Tuesday, February 17, 2026

              KORBA : नारी में विद्यमान सप्त शक्तियां उसे परिवार को सुसंस्कृत व सम्पन्न बनाने में बनाती है सक्षम – सरिता

              कोरबा (BCC NEWS 24): सरस्वती शिशु मंदिर एचटीपीपी दर्री में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें  मुख्य अतिथि के रूप में वार्ड 49 की पार्षद श्रीमती प्रीति शर्मा , मुख्य वक्ता सरिता पांडेय (अधिवक्ता ,पूर्व सदस्य उपभोक्ता आयोग,वर्तमान सदस्य _महिला यौन उत्पीड़न कोरबा)  व सहायक वक्ता चेतना शुक्ला ( शिक्षिका ) रहीं।कार्यक्रम की अध्यक्षता सीता (अधीक्षिका,सर्वमंगला  कन्या छात्रावास ) ने की। मां भारती की पूजा अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। स्वागत उपरांत लक्ष्मी पांडे (सप्त शक्ति संगम संयोजिका) ने सप्त शक्ति संगम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका उद्देश्य संयुक्त परिवार की संकल्पना को सुदृढ़ करना तथा स्त्री में निहित सप्त शक्तियां कीर्ति,वाक,स्मृति,मेधा,धृति,और क्षमा को जागृत कर परिवार एवं समाज निर्माण में नारी की भूमिका सशक्त बनाना है।मुख्य वक्ता सरिता पांडे ने अपने उद्बोधन में भारतीय परिवार परंपरा,परिवार की महत्ता एवं वर्तमान समय में परिवारों में आ गए बिखराव पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नारी में विद्यमान सप्त शक्तियां उसे परिवार को सुसंस्कृत व संपन्न बनाने में सक्षम बनाती है।सामाजिक समरसता , पर्यावरण संरक्षण,स्वबोध,नागरिक कर्तव्य बोध और कुटुंब प्रबोधन इन पांच परिवर्तनों से भारत पुनः विश्वगुरु के पद पर प्रतिष्ठित होगा। उन्होंने कहा कि परिवार केवल मैं और मेरा तक सीमित नहीं,संयुक रहने का नाम है। सहायक वक्ता चेतना शुक्ला ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया

              प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में महिलाओं ने लिया हिस्सा माता लाली देवी राय ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके पुत्र काफी समय से देश सेवा में सक्रिय है पूर्व में उनका चयन आर्मी में हुआ था वर्तमान में वे पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ है। इस दौरान सहोदरा राठौर,नीलू शर्मा का सम्मान किया गया। प्रश्नोत्तरी में माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।रानी लक्ष्मी बाई,जीजा माता , अहिल्याबाई होलकर,तीजन बाई,इंदिरा गांधी,बिलासा बाई ,भारत माता जैसी वीरांगनाओं की वेशभूषा में बालिकाओं ने आकर्षक व ओजस्वी वक्तव्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में लालीदेवी और सहोदरा राठौर ने अनुभव साझा किए।कार्यक्रम का समापन शांति केवट द्वारा किया गया।इस आयोजन को संपन्न कराने में श्रवण गुप्ता,हेमलता साहू ,आशीष शाह, स्वाती पाठक,विनोद गुप्ता,माधुरी देवांगन,सुधा पांडे , देविका रानी पटेल,सुषमा यादव, रुक्मणि  देवांगन,संगीता अहिरवार,आरजू सहीस,पूजा ठाकुर , अभिभावक मातृशक्ति , पूर्व छात्राएं,आसपास की महिलाओं की सहभागिता रही एवं कार्यक्रम में दीपक सोनी, कीर्ति अग्रवाल, अर्जुन पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सरिता भारिया ने किया।

              सशक्त नारी सशक्त समाज की पहचान:सुषमा

              विद्यालय की प्राचार्य सुषमा बारस्कर ने कहा भारतीय नारी जब अपनी शक्तियों को पहचानती है तो परिवार,समाज और राष्ट्र सभी प्रगति के पथ पर अग्रसर होते है।नारी ही सृष्टि की जननी है और सशक्त नारी ही सशक्त समाज की पहचान है।अध्यक्षीय उद्बोधन में सीता ने यह कार्यक्रम केवल आयोजन नहीं,बल्कि नारी शक्ति और सांस्कृतिक चेतना का सजीव संगम है।आभार प्रदर्शन आकांक्षा निर्मलकर ने किया। 


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