कोरबा: बरसात की कठिन राहों से सुगम आवागमन की ओर – पीएम जनमन सड़कों का काम शुरू

            पीवीटीजी बसाहटों को जोड़ने वाली सड़कों पर डामरीकरण और संधारण कार्य जारी

            कोरबा (BCC NEWS 24): बारिश थमने के बाद अब दूरस्थ वनांचल की उन सड़कों पर काम शुरू हो गया है, जिनसे गांवों और बसाहटों का रोजमर्रा का जीवन जुड़ा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत जिले में सड़कों के डामरीकरण एवं आवश्यक संधारण कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों से पीवीटीजी बसाहटों तक पहुंच आसान बनाने और ग्रामीणों के आवागमन को अधिक सुगम करने की दिशा में कदम बढ़ा है।

            बरसात के दिनों में दूरस्थ गांवों की सड़कें अक्सर चुनौती बन जाती हैं। कीचड़, फिसलन और जगह-जगह पानी जमा होने से पैदल चलना तथा दोपहिया या अन्य वाहनों से आवागमन कठिन हो सकता है। ऐसी स्थिति में बच्चों का स्कूल पहुंचना, ग्रामीणों का बाजार और जरूरी सेवाओं तक जाना भी परेशानी भरा हो जाता है। स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकता के समय रास्ते की कठिनाई चिंता बढ़ा सकती है। इसलिए सड़क का बेहतर होना केवल यात्रा को आसान बनाने का काम नहीं करता, बल्कि गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य जरूरी सुविधाओं से जोड़ने में भी मदद करता है।

            कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने वर्षा ऋतु के बाद सड़कों पर डामरीकरण एवं आवश्यक संधारण कार्यों को प्राथमिकता से कराने के निर्देश कार्यपालन अभियंता को दिए हैं। इन निर्देशों के तहत कार्यपालन अभियंता श्री सी.बी.तँवर द्वारा जिले में संबंधित सड़कों पर कार्य कराया जा रहा है। पाली विकासखंड में पीएम जनमन के तहत पीवीटीजी बसाहटों को जोड़ने वाली भंडारखोल से खैरबहार सड़क पर डामरीकरण कार्य प्रारंभ किया गया है। 1.4 किलोमीटर लंबी यह सड़क स्थानीय बसाहटों के लिए संपर्क मार्ग का काम करेगी। सड़क का निर्माण पूरा होने पर ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

            इसी क्रम में कोरबा विकासखंड के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में ऐलोंग से सिमकेंदा वाया तितरडांड तक 5.58 किलोमीटर लंबी स्वीकृत सड़क पर डामरीकरण की तैयारी की जा रही है। वहीं, नकिया से खम्हुन तक 5.50 किलोमीटर लंबी सड़क का कार्य भी शुरू किया गया है। इन मार्गों का विकास दूरस्थ गांवों के संपर्क को मजबूत करने और बरसात के बाद आवागमन को बेहतर बनाने में सहायक होगा।

            वर्षा ऋतु के बाद अन्य मार्गों की स्थिति को देखते हुए आवश्यक संधारण कार्य कराने के निर्देश भी संबंधित ठेकेदारों को दिए गए हैं। कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने और ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इन सड़कों का कार्य अभी जारी है। काम पूरा होने के बाद ग्रामीणों को अधिक सुगम और भरोसेमंद आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। दूरस्थ बसाहटों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने की यह पहल गांवों के दैनिक जीवन को सहज बनाने और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।


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