Saturday, February 14, 2026

              KORBA: अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष का जिले में कार्यक्रम प्रारंभ, कृषि विभाग द्वारा विद्यालयों में दिया जा रहा मिलेट्स व्याख्यान….

              कोरबा (BCC NEWS 24): देश में प्राचीन और पौष्टिक अनाज के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं भागीदारी की भावना पैदा करने लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 2023 को अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष घोषित किया गया है। जिसके तहत् मिलेट्स पर व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन जनवरी माह के प्रत्येक शनिवार को जिले के उ.मा.विद्यालयों में किया जा रहा है। व्याख्यान कार्यक्रम के तहत् श्री पी.के. चौधरी, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी कटघोरा के द्वारा उ.मा.वि. कटघोरा एवं श्री आई.पी. साहू वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के द्वारा उ.मा.वि. रामपुर करतला में मिलेट्स व्याख्यान दिया गया। इसके अलावा जिले में उ.मा.वि. बेहरचुवा, रामपुर-कोरबा, मांगामार, तानाखार, विनस, रामपुर -करतला, पटपरा, विद्यालयों में भी कृषि विभाग के द्वारा मिलेट्स पर व्याख्यान कार्यक्रम किया गया। स्कूलो में व्याख्यान के द्वारा बताया गया की मिलेट्स को चमत्कारिक अनाज या भविष्य की फसल भी कहा जाता है, क्योकि इनमें अनुकूलन की अद्भुत क्षमता होती है। यह केवल अनुकूल परिस्थितियों में ही उत्पन्न नही होते बल्कि कठोर परिस्थितियों में भी उत्पन्न होने की क्षमता रखते है। देश में प्राचीन काल से ही मोटे अनाज का सेवन किया जा रहा है। इन अनाजों में ज्वार, बाजरा, कोदों, कुटकी, रागी शमिल है। मोटे अनाज पोषक तत्वों से भरपुर होने के कारण स्वास्थवर्धक होने के साथ ये हमें कई बीमारियों से बचातें है। मोटे अनाज पोषक तत्वों का भंडार है। इसके साथ ही जिले में दीवाल लेखन द्वारा मिलेट्स के महत्व को बताने के लिये व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। मिलेट मिशन के कार्यक्रम के तहत् जिले में 600 हेक्टे. क्षेत्र में रागी की फसल लेने हेतु किसानों का चयन कर लिया गया है। जिसके लिए उन्हे कृषि विभाग द्वारा निःशुल्क रागी बीज एवं आदान सामग्री प्रदाय किया गया है।

              विपरीत परिस्थितियो में भी होता है उत्पादन, रागी के ढेर सारे फायदे – रागी कैल्शियम की कमी को दूर रखने में लाभकारी होता है। रागी के उपयोग से कोलेस्ट्रोल नियंत्रित होता है। मधुमेह रोग को नियंत्रित करने में फायदेमंद है। खून की कमी को बढ़ाने में लाभदायक है। वजन कम करने में तथा शिशुओं के लिए भी रागी फायदेमंद है। इसके अलावा मां के दूध को बढ़ाने में और रक्तचाप को कम करने में भी रागी मदद करता है। रागी में ऐल्कलाइन तत्व होता है जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। रागी एक मोटा अनाज होने के साथ-साथ इसमें फाइबर जैसे गुणकारी तत्व पाए जाते है जो कब्ज की बीमारी को दूर करने में सहायक होता है।


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