Wednesday, February 25, 2026

              KORBA : तसर पालन ने बदल दी जिंदगी – ग्राम सलोरा के किसान भरत राम केवट बने आत्मनिर्भर

              कोरबा (BCC NEWS 24): जिले के ग्राम सलोरा निवासी 57 वर्षीय किसान श्री भरत राम केवट तसर रेशम उत्पादन के क्षेत्र में एक प्रेरक और सफल नाम बन चुके हैं। कृषि प्रधान तथा सीमित संसाधनों वाले परिवार में जन्मे श्री केवट ने कठिन परिस्थितियों के बीच अपनी मेहनत, लगन और वैज्ञानिक तकनीकों के सहारे आर्थिक स्थिरता प्राप्त की। आज तसर पालन उनके पूरे परिवार की आजीविका का सशक्त माध्यम है। परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियाँ और दो बेटे शामिल हैं, जो सभी इस कार्य में सहयोग करते हैं। श्री केवट को बचपन से ही तसर पालन का अनुभव मिलता रहा। उनके पिता प्रत्येक रविवार उन्हें जंगल ले जाकर तसर कीट पालन की बारीकियाँ सिखाते थे। उस समय परिवार के पास एक कच्चा मकान था और कृषि आय ही जीवन का प्रमुख साधन थी, लेकिन आर्थिक कठिनाइयाँ हमेशा सामने रहती थीं। वर्तमान में उनके पास 1 एकड़ भूमि है, जहाँ वे खरीफ में धान की खेती करते हैं।

              1980 के दशक में उन्होंने केंद्रीय रेशम बोर्ड के रामपुर (अब चंपा) स्थित प्रशिक्षण केंद्र से तसर पालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद वे निरंतर जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लेते रहे और रेशम बोर्ड द्वारा उपलब्ध सामग्रियों एवं बीज सहायता का लाभ उठाते रहे। उन्होंने तसर पालन की संपूर्ण प्रक्रिया में स्वच्छता, चूना-ब्लीचिंग, नियमित निगरानी और रोगग्रस्त लार्वा के सुरक्षित निपटान जैसी वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाया। लगभग 33 वर्षों के अनुभव ने उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले तसर कोकून उत्पादन में विशिष्ट पहचान दिलाई है। बीएसएमटीसी बिलासपुर से प्राप्त 145 डीएफएल पर उन्होंने 10,000 बीज कोकून और 600 गैर-बीज कोकून का उत्कृष्ट उत्पादन किया, जो सामान्य उत्पादन दर से कहीं अधिक है। भविष्य में वे अपने परिवार के सहयोग से 500 डीएफएल पालन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

              तसर पालन से उन्हें वर्ष में दो फसलें प्राप्त होती हैं, जिससे लगभग ढाई लाख रुपए की वार्षिक आय होती है। इसी आय से उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित की, बेटों और बेटियों की शादियाँ कीं, तीन पक्के मकान बनाए, साइकिलें खरीदीं, बैलों की जोड़ी और दो तालाब विकसित कर अनुबंध आधारित मछली पालन भी शुरू किया। इस प्रकार तसर पालन ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। श्री केवट ने सिर्फ खुद को सक्षम नहीं बनाया बल्कि 8-10 किसानों को तसर पालन अपनाने के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित भी किया। उनके मार्गदर्शन में कई किसान आज अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें “सर्वश्रेष्ठ किसान” जैसे सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। श्री भरत राम केवट गर्व से कहते हैं, “यदि अच्छी गुणवत्ता के डीएफएल मिलें तो मैं प्रति डीएफएल 100 कोकून देने की गारंटी देता हूँ। तसर पालन ने मेरी जिंदगी बदली है। घर बनाया, बच्चों को पढ़ाया और परिवार को आगे बढ़ाया। अब दूसरों को मार्गदर्शन देना ही मेरे लिए सबसे बड़ा संतोष है।


                              Hot this week

                              रायपुर : अकालू की जिंदगी आई बदलाव प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से

                              रायपुर (BCC NEWS 24): प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य...

                              रायपुर : बजट 2026-27 : छत्तीसगढ का बजट 2026-27 में GYAN और GATI को बढ़ाते हुए SANKALP पर बल दिया गया है।

                              S. समावेशी विकासA. अधोसंरचनाN. निवेशK. कुशल मानव संसाधनA.अंत्योदयL.लाइवलीहुडP.पॉलिसी से...

                              Related Articles

                              Popular Categories