झारखंड के पूर्व CM शिबू सोरेन का निधन, दिल्ली से रांची लाया गया पार्थिव देह, रामगढ़ में कल अंतिम संस्कार किया जाएगा, छोटे बेटे बसंत सोरेन मुखाग्नि देंगे

          दिल्ली: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर दिल्ली से रांची लाया गया। शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर एयरपोर्ट से सीधे मोराबादी आवास लाया गया। कल यानी मंगलवार को रामगढ़ के नेमरा गांव में दोपहर 12 बजे शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

          इसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष खड़गे और राहुल गांधी शामिल होंगे। छोटे बेटे बसंत सोरेन उन्हें मुखाग्नि देंगे।

          राष्ट्रपति और PM मोदी ने गंगाराम अस्पताल पहुंचकर शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे, मीसा भारती, मनोज झा और RJD के कई नेताओं ने भी अस्पताल में परिवार से मुलाकात की।

          दिशोम गुरुजी के नाम से प्रसिद्ध सोरेन ने आज सुबह दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे 81 साल के थे।

          सोरेन पिछले डेढ़ महीने से अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ था। इससे उनके शरीर के बायीं ओर पैरालिसिस हो गया था। वे पिछले एक महीने से लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और नेफ्रोलॉजी के डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही थी।

          शिबू सोरेन लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे। वे बीते एक साल से डायलिसिस पर थे। उन्हें डायबिटीज थी और हार्ट की बायपास सर्जरी भी हो चुकी थी। बीते कुछ दिनों से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी।

          दिल्ली में गंगाराम अस्पताल पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी ने शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी।

          दिल्ली में गंगाराम अस्पताल पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी ने शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी।

          झारखंड में 3 दिन का राजकीय शोक

          शिबू सोरेन के निधन पर झारखंड सरकार ने 3 दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है। JMM प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने दैनिक भास्कर को बताया कि शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर आज सोमवार शाम 5-6 बजे तक रांची लाया जाएगा।

          UPA कार्यकाल में रहे थे कोयला मंत्री

          शिबू सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक संरक्षक थे। वह यूपीए के पहले कार्यकाल के दौरान कोयला मंत्री रह चुके थे।

          हालांकि चिरूडीह हत्याकांड में नाम आने के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्रीमंडल से इस्तीफा दे दिया था।

          31 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अस्पताल पहुंचीं थी और हेमंत सोरेन से पिता शिबू सोरेन का हाल जाना था।

          31 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अस्पताल पहुंचीं थी और हेमंत सोरेन से पिता शिबू सोरेन का हाल जाना था।

          13 साल में हुई थी पिता की हत्या

          81 साल के दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जन्म वर्तमान रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड के नेमरा में 11 जनवरी 1944 को हुआ। गांव के ही स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा लिए दिशोम गुरु का जीवन संघर्षों भरा रहा है।

          महज 13 साल की उम्र के थे, जब उनके पिता की हत्या महाजनों ने कर दी। इसके बाद शिबू सोरेन ने पढ़ाई छोड़ दी और महाजनों के खिलाफ संघर्ष का फैसला किया।

          पहली बार जब CM बने, 10 दिन में गिर गई सरकार

          शिबू सोरेन 2 मार्च 2005 को पहली बार झारखंड के CM बने, लेकिन बहुमत साबित नहीं कर पाने के कारण दस दिन में ही उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

          27 अगस्त 2008 को शिबू सोरेन दूसरी बार झारखंड के CM बने। इस बार वे विधायक नहीं थे। इस कारण छह महीने में उन्हें चुनाव जीतकर विधानसभा का सदस्य बनना था।

          पांच महीने बाद 2009 में उपचुनाव हुआ। शिबू को एक सुरक्षित सीट की जरूरत थी, लेकिन कोई भी उनके लिए सीट छोड़ने को तैयार नहीं था। जो विधायक सीट छोड़ने को तैयार थे, वो मुश्किल सीट थी।

          तमाड़ विधानसभा में उपचुनाव का ऐलान हुआ। UPA ने गठबंधन की ओर से शिबू का नाम रखा, लेकिन शिबू वहां से चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे।

          शिबू जानते थे कि तमाड़ मुंडा बहुल है। वहां शिबू काे मुश्किल हो सकती है। मजबूरी में शिबू सोरेन ने पर्चा दाखिल कर दिया। विरोधी के रूप में झारखंड पार्टी के राजा पीटर मैदान में थे।

          8 जनवरी 2009 को परिणाम आया तो CM शिबू सोरेन करीब 9 हजार वोट से उपचुनाव हार गए थे। आखिर में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

          पिता शिबू सोरेन के साथ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। (फाइल)

          पिता शिबू सोरेन के साथ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। (फाइल)

          3 बार के कार्यकाल में सिर्फ 10 महीने सरकार चलाई

          तीन बार के कार्यकाल में शिबू सोरेन को 10 महीना 10 दिन ही राज्य की कमान संभालने का मौका मिला। शिबू सोरेन पहली बार सिर्फ 10 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने थे।

          इसके बाद शिबू सोरेन दूसरी बार 28 अगस्त 2008 को झारखंड के मुख्यमंत्री बने। इस बार उन्हें पांच महीने तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने का मौका मिला। उन्होंने 18 जनवरी 2009 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

          फिर तीसरी बार 30 दिसंबर 2009 को शिबू सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री बने। इस बार उनका कार्यकाल सिर्फ पांच महीने का रहा। उन्होंने 31 मई 2009 को मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।



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