Thursday, February 26, 2026

              नई दिल्ली: दो महीने में लागू हो सकता है नया नियम, ₹3 हजार के UPI पेमेंट पर ₹9 चार्ज लगेगा; दुकानदारों से चार्ज वसूल सकती है सरकार

              नई दिल्ली: केंद्र सरकार दुकानदारों यानी मर्चेंट से 3,000 रुपए से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगा सकती है। इसके लिए 0.3% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) दोबारा लागू किए जा सकते हैं। यानी आप 3,000 रुपए से ज्यादा का UPI पेमेंट करते हैं, तो दुकानदार को बैंक को 9 रुपए तक फीस देनी होगी।

              नए नियम बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑपरेशनल खर्चों को देखते हुए लाए जा सकता है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक 2 महीने के भीतर नए नियम लागू किए जा सकते हैं। हाल ही में PMO, वित्त मंत्रालय और अन्य विभागों की बैठक हुई है। सभी स्टेकहोल्डर्स (बैंक, फिनटेक कंपनियां, NPCI) से चर्चा के बाद ही पॉलिसी लागू होगी।

              कैसे लगेगा चार्ज?

              जब आप किसी दुकान, मॉल, पेट्रोल पंप या ऑनलाइन शॉपिंग साइट पर UPI से 3,000 रुपए से ज्यादा का पेमेंट करेंगे, तो बैंक या पेमेंट कंपनी उस व्यापारी से फीस वसूलेंगे। आम ग्राहक को सीधे कोई चार्ज नहीं देना है। लेकिन कुछ दुकानदार यह चार्ज ग्राहक से भी वसूल सकते हैं। छोटे ट्रांजैक्शन (3,000 रुपए तक) और छोटे दुकानदारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, वह पहले की तरह फ्री रहेंगे।

              एक महीने में 4% बढ़े UPI ट्रांजैक्शन

              मई 2025 में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के जरिए 18,67 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए। इस दौरान इस दौरान कुल 25.14 लाख करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर की गई। ट्रांजैक्शन की संख्या में एक महीने में 4% की बढ़ोतरी हुई है।

              पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया ने प्रधानमंत्री को लेटर लिखा

              इससे पहले पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया ने प्रधानमंत्री मोदी को लेटर लिखा था। लेटर में PM मोदी से जीरो मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है। काउंसिल, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और रुपे डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर 0.3% मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगाने के पक्ष में है।

              द इकोनॉमिक टाइम्स ने दो वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के हवाले से इस बात की जानकारी दी है। अभी इन पेमेंट मेथड्स पर कोई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) नहीं लगाया जाता है, क्योंकि इन्हें नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) फैसिलिटी प्रोवाइड करती है।

              MDR कैसे काम करता है और इसे क्यों हटाया था?

              2022 से पहले मर्चेंट्स को बैंकों को ट्रांजैक्शन अमाउंट का 1% से कम MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट देना पड़ता था। हालांकि, सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए वित्त वर्ष-22 के बजट में इन चार्जेस को हटा दिया था। तब से UPI सबसे ज्यादा यूज किया जाने वाला पेमेंट मेथड बन गया है और RuPay भी काफी पॉपुलर हो गया है।

              इस बीच इंडस्ट्री के इंसाइडर्स का कहना है कि बड़े रीटेल मर्चेंट्स एवरेज 50% से ज्यादा पेमेंट कार्ड से करते हैं। इसलिए UPI पेमेंट पर एक स्मॉल फीस का कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।


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