कोरबा: कार्तिक स्नान के दौरान छात्र की डूबने से मौत, दोस्तों के साथ नहाने गया था, गहराई में जाने से हुआ हादसा

              कोरबा: जिले के हसदेव नदी में कार्तिक स्नान के दौरान एक छात्र की डूबने से मौत हो गई। 5 नवंबर की सुबह निखिल जायसवाल (12 साल) अपने दो दोस्तों के साथ नदी में स्नान कर रहा था। तभी वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया।

              मामला कोतवाली थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती करण घाट का है। अचानक निखिल को डूबते देख उसके साथ मौजूद दोनों दोस्त घबराकर मौके से भाग गए और घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी।

              प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि निखिल और उसके दोस्त नदी में चुंबक से पैसे तलाश कर रहे थे। तभी वह गहरे साइड में चला गया। उसे तैरना नहीं आता था।

              सूचना पर पहुंची पुलिस

              घटनास्थल पर पहले से ही कार्तिक स्नान के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। सूचना मिलते ही भीड़ जमा हो गई और डूबे हुए बच्चे की तलाश शुरू की गई। पुलिस को भी सूचित किया गया।

              घर वालों के पहुंचने से पहले शव बाहर आया

              पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नगर सेवा की रेस्क्यू टीम को बुलाया, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही बस्ती के लोगों ने निखिल के शव को नदी से बाहर निकाल लिया था।

              कोतवाली थाना पुलिस ने शव को तत्काल पोस्टमॉर्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज भेज दिया और परिजनों के बयान दर्ज किए।

              नदी में चुंबक से पैसे तलाश रहा था

              प्रत्यक्षदर्शी हर्ष कुमार ने बताया कि निखिल अपने दोस्तों के साथ नदी में चुंबक से पैसे तलाश रहा था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया। हर्ष ने उसे बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन सफल नहीं हो सका।

              नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे

              मृतक निखिल कक्षा 6 का छात्र था और उसे तैरना नहीं आता था। बताया जा रहा है कि कम पानी का बहाव होने की बात कहकर वे नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे। निखिल के पिता एक निजी कंपनी में ठेका कर्मी हैं। इस घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

              कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि 12 वर्षीय निखिल अपने दोस्तों के साथ हसदेव नदी में नहाने आया था, जहां डूबने से उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

              निखिल ने अपने कपड़े वहीं घाट किनारे उतारे थे।

              निखिल ने अपने कपड़े वहीं घाट किनारे उतारे थे।


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