कोल एंड स्टील माइंस कमेटी के चेयरमैन अनुराग ठाकुर से की मुलाकात
कोरबा (BCC NEWS 24): एसईसीएल के प्रभावित ग्रामीणों के लंबित मुआवजा-पुनर्वास-रोजगार पर कार्यवाही मांग कोल एंड स्टील माइंस कमेटी के चेयरमैन अनुराग ठाकुर से मिलकर सांसद ज्योत्सना महंत की है। इस दौरान उन्होंने एसईसीएल की कुसमुंडा, गेवरा एवं दीपका क्षेत्र की खदान परियोजनाओं से प्रभावित गांवों के ग्रामीणों की डेढ़ दशक पुरानी लंबित समस्याओं से जुड़ा विस्तृत पत्र मंत्री को सौंपा और हस्तक्षेप की मांग की।
सांसद महंत ने बताया कि वर्ष 2009-10 से एसईसीएल द्वारा खदान के लिए 60 से अधिक गांव की जमीन अधिग्रहित की है। वही कई गांव कम जमीन विस्तार परियोजना के लिए अपनी जमीन बेच पा रहे हैं, न उस पर स्थायी निर्माण कर पा रहे हैं और न ही कोई आर्थिक निवेश कर पा रहे हैं। भूमि की खरीद-बिक्री लगभग ठप हो चुकी है। कई परिवारों की पूरी पूंजी जमीन में फंसी है, लेकिन प्रतिबंधों के कारण वे उसका लाभ नहीं उठा पा रहे। परियोजना के नाम पर भूमि, पर्यावरण, आजीविका और सामाजिक संरचना को गंभीर क्षति पहुंची है, लेकिन इसके बदले न उचित मुआवजा मिला है, न रोजगार मिला है और न ही सम्मानजनक पुनर्वास की व्यवस्था हो सकी है। उन्होंने पत्र में छह मुख्य बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग की है।
इसमें राजस्व अभिलेखों एवं दस्तावेजों में मौजूद सभी त्रुटियों का विशेष शिविर लगाकर निराकरण करने, लंबित मुआवजा राशि वितरित करने, ग्रामीणों की मांग के अनुरूप पुनर्वास स्थल को स्वीकृत करने, रोजगार श्रेणी से नीचे आने वाले एवं रोजगार से वंचित प्रभावित परिवारों के लिए रोजगार अथवा वैकल्पिक आजीविका की व्यवस्था करने स्थानीय युवाओं को एसईसीएल में प्राथमिकता देने, खदानों से फैल रहे वायु-जल-ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए प्रभावी तकनीकी उपाय सुनिश्चित करने कहा है। साथ ही डीएमएफ एवं सीएसआर की राशि का उपयोग प्रभावित गांवों में स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, सडक़, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं पर प्राथमिकता से हो और राशि का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने कहा। साथ ही सभी लंबित मामलों की उच्च स्तरीय जांच कर समयबंद्ध समाधान किया जाए। उन्होंने सर्वेक्षण पर मनमानी करने पर रोक लगाने की मांग भी की है। चेयरमैन अनुराग ठाकुर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित मंत्रालय से समन्वय कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

(Bureau Chief, Korba)



