Sunday, February 15, 2026

              कोरबा: कुछ ही सेकेंड में गगनचुंबी चिमनी जमींदोज… 2022 में भी एक चिमनी को किया गया था डिस्मेंटल; वंदना पावर प्लांट पर था 223 करोड़ का कर्ज

              चिमनी के जमींदोज होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। - Dainik Bhaskar

              चिमनी के जमींदोज होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

              कोरबा: जिले में मंगलवार को बंद पड़े वंदना पॉवर प्लांट की गगनचुंबी चिमनी चंद सेकेंड में जमींदोज हो गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। ग्राम सलोरा में संचालित वंदना पॉवर प्लांट की आसमान छूती चिमनी को ध्वस्त किया गया है। कंपनी के कर्ज में डूबने के कारण प्लांट को काफी पहले ही बंद कर दिया गया था, जिसके बाद आज चिमनी को डिस्मेंटल किया गया।

              साल 2008-09 में लगभग 700 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया गया था, जिसमें 1050 मेगावाट क्षमता वाला संयंत्र स्थापित करने की योजना थी। पहले चरण में 35 मेगावाट की एक इकाई स्थापित की गई थी। अप्रैल 2012 में इकाई शुरू भी कर दी गई थी, लेकिन 4 महीने के अंदर ही यूनिट बंद करना पड़ गया। कंपनी पर कर्ज बढ़ता गया, जिसके कारण संयंत्र को बंद करना पड़ा था।

              कई सालों से बंद पड़े वंदना पॉवर प्लांट की गगनचुंबी चिमनी को ध्वस्त कर दिया गया।

              कई सालों से बंद पड़े वंदना पॉवर प्लांट की गगनचुंबी चिमनी को ध्वस्त कर दिया गया।

              यहां दो चिमनियां बनाई गई थीं, जिसमें से एक चिमनी को 7 महीने पहले अक्टूबर 2022 में डिस्मेंटल किया गया था, वहीं दूसरी चिमनी को आज यानि 2 मई 2023 को डिस्मेंटल किया गया।कोयला आपूर्ति नहीं होने के कारण वंदना पावर प्लांट बंद हो गया था, जिसके बाद कर्ज में जाने के चलते उसे बैंक ने जब्त कर लिया था।

              चिमनी डिस्मेंटल होने के दौरान इलाके में काफी दूर तक धूल का गुबार देखने को मिला।

              चिमनी डिस्मेंटल होने के दौरान इलाके में काफी दूर तक धूल का गुबार देखने को मिला।

              कर्ज में डूबे वंदना पॉवर प्लांट की संपत्ति को बैंक ने 17 अगस्त 2015 को जब्त कर लिया था। महाप्रबंधक भू-आवंटन CSIDC ने पंजाब नेशनल बैंक के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर कहा था कि इसका विक्रय केवल सीएसआईडीसी ही कर सकती है। इस भूमि का लीज, रेंट चुकता नहीं करने और प्लांट शुरू नहीं करने के कारण इसका लीज निरस्त कर दिया गया था।

              चिमनी को ध्वस्त करने से पहले इलाके को खाली करा लिया गया था।

              चिमनी को ध्वस्त करने से पहले इलाके को खाली करा लिया गया था।

              10 साल पहले 2012 में हुई थी संयंत्र की स्थापना

              कटघोरा विकासखंड के ग्राम सलोरा के पास 35-35 मेगावाट की दो इकाई स्थापित करने वंदना एनर्जी एंड स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड के लिए 29.54 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की थी। कंपनी ने पहले चरण में 35 मेगावाट की एक इकाई स्थापित की। कंपनी की 35 मेगावाट संयंत्र की संपत्ति बैंकों ने पहले ही जब्त कर ली थी। कंपनी पर 223.71 करोड़ का कर्ज है। किस्त और ब्याज की राशि जमा नहीं की जा रही थी। लगातार नोटिस के बाद बैंकों ने संयंत्र की जमीन, प्रशासनिक भवन और प्लांट की मशीनरी को जब्त किया।

              चिमनी के डिस्मेंटल होने के बाद भारी मात्रा में मलबा इकट्ठा हो गया।

              चिमनी के डिस्मेंटल होने के बाद भारी मात्रा में मलबा इकट्ठा हो गया।

              वहीं आज चिमनी को डिस्मेंटल करने के दौरान कटघोरा थाना पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे, ताकि कोई हादसा न हो जाए। पिछली बार चिमनी को डिस्मेंटल करने के दौरान कुछ ग्रामीणों के मकान भी क्षतिग्रस्त हुए थे, जिससे विवाद की स्थिति निर्मित हुई थी। पिछले बार के अनुभव को देखते हुए आज पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से सतर्क थी, ताकि कोई हादसा न हो या फिर विवाद की स्थिति पैदा न हो।


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