Monday, January 12, 2026

              पाकिस्तान-अफगानिस्तान में शांतिवार्ता फेल, तीसरे दौर की बैठक बिना नतीजे के खत्म, तालिबान प्रवक्ता बोले- PAK का गैर-जिम्मेदाराना रवैया, हमला किया तो मुंहतोड़ जवाब ​​​​​​​देंगे

              इस्लामाबाद/ काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति वार्ता का तीसरा दौर शनिवार को किसी समझौते के बिना खत्म हो गया। दोनों देशों ने बातचीत फेल होने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया।

              अफगानिस्तान सरकार ने कतर और तुर्किये की मध्यस्थता में इस्तांबुल में आयोजित दो दिवसीय वार्ता के दौरान पाकिस्तान पर गैर-जिम्मेदाराना रुख अपनाने का आरोप लगाया।

              तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा- हमें लगा पाकिस्तान व्यावहारिक और लागू करने लायक शर्तें रखेगा, जिससे समस्या का हल निकाला जा सके। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तानी लोग हमारे भाई और दोस्त हैं, लेकिन किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

              पाकिस्तान सरकार ने इस बयान पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा था कि, ‘बातचीत में विवाद बढ़ गया है और कोई प्रगति नहीं हुई।’

              9 अक्टूबर को शुरू हुए संघर्ष के बाद दोनों पक्षों ने 19 अक्टूबर को कतर में सीजफायर पर हस्ताक्षर किए थे। तुर्किये में 25 से 30 अक्टूबर तक आतंकवाद से निपटने को लेकर हुई दूसरी बातचीत का दौर बिना किसी समझौते के खत्म हो गया था। हालांकि सीजफायर जारी है।

              अफगान प्रवक्ता बोले- सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं

              मुजाहिद ने कहा कि तालिबान किसी को भी अफगानिस्तान की जमीन दूसरे देश के खिलाफ इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देगा, न ही किसी देश को अपनी जमीन से अफगानिस्तान की संप्रभुता, स्वतंत्रता या सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की अनुमति देगा।

              पाकिस्तानी मंत्री बोले- अफगानिस्तान टीटीपी समूह को पनाह देता

              पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा-

              इस्लामाबाद तालिबान सरकार के उन कदमों का समर्थन नहीं करेगा जो अफगान लोगों या पड़ोसी देशों के हित में नहीं हैं।

              पाकिस्तान का कहना है कि तालिबान ने 2021 के दोहा शांति समझौते में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से किए वादों को पूरा नहीं किया, खासकर आतंकवाद से लड़ने के वादे।

              पाकिस्तान मानता है कि काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) जैसे समूहों को पनाह दे रहा है, जिसने पाकिस्तान में हमले किए हैं। जवाब में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर कई हवाई हमले किए।

              पिछले महीने काबुल में धमाकों के लिए तालिबान ने पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, तालिबान टीटीपी को पनाह देने से इनकार करता है और आपसी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता जताता है।

              कतर की राजधानी दोहा में पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच 19 अक्टूबर को सीजफायर समझौते पर दस्तखत हुए। इस दौरान तुर्किये और कतर के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

              कतर की राजधानी दोहा में पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच 19 अक्टूबर को सीजफायर समझौते पर दस्तखत हुए। इस दौरान तुर्किये और कतर के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

              PAK रक्षा मंत्री बोले- चौथे दौर की बातचीत का कोई रास्ता नहीं

              पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, अफगान ने टीटीपी समूह के खिलाफ कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि बातचीत अनिश्चित काल के लिए टाल दी गई है।

              आसिफ ने एक निजी टीवी चैनल से कहा, ‘ बातचीत में पूरी तरह से विरोध है। साथ ही अब चौथे दौर की बातचीत का कोई रास्ता नहीं है।’

              उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान केवल लिखित समझौते को ही मान्यता देगा। आसिफ ने कहा, ‘अगर अफगानिस्तान की धरती से कोई हमला होता है, तो हम उसका जवाब देंगे। जब तक कोई हमला नहीं होगा, सीजफायर बरकरार रहेगा।’

              पाकिस्तान ने काबुल में बम गिराए थे

              अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच संघर्ष 9 अक्टूबर को शुरू हुआ था जब इस्लामाबाद ने काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ठिकानों पर हमला किया। अफगान लोग पाकिस्तान को सीमा विवाद और हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

              दोनों देशों के बीच विवाद की जड़ है डूरंड लाइन, जो ब्रिटिश काल में भारत और अफगानिस्तान के बीच खींची गई थी। यह दोनों देशों की पारंपरिक जमीन को बांटती है और दोनों तरफ के पठान इसे कभी स्वीकार नहीं करते।

              डूरंड लाइन पर कम से कम सात जगहों पर दोनों पक्षों के बीच घातक गोलीबारी हुई थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर भारी नुकसान का दावा किया। रॉयटर्स के अनुसार, पाकिस्तान ने कहा कि उसने 200 से ज्यादा अफगान तालिबान और उनके सहयोगियों को मार गिराया, जबकि अफगानिस्तान का दावा है कि उसने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को खत्म किया।

              अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर हुए हमले के बाद इमारतों से धुआं उठता नजर आया था। (सोर्स-X)

              अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर हुए हमले के बाद इमारतों से धुआं उठता नजर आया था। (सोर्स-X)

              पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ अफगान पर हमला किया था

              बातचीत से पहले अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच गुरुवार को फिर से संघर्ष शुरू हुआ था। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक पाकिस्तानी सैनिकों ने अफगान के स्पिन बोल्डक इलाके में शाम करीब 5 बजे गोलीबारी की।

              अफगान मिलिट्री सोर्स ने न्यूज एजेंसी को बताया कि पाक सैनिकों ने भारी हथियारों से आम नागरिकों को निशाना बनाया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अफगानिस्तान की तरफ से भी जवाबी हमले किए गए।


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