नई दिल्ली: चीन ने अरुणाचल प्रदेश के स्थानों को काल्पनिक नाम दिया, भारत ने विरोध जताया, कहा- झूठे दावे जमीन की हकीकत नहीं बदल सकते; चीन ने 9 साल में 89 जगहों के नाम बदले

          नई दिल्ली: चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के स्थानों को फर्जी नाम देने पर भारत ने विरोध जताया है। विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि ऐसे झूठे दावे जमीन की हकीकत नहीं बदल सकते। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और रहेगा।

          चीन अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के लिए अपने हिसाब से नाम तय करता रहा है और उस पर दावा करता है। भारत ने इस तरह के कदम को खारिज करते हुए कहा कि यह भारत का हिस्सा है। इसमें कोई बदलाव नहीं हो सकता। चीन ने पिछले 9 साल में 89 भारतीय जगहों के नाम बदले हैं।

          विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने यह बयान एक मीडिया सवाल के जवाब में दिया। उन्होंने एक प्रेस नोट जारी करते हुए लिखा कि भारत अपने क्षेत्र के हिस्सों को दिए गए फर्जी नामों को पूरी तरह खारिज करता है। चीन की ओर से ऐसे नाम तय करना शरारती कोशिश है।

          इधर, चीन ने शिनजियांग क्षेत्र में ‘सेनलिंग’ नाम से नया काउंटी बनाया है। इसे 26 मार्च को मंजूरी दी गई। यह इलाका कराकोरम क्षेत्र के पास है। जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की सीमा के करीब स्थित है। काउंटी चीन की प्रशासनिक इकाई होती है, जो जिले जैसी होती है।

          दोनों देशों के रिश्तों पर असर की चेतावनी

          भारत ने कहा कि चीन के ऐसे कदम दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशों को प्रभावित करते हैं। चीन को ऐसे कदमों से बचना चाहिए, जो रिश्तों में नकारात्मकता लाते हैं और बेहतर समझ बनाने की प्रक्रिया को कमजोर करते हैं। भारत की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब लद्दाख को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है।

          एक साल में तीसरी बार शिनजियांग में काउंटी बनाया

          चीन ने शिनजियांग क्षेत्र में ‘सेनलिंग’ नाम से नया काउंटी बनाया है। पिछले एक साल में चीन तीसरी बार शिनजियांग में नया काउंटी बना चुका है। इससे पहले ‘हियान’ और ‘हेकांग’ काउंटी बनाए गए थे। हियान काउंटी का बड़ा हिस्सा अक्साई चिन क्षेत्र में आता है, जिसे भारत लद्दाख का हिस्सा मानता है।

          सिल्क रूट और CPEC से कनेक्शन

          नया काउंटी काशगर क्षेत्र से जुड़ा है, जो प्राचीन सिल्क रूट का अहम केंद्र रहा है। सिल्क रूट वह ऐतिहासिक व्यापार मार्ग था, जो चीन को मध्य एशिया और यूरोप से जोड़ता था।

          आज यही क्षेत्र चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) की शुरुआत का भी केंद्र है। यह प्रोजेक्ट पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से होकर गुजरता है, जिसे भारत अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानता है। हालांकि सेनलिंग काउंटी की सीमाएं स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन संवेदनशील सीमा क्षेत्रों के पास इस तरह के प्रशासनिक बदलाव को लेकर भारत ने चिंता जताई है।



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