Saturday, August 30, 2025

नई दिल्ली: DGCA की एअर इंडिया को चेतावनी, कहा- अगर फ्लाइट ऑपरेशन में गड़बड़ियां जारी रहीं, तो एयरलाइन का लाइसेंस सस्पेंड कर देंगे; कल एयरलाइन के 3 अफसर हटाए थे

नई दिल्ली: डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एअर इंडिया को गंभीर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर फ्लाइट ऑपरेशन में गड़बड़ियां जारी रहीं, तो एयरलाइन का लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है या वापस भी लिया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम पायलट ड्यूटी शेड्यूलिंग और निगरानी में लगातार और गंभीर उल्लंघनों के कारण उठाया गया है।

इससे पहले शनिवार को DGCA के आदेश पर एअर इंडिया को 3 अफसरों को हटाया था। इनमें डिविजिनल वाइस प्रेसिडेंट चूड़ा सिंह, क्रू शेड्यूलिंग करने वाली चीफ मैनेजर पिंकी मित्तल और क्रू शेड्यूलिंग की प्लॉनिंग से जुड़ी पायल अरोड़ा शामिल हैं।

तीनों अफसरों के खिलाफ यह कार्रवाई एविएशन सेफ्टी प्रोटोकॉल के गंभीर उल्लंघन को लेकर की गई। DGCA ने एअर इंडिया को तत्काल प्रभाव से इन्हें क्रू शेड्यूलिंग और रोस्टरिंग से जुड़े रोल से हटाने का आदेश दिया।

यह फैसला अहमदाबाद में 12 जून को हुए प्लेन क्रैश हादसे के बाद लिया गया। लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ान भरने के तुरंत बाद क्रैश हो गई थी। प्लेन मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से टकराया था, जिससे यात्रियों समेत कुल 275 लोग मारे गए थे।

एअर इंडिया का विमान बीजे मेडिकल कॉलेज की हॉस्टल बिल्डिंग से टकराया था।

एअर इंडिया का विमान बीजे मेडिकल कॉलेज की हॉस्टल बिल्डिंग से टकराया था।

तीनों अफसरों पर 3 आरोप

  • नियमों के खिलाफ जाकर क्रू पेयरिंग करना।
  • अनिवार्य उड़ान अनुभव और लाइसेंसिंग नियमों का उल्लंघन करना।
  • शेड्यूलिंग प्रोटोकॉल का पालन नहीं करना।

DGCA ने यह निर्देश भी दिए

  • एअर इंडिया इन अधिकारियों को क्रू शेड्यूलिंग और रोस्टरिंग से जुड़ी सभी जिम्मेदारियों से तत्काल हटाए। इन अधिकारियों के खिलाफ इंटर डिसिप्लिनरी एक्शन तुरंत शुरू करे। 10 दिन में DGCA को रिपोर्ट दे।
  • इन अधिकारियों को जब तक सुधारात्मक प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक नॉन-ऑपरेशनल पदों पर ट्रांसफर किया जाए और इन्हें किसी भी फ्लाइट सेफ्टी या क्रू अनुपालन जुड़ी पोस्ट पर काम करने की परमिशन न दी जाए।
  • भविष्य में क्रू शेड्यूलिंग, लाइसेंसिंग या फ्लाइट समय से जुड़े किसी भी नियम का उल्लंघन पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिसमें जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या ऑपरेटर परमिशन कैंसिल करना शामिल हो सकता है।

DGCA ने एअर इंडिया की ऑडिट डीटेल्स भी मांगी

DGCA ने एअर इंडिया के 2024 से किए गए सभी इंस्पैक्शन और ऑडिट का ब्यौरा मांगा है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक DGCA ने फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर्स से एअर इंडिया का ब्यौरा 22 जून तक उपलब्ध कराने को कहा है। यह डेटा प्लान-अनप्लांड इंस्पैक्शन, ऑडिट, कॉकपिट/एनरूट, स्टेशन फैसिलिटी, रैंप और केबिन इंस्पैक्शन के बारे में है।

इधर, प्लेन हादसे में मारे गए लोगों के परिजन और आश्रितों को अंतरिम मुआवजा दिया जाने लगा है। 20 जून से शुरू हुई इस प्रक्रिया में अब तक तीन परिवारों को भुगतान मिल चुका है। शेष दावों पर कार्रवाई की जा रही है।

पूरे एविएशन सि​स्टम की ‘360 डिग्री ’ जांच होगी

DGCA ने देश की पूरी एविएशन प्रणाली की 360 डिग्री स्कैनिंग का फैसला किया है। अब एक विशेष ‘कॉम्प्रिहेंसिव स्पेशल ऑडिट’ होगा। इसके तहत उड़ान संचालन, रखरखाव, लाइसेंसिंग, सुरक्षा प्रबंधन, प्रशिक्षण संस्थान, MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर, ओवरहॉल), ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोलर) जैसी पूरी प्रणाली जांची जाएगी।

सिविल एविएशन महानिदेशक फैज अहमद किदवई के हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है- यह फैसला सिस्टम की कमजोरियों को पहचानकर उन्हें दूर करने और हवाई सुरक्षा संरचना को वैश्विक मानकों पर मजबूत बनाने के लिए लिया गया है।

10 दिन से लगातार कैंसिल हो रहीं एअर इंडिया की फ्लाइट्स

एयर इंडिया की फ्लीट में 33 बोइंग 787- 8/9 विमान हैं। हालांकि पिछले 10 दिन से लगातार इसकी फ्लाइट्स कैंसिल हो रही हैं। 12 से 17 जून के बीच एअर इंडिया ने बोइंग 787 की फ्लाइट्स को मिलाकर 69 उड़ानें रद्द कीं।

18 जून को 3 और 19 जून को 4 फ्लाइट्स कैंसिल की गईं। 20 जून को 8 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं। कुल मिलाकर 20 जून तक 9 दिन में 84 फ्लाइट्स रद्द हुईं।

19 जून को ही वियतनाम जा रहे एअर इंडिया के AI388 (एयरबस ए320 नियो विमान) को बीच रास्ते से दिल्ली बुलाया गया। प्लेन में तकनीकी खामी का पता चला था।

इसके अलावा, दिल्ली से पुणे जा रही एक फ्लाइट से पक्षी टकरा गया था, जिसके चलते विमान की रिटर्न जर्नी कैंसिल कर दी गई थी।

8 लोगों से मांगे दूसरे रिश्तेदारों के DNA सैंपल

प्लेन क्रैश के आठ पीड़ितों के परिवारों से डीएनए टेस्टिंग के लिए किसी अन्य रिश्तेदार का नमूना देने को कहा गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके एक रिश्तेदार का दिया गया पहला नमूना मैच नहीं हुआ।

अहमदाबाद सिविल अस्पताल के सिविल अधीक्षक राकेश जोशी ने बताया कि जब तक मिलान नहीं होता, शवों को परिजन को नहीं सौंपा जा सकता। शनिवार तक 247 शवों के DNA सैंपल का मिलान हो चुका है, 232 शव परिवार को सौंप दिए गए।



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