नई दिल्ली: भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिमी देशों की दोहरी नीति पर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, ‘कुछ देश दूर बैठकर भारत-पाकिस्तान तनाव पर चिंता जताते हैं और मुफ्त की सलाह देते हैं, लेकिन अपने इलाके में होने वाली हिंसाओं पर ध्यान नहीं देते।’
जयशंकर ने यह टिप्पणी लक्जमबर्ग में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत के दौरान की। उन्होंने मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए कहा कि अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों और सैन्य स्थलों पर हमला किया था।
उस दौरान कई दूर के देशों ने तनाव बढ़ने की चिंता जताई और भारत को संयम बरतने की सलाह दी। ये देश कभी अपने क्षेत्र में होने वाली हिंसा को नहीं देखते और न ही सोचते हैं कि उनकी गतिविधियां बाकी दुनिया को कितनी चिंता देती हैं।
विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो देश भारत के साथ सकारात्मक और सहयोगी रवैया अपनाते हैं, उनके साथ हम उसी तरह व्यवहार करेंगे। लेकिन जो पाकिस्तान जैसी हरकतें करते हैं, उनके साथ अलग तरीके से निपटना होगा।
जयशंकर ने वेनेजुएला को लेकर चिंता जताई है
जयशंकर ने वेनेजुएला के हालात पर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के साथ भारत के अच्छे संबंध रहे हैं। इस समय सभी पक्षों को ऐसा हल निकालना चाहिए जो वहां के लोगों के हित में हो। जयशंकर ने कहा
हम वेनेजुएला में हो रहे घटनाक्रम को लेकर चिंतित हैं। यह एक ऐसा देश है जिसके साथ हमारे बहुत अच्छे रिश्ते हैं। हम सभी पक्षों से अनुरोध करते हैं कि वे लोगों के हित में एक समाधान पर पहुंचें।
भारत ने साथ ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी संबंधित पक्षों से संवाद और शांतिपूर्ण समाधान अपनाने की भी अपील की है।
अमेरिका ने 2 जनवरी की रात वेनेजुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पत्नी समेत गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने न्यूयॉर्क की जेल में रखा गया है।
दो दिन पहले विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया था
इससे पहले सोमवार को विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी बयान जारी कर कहा था कि वेनेजुएला में हालिया घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत वेनेजुएला की जनता की सुरक्षा और भलाई के समर्थन में खड़ा है। सभी पक्षों से शांतिपूर्ण संवाद के जरिए समस्या सुलझाने और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने की अपील की गई है।
साथ ही बताया गया कि कराकस में भारतीय दूतावास वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के संपर्क में है और हर संभव मदद दी जा रही है।
इसके अलावा भारत सरकार ने एक एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों से वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा से बचने को कहा। वहीं, वेनेजुएला में रह रहे भारतीयों को बेहद सतर्क रहने और अपनी आवाजाही सीमित रखने की सलाह दी गई।
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद कई देशों ने चिंता जाहिर की थी। इनमें रूस, चीन और ईरान भी शामिल थे।
ट्रम्प ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को सत्ता से हटाया
अमेरिका ने वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटा दिया। 2 जनवरी की रात अमेरिकी सैनिकों ने ऑपरेशन चलाकर मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया था। इसके साथ ही वेनेजुएला में मादुरो का शासन समाप्त हो गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस कार्रवाई को वेनेजुएला में “लोकतंत्र बहाल करने की दिशा में जरूरी कदम” बताया है। ट्रम्प प्रशासन का दावा है कि मादुरो लंबे समय से ड्रग्स और हथियार तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
अमेरिकी कार्रवाई के बाद मादुरो और उनकी पत्नी को न्यूयॉर्क लाया गया, जहां उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। उन पर अमेरिका में हथियारों और ड्रग्स की तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मामले में मादुरो की पत्नी सीलिया फ्लोरेस को भी आरोपी बनाया गया है। अमेरिकी एजेंसियों का कहना है कि फ्लोरेस पर अपहरण और हत्याओं के आदेश देने के आरोप हैं। इस कार्रवाई के बाद लैटिन अमेरिकी देशों में तनाव भी बढ़ गया है।

(Bureau Chief, Korba)




