उत्तराखंड के चमोली में बड़ा हादसा, बद्रीनाथ हाईवे पर बर्फ हटाते समय 57 मजदूर दबे, 16 का रेस्क्यू, 4 की हालत गंभीर

        नई दिल्ली: उत्तराखंड के चमोली में शुक्रवार सुबह 7.15 बजे एवलांच की वजह से 57 मजदूर बर्फ में दब गए। मजदूर 8 कंटेनर और एक शेड में थे। घटना बद्रीनाथ से 3 किलोमीटर दूर चमोली के माणा गांव में हुई। यहां बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की टीम चमोली-बद्रीनाथ हाईवे पर बर्फ हटाने के काम में लगी हुई है। मजदूर BRO की टीम के साथ थे।

        सेना के मुताबिक घटना की जानकारी मिलते ही क्विक रिस्पॉन्स टीम के 100 से ज्यादा जवान तत्काल रेस्क्यू में जुटे। इसमें डॉक्टर, एम्बुलेंस स्टाफ भी शामिल हैं। सुबह 11.50 बजे टीम ने 5 कंटेनरों का पता लगाया और 10 मजदूरों को निकाला। इन लोगों को जोशीमठ और माणा के अस्पतालों में भेजा गया है। 10 में से 4 की हालत गंभीर है।

        सेना के मुताबिक 3 कंटेनरों की तलाश जारी है। अबतक कुल 16 मजदूरों का रेस्क्यू किया जा चुका है। 41 की तलाश जारी है। सेना के अलावा NDRF, SDRF, ITBP और BRO की टीमें मौके पर मौजूद है। हेलिकॉप्टर और ड्रोन टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है। खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं।

        हादसे को लेकर उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने SDRF के अधिकारियों के साथ बैठक की है। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने घटना को लेकर उत्तराखंड के CM, सेना, ITBP और NDRF के अधिकारियों से बातचीत की है। माणा तिब्बत सीमा पर भारत का आखिरी गांव है।

        आईबेक्स ब्रिगेड के कर्मियों ने 5 कंटेनरों में से 10 लोगों का रेस्क्यू किया है।

        आईबेक्स ब्रिगेड के कर्मियों ने 5 कंटेनरों में से 10 लोगों का रेस्क्यू किया है।

        उत्तराखंड में आज रात भारी बारिश का अलर्ट

        इधर, मौसम विभाग ने 28 फरवरी की देर रात तक उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान 20 CM तक बारिश हो सकती है। चमोली DM संदीप तिवारी ने बताया कि घटनास्थल पर लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है, इसलिए हम हेलिकॉप्टर नहीं भेज पा रहे हैं।

        SDRF की IG रिधिमा अग्रवाल ने BRO कमांडेंट के हवाले से बताया कि घटना बद्रीनाथ धाम के पास की है। SDRF की एक टीम जोशीमठ से रवाना हो चुकी है। लामबगड़ में सड़क ब्लॉक है। सेना उसे खोलने में लगी हुई है। दूसरी टीम को सहस्रधारा हेलीपैड पर अलर्ट पर रखा गया है। SDRF की ड्रोन टीम भी अलर्ट पर है।

        ITBP कमांडेंट पीयूष पुष्कर ने कहा- हमारी 90 जवानों की 23 बटालियन माणा में तैनात हैं। पिछले दो दिनों से इस इलाके में मौसम खराब है। शुक्रवार सुबह से ही इलाके में भारी बर्फबारी हो रही है। इस वजह से माणा में एवलांच हुआ। इसमें बीआरओ कैंप को नुकसान पहुंचा है।

        रेस्क्यू ऑपरेशन की 8 तस्वीरें…

        मजदूरों को क्षतिग्रस्त कंटनरों से बाहर निकालती रेस्क्यू टीम।

        मजदूरों को क्षतिग्रस्त कंटनरों से बाहर निकालती रेस्क्यू टीम।

        भारतीय सेना के मुताबिक एवलांच शुक्रवार 7.15 बजे हुआ।

        भारतीय सेना के मुताबिक एवलांच शुक्रवार 7.15 बजे हुआ।

        कंटेनर में अंदर जाकर रेस्क्यू टीम ने घायलों को निकाला।

        कंटेनर में अंदर जाकर रेस्क्यू टीम ने घायलों को निकाला।

        सेना, NDRF-SDRF और बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की टीमें रेस्क्यू में जुटी।

        सेना, NDRF-SDRF और बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की टीमें रेस्क्यू में जुटी।

        जहां हादसा हुआ, वहां पर कमर से ऊपर तक बर्फ जमा है।

        जहां हादसा हुआ, वहां पर कमर से ऊपर तक बर्फ जमा है।

        घायल मजदूरों को जोशीमठ और माणा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

        घायल मजदूरों को जोशीमठ और माणा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

        भारी बर्फबारी के बीच घायल मजदूरों को रेस्क्यू कर लाते हुए सेना के जवान।

        भारी बर्फबारी के बीच घायल मजदूरों को रेस्क्यू कर लाते हुए सेना के जवान।

        ITBP की 23वीं बटालियन मजदूरों के रेस्क्यू में जुटे हुए हैं।

        ITBP की 23वीं बटालियन मजदूरों के रेस्क्यू में जुटे हुए हैं।



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