विदेश मंत्री जयशंकर बोले- यूक्रेन जंग पर भारत को निशाना बनाना गलत, हम बातचीत के हिमायती; ट्रम्प ने रूसी तेल खरीदने की वजह से 25% टैरिफ लगाया

              नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फिनलैंड के विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत में कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत को गलत तरीके से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत हमेशा शांति और बातचीत की वकालत करता रहा है।

              उन्होंने X पर लिखा- आज फिनलैंड के विदेश मंत्री से फोन पर बात हुई। हमने यूक्रेन जंग और इसके असर पर बात की। इस मामले में भारत को गलत तरीके से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। हम बातचीत और डिप्लोमेसी के पक्ष में हैं।

              दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प भारत पर रूसी तेल खरीद की वजह से 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया है। ट्रम्प का कहना है कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है, जिस वजह से पुतिन को यूक्रेन जंग जारी रखने में मदद मिल रही है।

              रूसी राष्ट्रपति से मिलने वाले हैं पीएम मोदी

              भारतीय विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पीएम मोदी SCO समिट में शामिल होने चीन पहुंचे हैं। यहां वो चीनी SCO समिट से इतर पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।

              इस दौरान राष्ट्रपति पुतिन के दिसंबर में भारत दौरे के प्रोग्राम पर भी चर्चा होगी। चीन में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक SCO समिट की बैठक होने वाली है। इसमें 20 से ज्यादा देशों के नेता शामिल होंगे।

              इससे पहले पीएम मोदी ने जापान के अखबार ‘द योमिउरी शिम्बुन’ से कहा कि भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध में निष्पक्ष और मानवीय रुख अपनाया है, जिसकी पुतिन और जेलेंस्की दोनों ने सराहना की है। भारत बातचीत और डिप्लोमेसी को बढ़ावा देता है।

              पीएम मोदी 2018 के बाद SCO समिट में शामिल होने चीन पहुंचे हैं।

              पीएम मोदी 2018 के बाद SCO समिट में शामिल होने चीन पहुंचे हैं।

              पीएम मोदी ने कल जेलेंस्की से फोन पर बात की

              पीएम मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने शनिवार को फोन पर बात की। जेलेंस्की ने यूक्रेन में चल रहे हालातों के बारे में जानकारी दी। वहीं, पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा शांति की पक्षधर है। उन्होंने यूक्रेन में जल्द से जल्द शांति लाने के लिए हर तरह की मदद करने का वादा किया।

              प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बताया कि भारत शांति के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा और यूक्रेन में स्थिरता लाने में सहयोग देगा।

              वहीं, जेलेंस्की ने कहा- मैंने पीएम मोदी से बात की। मैंने उन्हें वॉशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रम्प और यूरोपीय नेताओं के साथ हुई बातचीत के बारे में बताया। यूक्रेन रूस के साथ शांति वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन रूस ने कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिया।

              पीएम मोदी ने यूक्रेन को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी थी

              इससे पहले पीएम मोदी ने 26 अगस्त को यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस पर लेटर लिखकर जेलेंस्की को बधाई दी थी। पीएम मोदी ने लेटर में लिखा था- मुझे पिछले साल कीव की यात्रा बहुत अच्छी लगी थी। तब से भारत और यूक्रेन के रिश्ते और बेहतर हुए हैं। भारत हमेशा शांति के पक्ष में है।

              इसके जवाब में जेलेंस्की ने कहा था कि भारत शांति और बातचीत के लिए पूरी तरह समर्पित है। इस भयानक युद्ध को शांति से खत्म करने के लिए दुनिया कोशिश कर रही है और हम भारत की मदद चाहते हैं।

              रूसी हमले में यूक्रेन का सबसे बड़ा जहाज डूबा

              रूस-यूक्रेन बातचीत से इतर एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। यूक्रेनी नेवी का सबसे बड़ा जहाज सिम्फेरोपोल गुरुवार को रूस के समुद्री ड्रोन हमले में डूब गया।

              यह जहाज पिछले 10 साल में यूक्रेन का सबसे बड़ा जहाज था। यह लैगून-क्लास जहाज (तटीय इलाके का जहाज) था, जिसे जासूसी के लिए बनाया गया था। ड्रोन हमला यूक्रेन के ओडेसा इलाके में डेन्यूब नदी के पास हुआ।

              रिपोर्ट में कहा गया है कि यह पहली बार है जब रूस ने समुद्री ड्रोन से यूक्रेन के जहाज को तबाह किया। एक ड्रोन एक्सपर्ट्स ने इसे रूस की बड़ी कामयाबी बताया है। यूक्रेन ने भी जहाज पर हमले की पुष्टि की है।


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