KORBA : हौसलों की उड़ानः संघर्ष को ताकत बनाकर सुरेखा जायसवाल बनीं ‘लखपति दीदी

              गांवों में स्वरोजगार की बढ़ती ताकत, महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर’

              संघर्ष से उद्यमी, बदली जिंदगी की दिशा

              कोरबा (BCC NEWS 24): जब जिंदगी की राहें सीमित साधनों और जिम्मेदारियों के बोझ तले थम सी जाती हैं, तब भी कुछ सपने ऐसे होते हैं जो हार मानना नहीं जानते। बस जरूरत होती है एक अवसर, एक भरोसे और खुद पर विश्वास की। हौसलों की यही लौ जब मेहनत से मिलती है, तो एक नई सुबह जन्म लेती है संभावनाओं से भरी, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती हुई। कटघोरा विकासखंड के ग्राम धंवईपुर नवापारा की निवासी श्रीमती सुरेखा जायसवाल की कहानी इसी अटूट विश्वास, संघर्ष और सफलता का उदाहरण है, जिन्होंने साधारण जीवन से उठकर आज अपने दम पर एक नई पहचान गढ़ी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सतत प्रयास कर रही है। बिहान योजना के माध्यम से महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। यही प्रयास आज हजारों महिलाओं के जीवन में बदलाव ला रहा है।

              श्रीमती सुरेखा जायसवाल, जिन्होंने कक्षा दसवीं तक ही शिक्षा प्राप्त की, पहले एक सामान्य गृहिणी थीं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी मुख्य रूप से उनके पति पर थी, लेकिन उनके मन में भी अपने परिवार के लिए कुछ करने और आर्थिक सहयोग देने की प्रबल इच्छा थी। वर्ष 2019 में बिहान योजना से जुड़ना उनके जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। आस्था महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आत्मविश्वास मिला, बल्कि आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर भी प्राप्त हुआ। समूह के माध्यम से उन्हें आरएफ राशि 10 हजार रुपए, सीआईएफ राशि 30 हजार रुपए तथा स्वयं सिद्धा पहल के अंतर्गत 02 लाख रुपए का ऋण मिला। इसके साथ ही उन्हें विभिन्न प्रशिक्षण भी दिए गए, जिससे उन्होंने व्यवसाय की बारीकियों को समझा और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया।

              एफएलसीआरपी के माध्यम से बैंक से एक लाख रुपए का ऋण प्राप्त कर उन्होंने श्रृंगार सामग्री की दुकान, किराना दुकान एवं फोटोकॉपी सेंटर की शुरुआत की। इन प्रयासों का परिणाम यह रहा कि आज उनकी वार्षिक आय लगभग 01 लाख 10 हजार रुपए तक पहुंच चुकी है और वे “लखपति दीदी” के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। अब वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा कर रही हैं, बल्कि घर के निर्णयों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उनकी यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने जीवन में बदलाव लाने का साहस रखती हैं। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, छत्तीसगढ़ शासन एवं बिहान योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा सरकार के सहयोग से आज मैं ‘लखपति दीदी’ बनकर अपने परिवार को संबल दे पा रही हूं और सम्मान के साथ जीवन जी रही हूं।


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