्पेशलाइज्ड कोर्स और PhD प्रोग्राम में भी एडमिशन ले सकते हैं।

              ऐसे मिलेगा एडमिशन – इन कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए JMI एंट्रेंस टेस्ट, एप्टीट्यूड टेस्ट एंड इंटरव्यू देना होगा।

              इस यूनिवर्सिटी की स्थापना 1920 में हुई थी।

              इस यूनिवर्सिटी की स्थापना 1920 में हुई थी।

              7. सेंटर फॉर एनवायर्नमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी (CEPT), दिल्ली
              CEPT एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी है। यहां आर्किटेक्चर, प्लानिंग, टेक्नोलॉजी, डिजाइन, मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग के अलग-अलग डिपार्टमेंट हैं।

              कोर्सेज – यूनिवर्सिटी से बैचलर्स इन आर्किटेक्चर, बैचलर्स इन डिजाइन, बैचलर्स इन अर्बन डिजाइन, बैचलर्स इन इंटीरियर डिजाइन, बैचलर्स इन सिविल इंजीनियरिंग जैसे कोर्स कर सकते हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी से 14 अलग-अलग स्पेशलाइजेशन में मास्टर्स इन आर्किटेक्चर कोर्स भी कर सकते हैं। प्लानिंग और आर्किटेक्चर में PhD प्रोग्राम भी कर सकते हैं।

              ऐसे मिलेगा एडमिशन – UG कोर्सेज में 12वीं के स्कोर और BArch कोर्स में एडमिशन के लिए NATA एग्जाम के स्कोर के बेसिस पर एडमिशन ले सकते हैं। JEE Mains और GUJCET जैसे एंट्रेंस एग्जाम के स्कोर के आधार पर भी एडमिशन ले सकते हैं। वहीं, मास्टर्स प्रोग्राम में यूनिवर्सिटी लेवल के एंट्रेंस टेस्ट के स्कोर के बेसिस पर एडमिशन ले सकते हैं।

              यूनिवर्सिटी में कुल 6 अलग-अलग डिपार्टमेंट्स हैं। यूनिवर्सिटी में 1962 में स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर और 1972 में फैकल्टी ऑफ प्लानिंग की स्थापना हुई थी।

              यूनिवर्सिटी में कुल 6 अलग-अलग डिपार्टमेंट्स हैं। यूनिवर्सिटी में 1962 में स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर और 1972 में फैकल्टी ऑफ प्लानिंग की स्थापना हुई थी।

              8. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), राउरकेला
              NIT में राउरकेला में इंजीनियरिंग, प्लानिंग, आर्किटेक्चर, साइंस, ह्यूमैनिटीज और मैनेजमेंट के अलग-अलग डिपार्टमेंट हैं।

              कोर्सेज – इंस्टिट्यूट से 5 सालों का BArch कोर्स, PhD और एग्जीक्यूटिव PhD जैसे प्रोग्राम में एडमिशन ले सकते हैं।

              ऐसे मिलेगा एडमिशन – BArch कोर्स में एडमिशन के लिए JEE Mains का पेपर 2 क्वालिफाई करना जरूरी है।

              NIT राउरकेला की स्थापना रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज के तौर पर 1961 में हुई थी।

              NIT राउरकेला की स्थापना रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज के तौर पर 1961 में हुई थी।

              9. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़
              AMU से जुड़े जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में 1998 में डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर की शुरुआत हुई थी।

              कोर्सेज – यूनिवर्सिटी से 3 साल का डिप्लोमा इन इंटीरियर डिजाइन और डिप्लोमा इन आर्किटेक्चर जैसे कोर्स कर सकते हैं।

              ऐसे मिलेगा एडमिशन – इन कोर्सेज में यूनिवर्सिटी लेवल एंट्रेंस टेस्ट AMUEE या NATA के स्कोर के बेसिस पर एडमिशन ले सकते हैं।

              AMU का ये कोर्स काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर और AICTE से अप्रूवड है।

              AMU का ये कोर्स काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर और AICTE से अप्रूवड है।

              10. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IIEST), शिबपुर (हावड़ा)
              IIEST शिबपुर, हावड़ा में 15 से ज्यादा अलग-अलग डिपार्टमेंट्स हैं।

              कोर्सेज – इंस्टिट्यूट से आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग डिपार्टमेंट से 5 सालों के BArch कोर्स कर सकते हैं।

              ऐसे मिलेगा एडमिशन – 12वीं के बाद BArch कोर्स में एडमिशन लेने के लिए JEE Mains का पेपर 2 क्वालिफाई करना जरूरी है।

              IIEST की स्थापना 1856 में हुई थी।

              IIEST की स्थापना 1856 में हुई थी।


                              Hot this week

                              रायपुर : सुकमा में लोकतंत्र की नई शुरुआत

                              बंदूक छोड़ थामा मतदाता परिचय पत्र,अब पुनर्वासित युवा चुनेंगे...

                              Related Articles

                              Popular Categories