पाकिस्तान SIM भेजने के मामले में नेपाली नागरिक गिरफ्तार, नेपाल रूट से 16 कार्ड लाहौर भेजे; ISI ने दिया था US-वीजा दिलाने का लालच

        नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बुधवार को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को SIM कार्ड सप्लाई करने के आरोप में नेपाली नागरिक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया, ‘आरोपी प्रभात कुमार चौरसिया को दिल्ली के लक्ष्मी नगर से पकड़ा गया।

        पुलिस ने बताया कि आरोपी ने महाराष्ट्र के लातूर से 16 SIM खरीदकर नेपाल पहुंचाए। यहां से 11 कार्ड पाकिस्तान के लाहौर और बहावलपुर में ट्रेस हुए। इन नंबरों से ऑपरेट हो रहे वॉट्सऐप अकाउंट भारत विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहे थे।

        बहावलपुर जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ है, जहां हाल ही में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में हमले किए थे। चौरसिया को 2024 में एक नेपाली बिचौलिये के जरिए ISI ने संपर्क किया। ISI ने उसे US वीजा का लालच दिया था।

        आरोपी बिहार के मोतिहारी में पढ़ा-लिखा ITI ग्रेजुएट है। उसने पहले दवा कंपनी में काम किया, फिर काठमांडू में लॉजिस्टिक्स कंपनी खोली जो बंद हो गई।

        अपने आधार कार्ड पर खरीदता था SIM

        आरोप है कि चौरसिया ने महाराष्ट्र के लातूर से अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल कर SIM कार्ड खरीदे। नेपाली नागरिक होने के बावजूद उसके पास भारतीय आधार कार्ड था। खरीदे गए SIM वह खुद नेपाल ले जाता, जहां से ये कार्ड पाकिस्तान के बहावलपुर और लाहौर तक पहुंचाए जाते थे।

        6 महीने में ISI को SIM कार्ड सप्लाई करने का दूसरा मामला

        राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले 34 साल के कासिम भारतीय SIM कार्ड पाकिस्तानी एजेंटों को बेचने के आरोप में 29 मई 2025 को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कासिम ने अगस्त 2024 और मार्च 2025 में पाकिस्तान की यात्रा की थी। इस दौरान वह 90 दिन वहां रहा।

        कासिम ने लाहौर के सैन्य अड्डे पर जासूसी की ट्रेनिंग ली। उसका बड़ा भाई हसीन भी ISI से 15 साल पहले जुड़ा था। हसीन भी पिछले 4-5 साल से सिम कार्ड पाकिस्तान भेज रहा था। इसे भी मई 2025 के आखिर में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।



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