
कच्छ में आयोजित अखिल भारतीय पर्यावरण कार्यशाला में पर्यावरण संरक्षण, हरित विद्यालय और पर्यावरण शिक्षा को लेकर हुआ मंथन
कोरबा (BCC NEWS 24): श्री रामकृष्ण ट्रस्ट, कुकमा गाँव, भुज, कच्छ (गुजरात) में 3 से 5 अक्टूबर 2026 तक अखिल भारतीय पर्यावरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में देश के 26 प्रांतों से 49 पर्यावरण पदाधिकारियों एवं पर्यावरणविदों ने सहभागिता की। विद्या भारती छत्तीसगढ़ प्रांत से पर्यावरण संयोजक श्री नरेश जायसवाल सहित मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, आन्ध्र प्रदेश, उडि़सा, आदि 26 प्रदेश के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। समापन सत्र में श्री बालकृष्ण जी ने पर्यावरण कार्य को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने पर बल देते हुए ‘तंत्र, बैठक एवं प्रवास’ को प्रभावी कार्य का आधार बताया। उन्होंने नियमित समीक्षा, अनुभव-साझाकरण तथा जमीनी स्तर पर निरंतर प्रवास की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।

कार्यशाला में विभिन्न प्रांतों द्वारा पर्यावरणीय गतिविधियों एवं आगामी वर्ष की कार्ययोजनाओं पर पीपीटी प्रस्तुतियाँ दी गईं। श्री नरेश जायसवाल (प्रांत प्रमुख) ने छत्तीसगढ़ प्रांत के पर्यावरण विषय पर हुई गतिविधियों का वर्णन करते हुए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने जल प्रबंधन, वृक्षारोपण, कचरा प्रबंधन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, बोरी बंधान, हर्बल वाटिका, सोलर पैनल सहित संपन्न कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। मध्य क्षेत्र से 08 अपेक्षित कार्यकर्ता थे जिसमें से 05 उपस्थित हुए।
छत्तीसगढ़ से प्रतिनिधि के रूप में मात्र एक कार्यकर्ता श्री नरेश जायसवाल जी शामिल हुए। उद्घाटन सत्र में श्री डी रामा राम बिश्नोई ने कार्यशाला के उद्देश्य एवं वार्षिक कार्ययोजना बताई। मुख्य अतिथि श्री मनोज भाई सोलंकी ने पर्यावरण को ‘जीवन का कवच’ बताया, जबकि श्री गोविंद चंद महंत (अखिल भारतीय संगठन मंत्री, विद्या भारती) ने पंचभूत आधारित पर्यावरण चिंतन, हरित विद्यालय एवं पर्यावरण शिक्षा को विद्यालयी गतिविधियों से जोडऩे पर बल दिया। उक्त जानकारी विद्या भारती छत्तीसगढ़ प्रांत के पर्यावरण संयोजक श्री नरेश जायसवाल ने दी।

(Bureau Chief, Korba)







