पहली बार लोगों को महसूस हुआ कि यह हमारी सरकार है, यही सबसे बड़ी उपलब्धि – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

              • मुख्यमंत्री ‘‘न्याय का गढ़-छत्तीसगढ़’’ कार्यक्रम में हुए शामिल

              रायपुर: मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारी योजनाएं लोगों के विकास पर केन्द्रित है। हमने छत्तीसगढ़ के लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए पिछले साढ़े 4 सालों में काम किया है। हमने छत्तीसगढ़ की संस्कृति को उभारने और उसे पल्लवित करने का काम किया है। हमने छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी है। हमारी नीतियां और कार्यक्रमों से लोगों को पहली बार महसूस हुआ कि यह सरकार हमारी सरकार है, यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। 

              मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज एक निजी समाचार चैनल के कार्यक्रम ‘‘न्याय का गढ़-छत्तीसगढ़’’ में चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने आदिवासी अंचलों में भरोसा पैदा करने के लिए विश्वास, विकास और सुरक्षा की नीति अपनाई। हमने लोहंडीगुड़ा क्षेत्र में लगभग 4200 एकड़ अधिग्रहित भूमि आदिवासियों को वापस लौटाई। शिक्षा के क्षेत्र में बंद पड़े लगभग 300 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया। बच्चों को शिक्षा देने के लिए 16 प्रकार की भाषा-बोली को लिपिबद्ध कर उसका शब्दकोष बनाया और स्कूलों में बच्चों को स्थानीय भाषा में पढ़ा रहे हैं। 

              मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि कृषि बाहुल्य छत्तीसगढ़ प्रदेश में हमारी नीतियों से अन्नदाता खुश हैं। किसानों के हित में चलाए जा रहे कार्यक्रमों से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। खेती-किसानी कार्य में पहले किसानों को सोना-चांदी गिरवी रखना पड़ता था, आज स्थिति यह है कि हमारी सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों का लाभ उठाकर वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, बल्कि सोना-चांदी भी खरीद रहे हैं। यही वजह है कि यहां खेती-किसानी का रकबा बढ़ा है, उत्पादन बढ़ा है और किसानों की संख्या में वृद्धि हुई है। हमारी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की वजह से गांव-गरीब किसान खुशहाल हैं और प्रदेश की सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है। 

              मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेजने और संवारने का कार्य किया है। चंदखुरी में माता कौशल्या के मंदिर निर्माण के साथ ही सौदर्यीकरण और प्रदेश में राम वन गमन पर्यटन परिपथ को विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति का टापू रहा है। यहां सभी एक दूसरे का आदर और सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पुरखों का संदेश देशभर में जाना चाहिए। इस तरह प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास को गति देते हुए लोगों के उत्थान के कार्य किए जा रहे हैं। 

              मुख्यमंत्री श्री बघेल ने न्याय का गढ़-छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से भेंट-मुलाकात स्वरूप विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से बातचीत भी की। इनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती साधना देवांगन, स्वामी आत्मानंद स्कूल महोबा बाजार कक्षा 10वीं की छात्रा कुमारी अंजलि वर्मा, डेयरी व्यवसायी और गोधन न्याय योजना के लाभार्थी श्री शुभम गौतम तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा के प्रदेश अध्यक्ष श्री इतवारी राम बैगा से आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान छात्रा कुमारी अंजलि के आग्रह पर स्वामी आत्मानंद स्कूल में बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा भी की।


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