Saturday, February 21, 2026

              KORBA : SECL की कुसमुंडा परियोजना में ठेका मजदूर की मौत, चालू कन्वेयर लाइन में फंसा ठेका कर्मी, एक महीने में 2 लोगों की गई जान

              KORBA: कोरबा के SECL की मेगा परियोजना कुसमुंडा की ठेका कंपनी में एक मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कंपनी प्रबंधन चालू कन्वेयर लाइन पर ठेका मजदूर से काम कराया जा रहा था। इस लापरवाही के कारण कन्वेयर में फंसकर उसकी मौत हो गई।

              हादसे के बाद सहकर्मियों का आक्रोश भड़क उठा। उन्होंने काम बंद आंदोलन शुरू कर दिया। मृत ठेका कर्मी के आश्रित को रोजगार, पेंशन आश्वासन और तात्कालिक सहायता राशि प्रदान किए जाने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।

              साइलो से कोयला मालगाड़ी के डिब्बों में भरा जाता है

              एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना में कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से कोयला साइलो बंकर तक जाता है। साइलो से कोयला मालगाड़ी के डिब्बों में भरा जाता है। सामंता कंपनी के द्वारा साइलो बंकर और पूरा सेटअप तैयार किया गया है।

              कोरबा के SECL की मेगा परियोजना कुसमुंडा की ठेका कंपनी में एक मजदूर की मौत हो गई।

              कोरबा के SECL की मेगा परियोजना कुसमुंडा की ठेका कंपनी में एक मजदूर की मौत हो गई।

              ठेका मजदूरों के माध्यम से देख रेख का कार्य

              इसे बनाने के बाद इसके संचालन की वर्तमान जिम्मेदारी भी सामंता कंपनी ही संभाल रही है। कंपनी में कुसमंडा अंतर्गत खम्हरिया निवासी छेदीलाल यादव (47 वर्ष) कार्यरत था। सामंता कंपनी द्वारा कन्वेयर बेल्ट सेक्शन में ठेका मजदूरों के माध्यम से देख रेख का कार्य लिया जाता है।

              कोरबा के SECL की मेगा परियोजना कुसमुंडा में मौत के बाद प्रदर्शन।

              कोरबा के SECL की मेगा परियोजना कुसमुंडा में मौत के बाद प्रदर्शन।

              बेलचे के द्वारा कन्वेयर में भरने का काम

              कन्वेयर बेल्ट में कोयला भेजने के दौरान कोई बड़ा पत्थर या सामान आने की स्थिति में ठेका मजदूरों द्वारा उसे हटाया जाता है। इसके अलावा कन्वेयर बेल्ट के किनारे गिरे कोयले को भी बेलचे के द्वारा कन्वेयर में भरने का काम किया जाता है।

              कर्मियों ने काम बंद आंदोलन शुरू कर दिया

              जानकार बताते हैं कि इस दौरान कन्वेयर बेल्ट का कर्मियों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए काम बंद आंदोलन शुरू कर दिया। काफी देर तक आंदोलनकारी कर्मियों को समझाइश देने का प्रयास किया जाता रहा।

              कुसमुंडा पुलिस मौके पर पहुंची

              इस दौरान कुसमुंडा पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। काफी देर तक हंगामा होता रहा। अंततः मुआवजा, पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त किया गया। कंपनी ने मृतक की पत्नी को 17 हजार रुपए पेंशन देने का लिखित आश्वासन दिया है।

              11 लाख रुपए नगद परिजनों को दिया गया

              एक माह पूर्व भी हादसा हुआ था, जिसमें एक मजदूर की जान चली गई थी। कंपनी ने तत्काल सहायता राशि के रूप में 11 लाख रुपए परिजनों को दिया था।


                              Hot this week

                              रायपुर : पत्थरों में दर्ज इतिहास : जहाँ हर पत्थर कहती है एक कहानी

                              जांजगीर का रहस्यमयी विष्णु मंदिर, कलचुरी काल की अमर...

                              KORBA : राजनैतिक दलों की बैठक कल

                              कोरबा (BCC NEWS 24): भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य...

                              Related Articles

                              Popular Categories