कोरबा: साइकिल के पहियों पर स्कूल तक पहुंचते सपने

            मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना से कुम्हारीसानी की बेटियों के लिए हायर सेकेंडरी स्कूल की राह हुई सुगम

            कोरबा (BCC NEWS 24): पोंड़ी-उपरोड़ा विकासखंड का दूरस्थ ग्राम कुम्हारीसानी जिला मुख्यालय से लगभग 100 से 110 किलोमीटर दूर है। यहां कई परिवार खेती-किसानी पर निर्भर हैं। गांव से हायर सेकेंडरी स्कूल की दूरी करीब 6 से 7 किलोमीटर है। रास्ते कहीं ऊबड़-खाबड़ हैं, कहीं चढ़ाई-उतार और जंगल के बीच से गुजरते हैं। ऐसे में रोज स्कूल आना-जाना छात्राओं के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है।

            दूरी के कारण पहले कई बालिकाएं मिडिल स्कूल के बाद आगे पढ़ाई जारी नहीं रख पाती थीं। स्कूल में दाखिले के साथ आगे पढ़ने और कुछ बनने का सपना देखने वाली छात्राओं के लिए रास्ते की कठिनाइयां बड़ी बाधा बन जाती थीं। मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना ने स्कूल तक पहुंचना आसान बनाया है और छात्राओं को पढ़ाई जारी रखने का संबल दिया है।

            कुम्हारीसानी की साधना कक्षा 11वीं में पढ़ रही हैं। उनके पिता खेती-किसानी करते हैं। कक्षा 9वीं में मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के तहत निःशुल्क साइकिल मिलने से साधना के लिए पसान स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल तक पहुंचना आसान हुआ। कठिन रास्तों के बावजूद अब वे नियमित रूप से स्कूल जा पाती हैं और अपनी पढ़ाई जारी रख रही हैं। साधना आगे पढ़कर अपने सपनों को साकार करना चाहती हैं।

            गांव की मनीषा भी कक्षा 11वीं में वाणिज्य विषय की पढ़ाई कर रही हैं। उनका परिवार भी खेती-किसानी से जुड़ा है। वे सुबह साइकिल से स्कूल के लिए निकलती हैं और छुट्टी के बाद उसी से घर लौटती हैं। घाट और टेढ़े-मेढ़े रास्तों पर साइकिल उनके रोज के सफर को सुविधाजनक बनाती है। छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9वीं की पात्र बालिकाओं को निःशुल्क साइकिल दी जाती है, ताकि स्कूल की दूरी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने। साधना और मनीषा जैसी छात्राओं के लिए यह साइकिल नियमित रूप से स्कूल पहुंचने और हायर सेकेंडरी स्तर तक शिक्षा जारी रखने में मददगार है। जरूरत पड़ने पर परिवार के अन्य सदस्य भी इसका उपयोग करते हैं। साइकिल मिलने से कुम्हारीसानी की इन छात्राओं के लिए स्कूल का रास्ता सुगम हुआ है। वे अपनी पढ़ाई और भविष्य के सपनों की ओर लगातार आगे बढ़ रही हैं। छात्राओं और उनके परिवारों ने इस सहयोग के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।


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