रिहायशी क्षेत्रों से हाथियों को दूर रखने वन विभाग की टीमें रहें सतर्क: कलेक्टर
मुआवजा प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर विकसित करने के दिए निर्देश
कोरबा (BCC NEWS 24): कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम, हाथी प्रभावित परिवारों के मुआवजा प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा हाथियों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन, विद्युत, राजस्व, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मानव-हाथी द्वंद्व की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने वन विभाग की हाथी निगरानी टीमों को पूरी सतर्कता एवं मुस्तैदी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि हाथियों को हरसंभव प्रयास कर रिहायशी क्षेत्रों से दूर रखा जाए, ताकि जनहानि एवं अन्य दुर्घटनाओं की संभावना न्यूनतम रहे। उन्होंने कहा कि हाथी प्रभावित गांवों में समय पर सूचना पहुंचाना तथा ग्रामीणों को सतर्क रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। भीड़ नियंत्रण की स्थिति में पुलिस एवं वन विभाग को आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में हाथियों से हुई जनहानि, फसल क्षति, मकान एवं अन्य संपत्ति नुकसान से संबंधित मुआवजा प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मुआवजा वितरण में किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होने देने के निर्देश देते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध बनाने के लिए विशेष ऑनलाइन सॉफ्टवेयर विकसित किया जाए। इसके माध्यम से प्रकरणों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, लंबित मामलों की समीक्षा तथा भुगतान की प्रगति पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी। कलेक्टर ने हाथी विचरण क्षेत्रों से गुजरने वाली 11 केवी विद्युत लाइनों के लो-हैंगिंग प्वाइंट्स का तत्काल सर्वे कर उन्हें मानक ऊंचाई तक सुधारने के निर्देश विद्युत विभाग को दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्युत तारों के संपर्क में आने से किसी भी हाथी की मृत्यु नहीं होनी चाहिए। वन एवं विद्युत विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर झूलते तारों, क्षतिग्रस्त विद्युत खंभों तथा कम ऊंचाई वाली विद्युत लाइनों में शीघ्र सुधार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अवैध विद्युत हुकिंग तथा खेतों में करंटयुक्त तार लगाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने को कहा गया।
बैठक में हाथी प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीण परिवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर अधिक से अधिक पक्के आवास स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। संबंधित विभागों को ऐसे परिवारों का सर्वेक्षण कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। कलेक्टर श्री दुदावत ने भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) द्वारा चिन्हित हाथी गलियारों में हाथियों के सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित एलीफेंट कॉरिडोर में किसी भी विकास अथवा निर्माण कार्य से पूर्व वन विभाग से आवश्यक अनुमति एवं अभिमत प्राप्त किया जाए तथा विकास योजनाओं में हाथियों के पारंपरिक आवागमन मार्गों को किसी भी प्रकार से बाधित न किया जाए। उन्होंने लेमरू हाथी रिजर्व क्षेत्र तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण के दौरान भी हाथियों के सुरक्षित आवागमन का विशेष ध्यान रखने को कहा।
कलेक्टर ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका सुदृढ़ करने के लिए लघु वनोपज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लघु वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं, जिससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि हो तथा वन क्षेत्रों पर अनावश्यक दबाव कम हो। साथ ही वनांचल क्षेत्रों में अवैध महुआ लाहान एवं महुआ शराब के निर्माण तथा भंडारण के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। बैठक में हाथियों के लिए पेयजल एवं प्राकृतिक खाद्य स्रोतों की उपलब्धता बढ़ाने, हाथी विचरण क्षेत्रों में हाईमास्ट एवं सोलर लाइट लगाने, जीपीएस तकनीक से हाथियों की लोकेशन ट्रैक करने, मोबाइल अलर्ट, दीवार लेखन, सूचना संकेतक, सीसीटीवी एवं थर्मल ड्रोन से निगरानी, श्गज संकेतश् एवं श्सजगश् एप के माध्यम से सूचना प्रसारित करने तथा प्रभावित ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने जैसे नवाचारों की भी जानकारी दी गई।
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि प्रत्येक शनिवार चयनित विद्यालयों के विद्यार्थियों का वन विभाग के जागरूकता केंद्रों में भ्रमण कराया जाए, ताकि उन्हें हाथियों के व्यवहार, उनसे बचाव, वन संरक्षण, पौधारोपण, मृदा संरक्षण एवं वन अग्नि से बचाव संबंधी व्यवहारिक जानकारी दी जा सके। बैठक में वनमण्डलाधिकारी कटघोरा श्री कुमार निशांत ने मानव-हाथी द्वंद्व की वर्तमान स्थिति, हाथियों के विचरण क्षेत्र, मुआवजा प्रकरणों की प्रगति तथा विभाग द्वारा किए जा रहे रोकथाम एवं जनजागरूकता कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि हाथी प्रभावित प्रकरणों के मुआवजा वितरण के लिए राशि की कोई कमी नहीं है तथा आवश्यक प्रतिवेदन प्राप्त होते ही प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जा रहा है। बैठक में वनमण्डलाधिकारी कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव, नगर पालिक निगम कोरबा के आयुक्त श्री आशुतोष पांडेय, जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विद्युत, कृषि, उद्यानिकी, पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

(Bureau Chief, Korba)




