KORBA : सेवा की कहानी : 200 चूजों से संवरा जीवन, मुर्गी पालन ने प्रेम सिंह पैकरा को बनाया आत्मनिर्भर

        कृषि और मजदूरी की सीमित आमदनी से आगे बढ़कर कुक्कुट पालन को बनाया मजबूत आजीविका का साधन

        कोरबा (BCC NEWS 24): मेहनत करने के बावजूद जब आमदनी इतनी सीमित हो कि परिवार की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो, तब किसी नई आजीविका की शुरुआत जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकती है। ग्राम खैरा बहार, विकासखंड पाली निवासी 50 वर्षीय श्री प्रेम सिंह पैकरा के जीवन में भी ऐसा ही बदलाव छत्तीसगढ़ राज्य कुक्कुट पालन प्रोत्साहन योजना के माध्यम से आया। कभी पारंपरिक कृषि और मजदूरी पर निर्भर रहने वाले प्रेम सिंह आज कुक्कुट पालन के माध्यम से अपनी आय बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहे हैं। योजना का लाभ मिलने से पहले प्रेम सिंह की आर्थिक स्थिति सामान्य थी। कृषि और मजदूरी से होने वाली सीमित आमदनी से परिवार का भरण-पोषण करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। परिवार कच्चे मकान में रहता था और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त आय के किसी स्थायी साधन की आवश्यकता महसूस होती थी।

        इसी दौरान पशुधन विकास विभाग से उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य कुक्कुट पालन प्रोत्साहन योजना की जानकारी मिली। योजना के अंतर्गत विभाग द्वारा उन्हें 200 चूजे, 21 हजार 600 रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा कुक्कुट पालन के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए। विभागीय मार्गदर्शन और अपनी मेहनत से प्रेम सिंह ने कुक्कुट पालन को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया। कुक्कुट पालन से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। जहां पहले उनकी वार्षिक आय लगभग 20 हजार रुपये थी, वहीं अब यह बढ़कर करीब 53 हजार रुपये हो गई है। कुक्कुट पालन से उन्हें नियमित रूप से नकद आमदनी प्राप्त होने लगी, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में आसानी होने लगी।

        आय में वृद्धि का असर उनके जीवन स्तर पर भी दिखाई देने लगा। कभी कच्चे मकान में रहने वाले प्रेम सिंह ने अपनी मेहनत और कुक्कुट पालन से प्राप्त आय के सहारे अपने मकान को पक्का और सुसज्जित बनाया। बेहतर आवास के साथ परिवार की सामाजिक स्थिति में भी सुधार आया और भविष्य को लेकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा। प्रेम सिंह पैकरा बताते हैं कि “पहले कृषि और मजदूरी से परिवार चलाना मुश्किल होता था। कुक्कुट पालन योजना से चूजे, प्रोत्साहन राशि और जरूरी सामान मिला। मैंने मेहनत से इस काम को आगे बढ़ाया, जिससे मेरी आय बढ़ी और मैं अपने कच्चे मकान को पक्का बना सका। अब कुक्कुट पालन मेरे परिवार की आय का महत्वपूर्ण साधन बन गया है।” प्रेम सिंह की यह कहानी बताती है कि शासकीय योजनाओं का लाभ यदि सही मार्गदर्शन और मेहनत के साथ लिया जाए तो वह व्यक्ति की आर्थिक स्थिति बदलने का मजबूत माध्यम बन सकता है। पशुधन विकास विभाग की सहायता से शुरू हुआ कुक्कुट पालन आज उनके परिवार के लिए अतिरिक्त आय का जरिया ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और बेहतर जीवन की नई राह बन गया है।



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