कठुआ: जम्मू-कश्मीर के कठुआ में शुक्रवार शाम सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर उस्मान को मार गिराया। एनकाउंटर बिलावर इलाके में हुआ। यहां आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, उस्मान पिछले 3-4 साल से अन्य आतंकवादियों के साथ डोडा-उधमपुर-कौथा इलाके में एक्टिव था। एनकाउंटर की साइट से अमेरिका में बनी M4 राइफल, हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ।
सूत्रों के मुताबिक सुरक्षाबलों और उस्मान का इससे पहले कठुआ, डोडा, बसंतगढ़, उधमपुर में भी आमना-सामना हुआ, लेकिन वो हर बार बच कर निकल जाता था। इस पर सुरक्षाबलों ने उसे ढेर कर दिया। आईजीपी जम्मू ने भी उस्मान के मारे जाने की पुष्टि की है।
पिछले हफ्ते सुरक्षाबलों की जॉइंट टीम ने बिलावर इलाके में ही आतंकियों के 3 ठिकानों का भंडाफोड़ किया था। मौके से कई चीजें बरामद की गईं थीं। आज से पहले 7 जनवरी और 13 जनवरी को भी बिलावर इलाके के ही कहोग और नजोत जंगलों में सुरक्षाबलों और आतंकियों की मुठभेड़ हुई थी।

जैश कमांडर उस्मान पिछले 4 साल से डोडा-उधमपुर-कौथा इलाके में एक्टिव था।

तस्वीर 16 जनवरी की है। सुरक्षाबलों ने कठुआ के बिलावर सेक्टर में आतंकी ठिकाने का पता लगाया था।
18 जनवरी: ग्रेनेड हमले में जवान शहीद

किश्तवाड़ में रविवार को घायल हवलदार गजेंद्र सिंह की सोमवार को मौत हो गई।
18 जनवरी को किश्तवाड़ के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों की मुठभेड़ हुई थी। आतंकियों के ग्रेनेड हमले में 8 जवान घायल हुए थे।
19 जनवरी को एक जवान हवलदार गजेंद्र सिंह इलाज के दौरान शहीद हुए थे। किश्तवाड़ के तरू बेल्ट में मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में ऑपरेशन त्राशी-1 जारी है।
यहां भी जैश के 2-3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस में SOG के जवान अमजद पठान की 15 दिसंबर को आतंकियों से मुठभेड़ में मौत हुई थी।
16 दिसंबर: एक जवान शहीद, 2 घायल

16 दिसंबर 2025 को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में मजालता क्षेत्र के सोहन गांव के पास लगातार दूसरे दिन को आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच एनकाउंटर हुआ था। आतंकियों की गोलीबारी में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के दो जवान घायल हुए थे। एक दिन पहले हुई मुठभेड़ में जम्मू-कश्मीर पुलिस का जवान शहीद हुआ था।
सेना का आतंकवाद विरोधी अभियान जारी
सेना ने दिसंबर 2025 में जम्मू क्षेत्र के जंगलों में आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मकसद वहां छिपे करीब तीन दर्जन आतंकियों को बाहर निकालना है। इसके लिए सेना की और से लगातार आतंकियों की तलाश की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि गणतंत्र दिवस को देखते हुए सुरक्षा अभियान और तेज कर दिए गए हैं, ताकि कोई गड़बड़ी न हो और समारोह शांति से मनाया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा था कि खुफिया एजेंसियों से जानकारी मिली है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलर इस इलाके में और आतंकियों को भेजने की कोशिश कर रहे हैं।

(Bureau Chief, Korba)





