कोरबा : गेवरा खदान के कर्मचारियों ने किया काम बंद हड़ताल, समान वेतन देने की कर रहे मांग​​​​​​​, CGM कार्यालय के बाहर ठेकाकर्मियों का प्रदर्शन

        कोरबा: जिले में SECL प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ एक निजी कंपनी के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कोल माइंस अधिनियम, समान वेतन और मेडिकल की सुविधा दिए जाने की मांग को लेकर रूंगटा ठेका कंपनी के कर्मचारियों ने पहले दो खदान में काम बंद कर दिया, फिर गेवरा सीजीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए है।

        बता दें कि रूंगटा कंपनी खदान के भीतर कोयले का खनन काम करती है। ठेका कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से खदान के भीतर उत्खनन का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। खदान के भीतर वाहनों की लंबी कतार लग गई है। ठेकाकर्मियों के द्वारा प्रदर्शन करने की सूचना मिलते ही पुलिस और विभागीय सुरक्षाकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

        समान वेतन नहीं मिल रहा

        कर्मचारियों ने बताया कि काफी लंबे समय से रूंगटा कंपनी में काम करते आ रहे हैं, जिसमें अन्य चार और कंपनियां हैं जो कोयला उत्खनन का काम करती है। सभी कंपनी में अलग-अलग कर्मचारी हैं जिनका वेतन अलग-अलग हैं ऐसे में समान वेतन सबको नहीं मिल पा रहा है और न हीं उनको मेडिकल सुविधा मिल पा रही है। इन बातों को लेकर वह हड़ताल करने के लिए मजबूर हैं।

        प्रबंधन के समक्ष अपनी बातें, नहीं हुई कोई कार्रवाई

        इससे पहले भी कई बार अपनी मांगों को लेकर निजी कंपनी और SECL प्रबंधन के समक्ष अपनी बातें रखी थी लेकिन अब तक पूरी नहीं हो सकी जिसे लेकर सभी कर्मचारी आक्रोशित है। वहीं घटना की सूचना मिलते है दीपका थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची।



                Hot this week

                रायपुर : ‘सेवा संकल्प’ से ‘सशक्त समाज’ की ओर

                सारंगढ़ में मानव श्रृंखला और नुक्कड़ नाटक के जरिए...

                रायपुर : बस्तर में दिव्यांगजनों के पुनर्वास के लिए महाअभियान

                जगदलपुर और दंतेवाड़ा में दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं...

                रायपुर : नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया नशामुक्त भारत का संदेश

                विद्यार्थियों ने नाट्य मंचन से बताए नशे के दुष्प्रभाव,...

                रायपुर : सेवा संकल्प शिविर में बी-1 और आबादी पट्टे वितरित

                मुरा में फौती नामांतरण के बाद ग्रामीणों को मिले...

                Related Articles

                Popular Categories