Sunday, February 15, 2026

              KORBA : कोयला खदान व खान मंत्रालय के उपक्रमो से क्षेत्र वासियो में निराशा – ज्योत्सना महंत

              • खदानों में तगड़ी सुरक्षा फिर भी हादसे, जिम्मेदारी तय हो
              • कोयला- खान व इस्पात की संसद की स्थायी समिति की बैठक में सांसद ने उठाया मुद्दा

              कोरबा (BCC NEWS 24): कोयला,खान,और इस्पात पर संसद की स्थायी समिति की मंगलवार को  संसद भवन परिसर में आयोजित  बैठक में कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने खनिजों और धातुओं की आत्मनिर्भरता पर आयोजित विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि  छत्तीसगढ़ के कोरबा संसदीय क्षेत्र के खनन क्षेत्र के प्रभावितो को आत्म निर्भर बनाने के लिए जरूरी है,खनिज न्यास निधि की राशि प्रभावित क्षेत्र में प्राथमिकता के साथ ब्यय किये जायें लेकिन कोरबा जिले में इसका आभाव दिखता है, साँसद ने माइनिंग कालेज की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि तत्काल में जरूरी होगा कि खनन प्रभावित लोगो को तकनीकी व रोजगार मुलक प्रशिक्षण दिया जाए साँसद ने कहा कि बडे दुख की बात है कि कोरबा जिले में एक भी इस मंत्रालय से संबंधित रोजगार मूलक स्थाई ट्रेनिंग सेंटर नही है

              साँसद ने कहा कि कोयला ,इस्पात व खनन उपक्रमो में प्रभावित बेरोजगार युवकों व समूहों को सीधे रोजगार से जोड़ने उन्हें आवश्यक ठेके में अवसर दिए जाएं व उन्हें आत्म निर्भर बनाने के लिए आवश्यक है कि प्रभावित क्षेत्र के लोग स्वस्थ रहे उसके लिए जरूरी होगा कि चलित हॉस्पिटल व निजी व सार्वजनिक उपक्रमो के अस्पताल को मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के तर्ज पर विकसित किया जाए साँसद ने कहा कि खनन तो ठीक है लेकिन उसके अपशिष्ट के निष्पादन की क्या ब्यवस्था है,  सरकार को स्पस्ट करने की जरूरत है कोरबा साँसद ने अपनी बात रखते हुए कहा कि ऊर्जा व इस्पात मंत्रालय के अधीन कोरबा के निजी उपक्रम बालको के अस्पताल को सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में तर्ज किया जाए व जिले के नागरिकों को रियायती दरों पर सुविधा प्रदान करे व  लैंको- अडानी भी सामुदायिक विकास में भागीदारी निभाये
              साँसद ने कहा कि आत्मनिर्भर बनाने के लिए जरूरी है पुनर्वास ग्राम व भुविस्थापित लोगो की समस्या निदान पहले प्राथमिकता से की जाये उसके बाद खनन के कार्य प्रारंभ हो, कोरबा साँसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा कि
              एसईसीएल की गेवरा,कुसमुंडा, दीपका सहित अन्य कोयला खदान में त्रिपुरा रायफल व सस्त्र बल की तैनाती के बाद भी भी रोजाना खदानों में अवैधानिक लोग घूस जाते है,मेरे द्वारा बार बार संज्ञान में लाने के बाद भी कोई कार्यवाही नही हो रही है,आज मंगलवार को भी दीपका कोयला खदान में हादसा हुआ दो की मौत हो गई है एक घायल है किसकी जिम्मेदारी है ? जिम्मेदारी तय हो और कार्यवाही की जाए, साँसद ने कहा कि पहले भी खदानों में गोली चलने, हत्या, मारकाट हो चुकी है ये सब एसईसीएल के अधिकारियों और कोयला तस्करों की साठगांठ से संभव हो रहा हैं ? साँसद ने चिरमिरी क्षेत्र में कोयला में लगी आग व झगराखण्ड की समस्या के साथ साथ वहां रह रहे कामगारों व स्थानीय जनों की समस्या से अवगत कराया साथ ही फिर एक बार एमसीबी जिले में सर्वसुविधायुक्त स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की मांग उठाई !


                              Hot this week

                              रायपुर: बस्तर पर्यटन ने भरी नई उड़ान, वर्षों से लंबित योजनाओं को मिली गति

                              प्राकृतिक धरोहरों पर बढ़ीं सुविधाएँ, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था...

                              रायपुर: सौर सुजला योजना से आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम

                              रायपुर (BCC NEWS 24): छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी...

                              Related Articles

                              Popular Categories