मध्य प्रदेश: मंत्री के भाई ने महिला CEO को धमकाया, मारने दौड़े, कहा- ‘दांत तोड़, तुझे यहीं जिंदा गाड़ दूंगा’, मिनिस्टर बोले- मैं उससे बात नहीं करता, वो अलग रहता है

              भोपाल: पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी के बेटे का थार कांड और उसके बाद लोधी की आईपीएस अफसर को धमकी का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि एक और मंत्री के परिजन का विवाद सामने आ गया है। ताजा मामला कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई इंदर सिंह चौहान से जुड़ा है। चौहान के खिलाफ महिला सीईओ को धमकाने, अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया गया है।

              घटना 22 अप्रैल की है। जब इंदर सिंह चौहान, आलीराजपुर जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रिया काग पर भड़क गए थे। वे कन्या विवाह योजना में पहले से विवाहित आवेदकों के आवेदन निरस्त किए जाने को लेकर नाराज थे।

              आरोप है कि इंदर सिंह, महिला सीईओ को मारने दौड़े। धमकाया, ‘तेरे दांत तोड़ दूंगा। तुझे यहीं जिंदा गाड़ दूंगा, यहां सब मेरी मर्जी से होगा।’ लेखाधिकारी सावन भिंडे ने उन्हें रोका।

              इस पूरे मामले में मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा- मैं अपने भाई से बात नहीं करता। वह अपना काम करता है। अलग रहता है। वह किसे, क्या बोल रहा है, वह जाने। कानून अपना काम करेगा।

              देखिए, दो तस्वीरें…

              दफ्तर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में इंदर सिंह, CEO काग को धमकाते दिखे हैं।

              दफ्तर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में इंदर सिंह, CEO काग को धमकाते दिखे हैं।

              CEO प्रिया काग पीछे हटीं तो इंदर सिंह दोबारा उनकी तरफ बढ़ आए।

              CEO प्रिया काग पीछे हटीं तो इंदर सिंह दोबारा उनकी तरफ बढ़ आए।

              एसपी बोले- कोर्ट से मिली जमानत

              पुलिस ने इंदर सिंह चौहान के खिलाफ बीएनएस की धारा 132, 224, 221, 351(2) और 126(2) के तहत FIR की है। आलीराजपुर एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया ने बताया कि केस दर्ज करने के बाद 24 अप्रैल को चौहान को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जहां से उन्हें जमानत मिल गई।

              सीईओ बोलीं- असुरक्षित महसूस कर रही हूं

              सीईओ काग ने कहा- मैं 22 अप्रैल को दोपहर 3 बजे ऑफिस पहुंची तो इंदर सिंह चौहान ने कन्या विवाह योजना के आवेदन निरस्त करने पर मुझे धमकाया। मुझे मारने दौड़े। उन्होंने मेरा रास्ता भी रोका। मैं अपने कार्यस्थल पर असुरक्षित महसूस कर रही हूं।


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