कोरबा: सांपों का मिलन देखने उमड़े लोग…. दुर्लभ पल को कैमरे में किया कैद, सौभाग्य के लिए लोगों ने मांगी मनोकामना; गर्मियों में होता है मेटिंग काल

          कोरबा: जिले के कटघोरा कासनियां में धामन सांप के जोड़े को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। यहां के स्कूल पारा के एक खेत में सांप का जोड़ा एक-दूसरे से लिपटकर मस्ती करता हुआ दिखाई दिया। सांप के जोड़े के इस मिलन को लोगों ने अपने कैमरों में कैद कर लिया।

          जानकारी के मुताबिक, कासनियां स्कूल पारा के एक खेत में सांप का जोड़ा मिलन कर रहा था। जोड़े को देखकर वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सांप वहां से डरकर भाग न जाएं, इसके लिए लोग दूर से ही उसकी तस्वीरें खींचने लगे और वीडियो बनाने लगे। दोनों सांपों की लंबाई करीब 7-8 फीट थी। सांपों के रोमांस के इस वीडियो को ग्रामीणों ने रिकॉर्ड कर लिया।

          मेटिंग करता हुआ सांप का जोड़ा।

          मेटिंग करता हुआ सांप का जोड़ा।

          बता दें कि दो सांपों का मिलन दुर्लभ पल होता है, जो आसानी से देखने को नहीं मिलता। वैसे सांपों का मेटिंग पीरियड अप्रैल-मई माह ही होता है। मानसून से पहले का यह समय इनके मेटिंग का होता है, जिसमें सांपों के बीच लड़ाई और मेटिंग होती है। जानकार बताते हैं कि सांपों का मिलन ऐसे स्थान पर होता है, जो हलचल से दूर होता है। सांप सर्दी में जमीन के अंदर चले जाते हैं और गर्मी आने पर बाहर आ जाते हैं। सांपों की मेटिंग मानसून आने का इशारा होती है। सांप के जोड़े को देखना ग्रामीण सौभाग्य भी मानते हैं, इसलिए कई लोगों ने मनोकामना भी मांगी।

          दरवाजे पर बैठा हुआ कोबरा सांप।

          दरवाजे पर बैठा हुआ कोबरा सांप।

          लोगों का मानना है कि सांपों के इस दुर्लभ मिलन के वक्त अगर वहां कोई लाल कपड़ा फेंक दिया जाए, तो वह पवित्र हो जाता है। ऐसी मान्यता है कि उस कपड़े को किसी भी कार्य के लिए जाते समय अपने साथ रखने से सफलता जरूर मिलती है। लोगों की मानें तो सांपों का मिलन देखने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

          स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी कोबरा को पकड़े हुए।

          स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी कोबरा को पकड़े हुए।

          दरवाजे पर लिपटा मिला नाग, तकिए के नीचे भी

          इधर दूसरी घटना खरमोरा में हुई, जहां दरवाजा खोलते ही सिर के ठीक ऊपर दंपति को कोबरा लटका हुआ नजर आया। मकान मालिक राम कुमार ने बताया कि फुफकार की आवाज सुनकर उनकी नींद खुली। वे, उनकी पत्नी और दोनों बच्चे दरवाजा खोलकर निकल रहे थे, जहां दरवाजे के ठीक ऊपर कोबरा लटक रहा था।

          सांप को डिब्बे में बंद करते स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी।

          सांप को डिब्बे में बंद करते स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी।

          इसके बाद वे परिवार के साथ वहां से निकले और स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी को फोन किया। इसके बाद मौके पर पहुंचे जितेंद्र सारथी ने नाग को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा। तीसरी घटना पुरानी बस्ती में हुई, जहां तकिए से सांप लिपटा हुआ था।



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