हरियाणा: मानव हत्याकांड- एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के कारण मर्डर की आशंका, जिसे पत्नी बताया, वह लिवइन पार्टनर निकली, करनाल पुलिस बोली- जल्द खुलासा करेंगे

          हरियाणा: करनाल के मानव हत्याकांड की जांच अब दिल्ली पुलिस के हाथ में पहुंच गई है। पुलिस इस मामले को हर एंगल से खंगाल रही है, जिसमें ट्रांसपोर्टर की भूमिका और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का पहलू भी शामिल है। शुरुआती जांच में पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं।

          पुलिस सूत्रों के अनुसार, मानव का दिल्ली में ही किसी महिला के साथ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर था। इस अफेयर का पता महिला के ट्रांसपोर्टर पति को चल गया था। सूत्रों के मुताबिक, 15 मई को भी मानव उस महिला से मिलने वाला था। मगर, उससे पहले ही मानव को होटल के बाहर से ही उठा लिया गया। आरोप है कि इसके बाद उसकी हत्या कर शव को करनाल में झाड़ियों में फेंक दिया गया। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने अभी तक इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

          वहीं, होशियारपुर के रहने वाले मानव की मां मंजू ने मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि मानव ने अभी तक शादी नहीं की थी, वह रेशमी के साथ लिव-इन में रह रहा था। वे दोनों जल्द ही मलेशिया में कोर्ट मैरिज करने वाले थे। उन्हें एजेंट हैप्पी पर भी शक है।

          उधर, करनाल पुलिस का कहना है कि सभी एंगल से जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

          शव की पहचान होने के बाद मानव की मां मंजू बाला करनाल पहुंची थीं। (फाइल)

          जानिए मीडिया को मानव की मां मंजू ने क्या बताया…

          रिपोर्टर: मानव और रेशमी की मुलाकात कब हुई थी?

          महिला: जब मानव 2017 में मलेशिया गया था।

          रिपोर्टर: इन्होंने शादी की थी या लिव-इन में रह रहे थे?

          महिला: इन्होंने हमें नहीं बताया था। ये लिव-इन में ही रहते थे।

          रिपोर्टर: दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर राजू कुमार बोल रहे हैं कि इसमें कोई ट्रांसपोर्टर का रोल है?

          महिला: नहीं, नहीं। कोई ट्रांसपोर्टर नहीं है इसमें।

          रिपोर्टर: पुलिस ये बोल रही है कि मानव का किसी से अफेयर था, ट्रांसपोर्टर की कोई वाइफ है। उसी चक्कर में ये सब हुआ?

          महिला: दिल्ली पुलिस वालों को मैंने फोन किया था। उसके बाद वो मुझे वसंत कुंज थाने में ले गए।

          महिला: वहां पर वो बहाने कर रहे थे कि ये हो रहा है, वो हो रहा है। उन्होंने मुझे बिठा रखा था। कभी गाड़ी इधर लेकर जा रहे हैं, रेस्टोरेंट का कैमरा देखने। जब हम लोग दिखा रहे हैं कि मेरा बेटा अपनी बाइक पर बैठता है, तो बाइक का नंबर तो आ नहीं रहा। इन्होंने एक चौराहे का कैमरा दिखाया। दिल्ली वालों ने तो मेरा साथ ही नहीं दिया।

          रिपोर्टर: मानव थाईलैंड में कितने साल रहा?

          महिला: वो थाईलैंड में नहीं रहा, वह मलेशिया में था। थाईलैंड का बॉर्डर पार करके कभी-कभी चला जाता था।

          रिपोर्टर: अच्छा, तो वहां से डिपोर्ट कर दिया था क्या?

          महिला: हां जी।

          बेटे से लिपटकर रोती रेशमी। रेशमी के साथ मानव लिवइन में रह रहा था। अब दोनों मलेशिया में कोर्ट मैरिज करने वाले थे।

          बेटे से लिपटकर रोती रेशमी। रेशमी के साथ मानव लिवइन में रह रहा था। अब दोनों मलेशिया में कोर्ट मैरिज करने वाले थे।

          रिपोर्टर: अब इनको कोर्ट मैरिज करनी थी मलेशिया में?

          महिला: अब मैं झूठ क्यों बोलूं? ऐसा ही है। मैं बताती हूं- मेरे को फोन 18 मई को आता है। मैंने सोचा शायद मेरा बेटा जिंदा है, मिल गया। मैं चाय पीने बैठ गई। मैंने कहा, “मैं चाय पी लेती हूं, फिर आती हूं।”

          महिला: तो मैंने अक्षय सर को फिर फोन किया। मैंने कहा, “सर, मेरे को सीधा बता दो, बेटा जिंदा है या मुर्दा?” वो कहते हैं, “नहीं है।” मैंने कहा, “सर, मेरे को गाड़ी कर दो।” वो कहते हैं कि “आप बस से चले जाओ।” फिर मैंने कहा, “मेरे साथ कौन जाएगा?” वो कहते हैं, “कोई नहीं जाएगा।” अब आप मेरे को बताओ, फिर मैं क्या करूं? जो मर्जी कहें वो।

          रिपोर्टर: तो सारा मामला हैप्पी को पता है। जब हैप्पी चेता रहा है कि बाहर नहीं निकलना…

          महिला: जी हां। हैप्पी की बात इनसे हो रही है। एजेंट हैप्पी बार-बार मानव को बाहर न निकलने की बात कह रहा था। 9 बजकर 24 मिनट पर कॉल आई थी, जिसमें मानव ने कहा कि वह डॉक्यूमेंट पर साइन करने जा रहा है और थोड़ी देर में लौट आएगा। क्यों नहीं उसकी वॉट्सएप डिटेल निकाल रहे ये?

          रिपोर्टर: फिर आगे?

          महिला: उन्होंने एफआईआर दर्ज करवाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कहा कि केस दर्ज ही नहीं हुआ। इसके बाद दिल्ली से करनाल के मधुबन थाने में आई, वहां के इंस्पेक्टर ने हमारा इतना साथ दिया कि मैं बता नहीं सकती।

          रिपोर्टर: सारे दस्तावेज ले गए, कुछ मिला उसके पास?

          महिला: कोई आइडेंटिटी भी नहीं छोड़ी इन्होंने। होटल में अगर उसने अपने आधार कार्ड की कॉपी न दी होती, तो मेरे को तो लाश भी नहीं मिलनी थी सर।

          महिला: वहां से मैंने फोटो मंगवाई, फिर सर को दी, फिर हमने देखा। पहचान हो गई, सब कुछ हो गया। फिर आई बारी पोस्टमॉर्टम की।

          रिपोर्टर: आप मानव के साथ ही थे होटल में दिल्ली में उस टाइम?

          महिला: जी हां। उसी होटल में रुकी थी।

          रिपोर्टर: और लास्ट टाइम कब बात हुई है आपकी? क्या कुछ बोला मानव ने आपको?

          महिला: मानव की बात मेरे साथ 1:12 तक होती रही। उसने लोकेशन भेज रखी थी कुंडली की। मैंने इन लोगों को सब कुछ दिया कुंडली का।

          रिपोर्टर: जब कुंडली बॉर्डर तक ले गया, वहां तक की लोकेशन थी?

          महिला: हां, मैंने यही कह रखा है, कुंडली गया है, कुंडली की लोकेशन है।

          रिपोर्टर: पोस्टमॉर्टम को लेकर क्या इश्यू है?

          महिला: ये करनाल पुलिस वाले कहते हैं कि दिल्ली वालों ने पोस्टमॉर्टम करवाना है। दिल्ली वाले कह रहे हैं कि करनाल से होना है। मेरे बेटे की मौत को चार दिन तो कल ही हो चुके हैं, हमें कितनी परेशानी आई, ये हम लोग जानते हैं।

          रिपोर्टर: किसी पर अगर शक हो आप लोगों को, क्या कुछ है, किसी से कोई रंजिश है क्या मानव की?

          महिला: नहीं सर, कोई रंजिश नहीं, कुछ नहीं।

          रिपोर्टर: मानव मलेशिया से जनवरी में आया था क्या?

          महिला: वो 25 फरवरी को आया था।

          16 मई को करनाल के बसताड़ा में मानव का शव मिला था। (फाइल)

          16 मई को करनाल के बसताड़ा में मानव का शव मिला था। (फाइल)

          सिलसिलेवार पढ़ें…होटल से लापता होने से शव मिलने तक

          • दिल्ली होटल से बुलाकर ले गए युवक: होशियारपुर के सांदरा गांव निवासी मानव (33) 14 मई को परिवार के साथ दिल्ली पहुंचा था। 15 मई की सुबह उसकी पत्नी रेशमी और जुड़वां बेटे मलेशिया के लिए रवाना हो गए। मानव अपनी मां के साथ होटल में ठहरा हुआ था। उसी रात 11 बजकर 30 मिनट की उसकी थाईलैंड फ्लाइट थी।
          • दस्तावेजों के बहाने साथ ले गए दो युवक : मंजू के अनुसार 15 मई की शाम करीब 8 से साढ़े 8 बजे के बीच दो युवक होटल पहुंचे, जिनमें एक सरदार था। दोनों ने खुद को एजेंट के भेजे हुए बताते हुए कुछ दस्तावेजों पर साइन करवाने की बात कही। वे मानव को अपने साथ ले गए और 10-15 मिनट में वापस लाने का भरोसा दिया, लेकिन वह वापस नहीं लौटा।
          • रात 1:40 बजे तक फोन चालू, फिर हुआ बंद: परिजनों के अनुसार 15 मई की रात करीब 1 बजकर 40 मिनट तक मानव का फोन चालू था और मां से बात भी हुई। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। परिवार ने अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
          • 16 मई को करनाल में मिला शव : 16 मई की सुबह करीब 7 बजकर 30 मिनट पर करनाल में झाड़ियों में एक युवक का शव मिला। उस समय उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। पुलिस ने शव की फोटो अलग-अलग थानों में भेजी। बाजू पर अंग्रेजी में ‘गोल्डी’, ‘लक्की’ और ‘आदी’ लिखा हुआ था और हाथ में कड़ा था। इन निशानों के आधार पर 18 मई को शव की पहचान मानव के रूप में हुई और परिवार को सूचना दी गई।
          • शव के साथ नहीं मिला फोन और पर्स : मंजू के अनुसार मानव के पास आईफोन, मलेशिया का ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम कार्ड और जरूरी दस्तावेज थे, लेकिन शव मिलने के समय ये सामान नहीं मिला। उसकी जेब में सिर्फ तीन हजार रुपए नकद मिले। ऐसे में लूट की आशंका भी जताई जा रही है।
          • रेशमी से आखिरी बातचीत भी अहम : मानव के साथ 9 साल से लिव-इन में रह रही रेशमी ने बताया कि 15 मई की सुबह मानव उन्हें और बच्चों को एयरपोर्ट छोड़कर होटल लौट गया था। रात 11 बजकर 50 मिनट तक उनकी मानव से बात हुई थी, जिसके बाद फोन बंद हो गया। बाद में सास से मानव के लापता होने की जानकारी मिली। 18 मई की रात वह बच्चों के साथ भारत लौट आई।
          • मलेशिया में बसाया था परिवार : मानव करीब 10 साल पहले मलेशिया गया था, जहां उसने एक साल बाद रेशमी से लिवइन में रहना शुरू कर दिया था। उनके जुड़वां बेटे हैं, जिनकी उम्र करीब साढ़े छह साल है। दोनों पति-पत्नी मलेशिया में ड्राइविंग का काम करते थे और मानव ट्रक चलाता था। जनवरी में वह परिवार के साथ होशियारपुर आया था और अब वापस लौटने की तैयारी में था।

          पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

          वसंत कुंज थाना के SHO राजीव कुमार ने बताया कि मामले में कुछ अहम सबूत मिले हैं। ट्रांसपोर्टर की भूमिका के सवाल पर उन्होंने कहा कि जांच में कुछ पहलू सामने आए हैं, लेकिन अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के एंगल पर भी जांच जारी है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।



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