मध्य प्रदेश: हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेल गैंग का पर्दाफाश, गिरोह की मास्टरमाइंड लेडी तांत्रिक चांदी की चप्पल पहनती थी, इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर लड़की का अश्लील VIDEO बनाया, 1.30 करोड़ वसूले; पाप न लगे इसलिए विदेशी मंदिरों में कराते थे भंडारे

              अशोकनगर: मध्य प्रदेश के अशोकनगर में सामने आए हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेल गैंग ने सोशल मीडिया को हथियार बनाकर एक युवती को टारगेट किया। इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर अश्लील फोटो-वीडियो बनाया। गिरोह ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 1 करोड़ 30 लाख रुपए की वसूली की।

              गिरफ्तार आकाश चौहान और उसकी पत्नी आयुषी चौहान से पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, ठगी के पैसों से आरोपियों ने लग्जरी लाइफस्टाइल बनाई थी। गिरोह की मास्टरमाइंड आयुषी चांदी की चप्पल पहनती थी और चांदी का पर्स रखती थी।

              ‘पाप न लगे’ इसलिए विदेश में कराते थे भंडारे

              अशोकनगर कोतवाली पुलिस के मुताबिक, आरोपी ‘पाप न लगे’ इसलिए देश-विदेश के मंदिरों में दान-पुण्य और भंडारे करवाते थे। पुलिस अब तक करीब 70 लाख रुपए की संपत्ति, लग्जरी सामान और नकदी जब्त कर चुकी है।

              वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए…

              दंपती आयुषी चौहान और आकाश चौहान पर भी केस दर्ज हुआ है।

              दंपती आयुषी चौहान और आकाश चौहान पर भी केस दर्ज हुआ है।

              आयुषी चौहान चांदी की चप्पलें पहनती थी।

              आयुषी चौहान चांदी की चप्पलें पहनती थी।

              आरोपियों से घर से 70 लाख रुपए की संपत्ति और लग्जरी सामान बरामद किया ।

              आरोपियों से घर से 70 लाख रुपए की संपत्ति और लग्जरी सामान बरामद किया ।

              इंस्टाग्राम से शुरू हुआ जाल, फिर शुरू हुआ ब्लैकमेल

              गिरफ्तार आरोपी आदित्य तोमर ने इंस्टाग्राम पर पीड़िता से दोस्ती की। युवती से शारीरिक संबंध बनाए। आर्यन सोनी के टैटू स्टूडियो में अश्लील वीडियो बनाए गए। इसके बाद अश्लील फोटो वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग शुरू की।

              2024 में आरोपियों ने पीड़िता से पैसे मांगना शुरू किया था। सबसे पहले 5 लाख रुपए की मांग की गई, जिनमें से पीड़िता ने 2 लाख रुपए दे दिए थे। इसके बाद अश्लील वीडियो डिलीट करने के नाम पर डेढ़ लाख रुपए और वसूले गए। बाद में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर 10 लाख रुपए लिए गए।

              इसके बाद जेल भेजने की धमकी देकर 25 लाख रुपए ऐंठे गए। इस तरह अलग-अलग बहानों से कई बार रकम वसूली गई। अंत में आरोपियों ने 60 लाख रुपए की मांग की, जिसके लिए पीड़िता को अपने जेवर तक गिरवी रखने पड़े। आरोपियों ने अधिकतर रकम नकद में ली थी।

              गैंग में तांत्रिक युवती और टैटू आर्टिस्ट भी शामिल

              पुलिस जांच में सामने आया है कि पैसे लेने के बाद आयुषी चौहान और आकाश चौहान धार्मिक स्थलों पर जाते थे। आयुषी तंत्र क्रियाएं भी करती थी, इसी वजह से वह पश्चिम बंगाल भी गई थी। पीड़िता और मुख्य आरोपी दोनों अशोकनगर के रहने वाले हैं।

              चांदी की चप्पल और पर्स, ठगी के पैसों से बनी ‘लग्जरी क्वीन’

              पुलिस के मुताबिक, गिरोह की मास्टरमाइंड आयुषी चौहान ठगी के पैसों से शाही अंदाज में रहती थी। पूछताछ में सामने आया कि वह चांदी की चप्पलें पहनती थी। उसके पास चांदी का पर्स भी था।आरोपियों ने लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर खरीदे थे।

              पुलिस ने उनके घर से अब तक करीब 70 लाख रुपए की संपत्ति और लग्जरी सामान जब्त किया है। इससे पहले पुलिस महिंद्रा थार रॉक्स, स्कूटी और अन्य वाहन भी जब्त कर चुकी है।

              पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और पेमेंट गेटवे की जांच कर रही।

              पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और पेमेंट गेटवे की जांच कर रही।

              नेपाल तक में कराया भंडारा, मंदिरों में बांटते थे पैसा

              पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गलत तरीके से कमाए गए पैसों से उन्हें “पाप लगने” का डर था। इसी वजह से वे जगह-जगह मंदिरों में दर्शन करने जाते थे। वहां दान-पुण्य और भंडारे करवाते थे।

              पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी असम, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और नेपाल तक घूमने जाते थे। वे अपनी थार गाड़ी से धार्मिक स्थलों पर पहुंचते थे और भंडारे आयोजित करते थे। नेपाल में भी उन्होंने भंडारा कराया था।

              घर से मिला लग्जरी सामान का अंबार

              कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के घर से भारी मात्रा में महंगा सामान बरामद किया है। जब्त सामान में सोने-चांदी के जेवर, चांदी की चप्पलें और पर्स, आईफोन, एप्पल लैपटॉप, करीब एक लाख रुपए कीमत का फ्रिज, वॉशिंग मशीन, अलमारी, ड्रेसिंग टेबल, महंगी घड़ियां और अन्य घरेलू सामान शामिल हैं। इसके अलावा 1.50 लाख रुपए कैश भी जब्त किए गए हैं।

              मोबाइल और लैपटॉप FSL जांच के लिए भेजे

              कोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस को आशंका है कि इनमें अन्य युवतियों और लोगों के वीडियो और डेटा भी हो सकते हैं।

              अब पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और पेमेंट गेटवे की भी जांच कर रही है। हर ट्रांजेक्शन को खंगाला जा रहा है, ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं और लोग भी इस गैंग का शिकार तो नहीं बने।

              कोर्ट में पेश होगा जब्त सामान

              जब्त की गई संपत्ति और नकदी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोशिश रहेगी कि पीड़िता को मुआवजे के तौर पर राहत दिलाई जा सके। फिलहाल चारों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेल गैंग से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।


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