Sunday, February 22, 2026

              न्यूयॉर्क: अमेरिका ने बलूच आर्मी पर बैन का प्रस्ताव वीटो किया, UN में PAK-चीन का प्रस्ताव रोका; पिछले महीने US ने ही आतंकी संगठन घोषित किया था

              न्यूयॉर्क: अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी आत्मघाती यूनिट मजीद ब्रिगेड पर बैन के प्रस्ताव पर रोक लगा दी है।

              इस प्रस्ताव को पाकिस्तान और चीन ने मिलकर सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में रखा था। दोनों देशों ने BLA को प्रतिबंधित संगठन घोषित करने की मांग की थी।

              UNSC की बैठक में पाकिस्तान ने दावा किया कि BLA, मजीद ब्रिगेड, अल-कायदा और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे आतंकी संगठन अफगानिस्तान की जमीन से काम कर रहे हैं और सीमा पार हमले कर रहे हैं।

              उसने आरोप लगाया है कि अफगानिस्तान से फैल रहा आतंकवाद पाकिस्तान की सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती है।

              अमेरिका के साथ ब्रिटेन और फ्रांस ने भी इस प्रस्ताव का विरोध किया है। इससे पहले अमेरिका ने ही पिछले महीने BLA और मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकी संगठन (FTO) घोषित किया था।

              बलूच आर्मी पाकिस्तान में बलूचिस्तान की आजादी के लिए लगातार हमले करती रहती है। इनमें कई आत्मघाती हमले भी होते हैं।

              बलूच आर्मी पाकिस्तान में बलूचिस्तान की आजादी के लिए लगातार हमले करती रहती है। इनमें कई आत्मघाती हमले भी होते हैं।

              US बोला- BLA के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं

              अमेरिका ने कहा है कि BLA को अल-कायदा से जोड़ने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। इस वजह से इसे संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध सूची में नहीं डाला जा सकता। इस सूची में आने पर किसी भी संगठन पर यात्रा प्रतिबंध, संपत्ति फ्रीज और हथियार खरीदने पर रोक लग जाती है।

              पिछले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा था कि BLA ने 2024 में कराची एयरपोर्ट के पास और ग्वादर पोर्ट अथॉरिटी कॉम्प्लेक्स में आत्मघाती हमलों की जिम्मेदारी ली थी।

              मार्च 2025 में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक करने की भी जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 31 नागरिक और सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। 300 से अधिक यात्रियों को बंधक बनाया गया था।

              इन्हीं आरोपों का हवाला देते हुए अमेरिका ने BLA को आतंकी संगठन घोषित किया था।

              इन्हीं आरोपों का हवाला देते हुए अमेरिका ने BLA को आतंकी संगठन घोषित किया था।

              बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी क्या है

              बलूचिस्तान में कई लोगों का मानना है कि भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद वे एक आजाद देश के तौर पर रहना चाहते थे। लेकिन बिना उनकी मर्जी से उन्हें पाकिस्तान में शामिल कर दिया गया था। ऐसा नहीं हुआ इस वजह से बलूचिस्तान में सेना और लोगों का संघर्ष आज भी जारी है।

              BBC के मुताबिक बलूचिस्तान में आजादी की मांग करने वाले कई संगठन हैं मगर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) सबसे ताकतवर संगठन है। ये संगठन 70 के दशक में अस्तित्व में आया लेकिन 21वीं सदी में इसका प्रभाव बढ़ा है।

              BLA बलूचिस्तान को पाकिस्तानी सरकार और चीन से मुक्ति दिलाना चाहता है। उनका मानना है कि बलूचिस्तान के संसाधनों पर उनका हक है। पाकिस्तान सरकार ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को 2007 में आतंकी संगठनों की सूची में शामिल किया था।


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