पाकिस्तान: विदेश मंत्री ने गाजा सीजफायर प्लान को नकारा, इशाक डार ने कहा- ट्रम्प ने ड्राफ्ट में बदलाव किया, मेरे पास सबूत हैं

          इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने गाजा में सीजफायर से जुड़े ट्रम्प के प्लान को नकार दिया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को कहा कि ट्रम्प का गाजा सीजफायर प्लान मुस्लिम देशों के ड्राफ्ट जैसा नहीं है।

          डार ने बताया कि इस्लामिक देशों ने 22 सितंबर को ट्रम्प के साथ हुई बैठक में गाजा से पूरी तरह से इजराइल की वापसी का प्रस्ताव रखा था। जबकि ट्रम्प के प्लान में सिर्फ सैनिकों की आंशिक वापसी का प्रावधान है, ताकि हमास के कब्जे में बचे हुए बंधकों को रिहा किया जा सके।

          डार ने संसद में कहा,

          ट्रम्प का प्लान, हमारे प्रस्ताव के जैसा नहीं हैं। इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं, जो हमारे मसौदे में थे। मेरे पास इसका रिकॉर्ड है।

          PAK पीएम शहबाज ने समर्थन किया था

          ट्रम्प ने सोमवार, 29 सितंबर को गाजा जंग को खत्म करने के लिए 20 पाइंट का प्लान पेश किया था। PAK पीएम शहबाज शरीफ ने X पर पोस्ट कर इस प्लान का समर्थन किया था।

          शहबाज की पोस्ट को अंग्रेजी से हिंदी में ट्रांसलेट किया गया है।

          शहबाज की पोस्ट को अंग्रेजी से हिंदी में ट्रांसलेट किया गया है।

          पाकिस्तान समेत आठ इस्लामिक देशों मिस्र, इंडोनेशिया, जॉर्डन, कतर, सऊदी अरब, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात ने एक संयुक्त बयान जारी कर ट्रम्प के प्रस्ताव का स्वागत किया था।

          इन देशों के विदेश मंत्रियों की तरफ से जारी इस बयान में कहा गया था कि वे ट्रम्प के नेतृत्व और युद्ध खत्म करने के उनके ईमानदार प्रयासों में विश्वास रखते हैं।

          इनके अलावा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्रम्प के इस प्लान का स्वागत किया था। अमेरिकी व्हाइट हाउस ने इन सभी नेताओं के बयानों को अपनी बेवसाइट पर भी पोस्ट किया है।

          ट्रम्प के सीजफायर प्लान के 20 पॉइंट

          ट्रम्प के प्लान में गाजा में युद्ध रोकना, सभी बंधकों को छोड़ना और गाजा में प्रशासन चलाने के लिए एक अस्थायी बोर्ड बनाने का प्रस्ताव है।

          ट्रम्प इस बोर्ड की अध्यक्षता करेंगे और इसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर भी होंगे।

          • तुरंत युद्ध रोकना- इजराइल और हमास के बीच सहमति बनी तो गाजा में युद्ध तुरंत खत्म होगा।
          • इजराइल पीछे हटेगा- सहमति से इजराइल अपनी सेनाओं को धीरे-धीरे गाजा से निकाल लेगा।
          • बंधकों को छोड़ना- हमास 72 घंटे में सभी इजराइली बंधकों को रिहा करेगा, जिनमें जिंदा और मृत दोनों होंगे।
          • कैदियों की रिहाई- युद्ध खत्म होने पर इजराइल, गाजा के उम्रकैद की सजा काट रहे 250 लोगों और अन्य 1700 कैदियों को छोड़ देगा।
          • शवों का आदान-प्रदान – हर मृत इजराइली कैदी के बदले 15 मृत फिलिस्तीनी कैदियों के शव लौटाए जाएंगे।
          • गाजा को आतंक मुक्त बनाना- गाजा से हमास के सारे ठिकाने और हथियार हटाए जाएंगे।
          • हमास प्रशासन में शामिल नहीं- हमास और अन्य लड़ाके गाजा की सरकार में हिस्सा नहीं लेंगे।
          • अंतरिम प्रशासन समिति- गाजा के लिए एक अस्थायी तकनीकी समिति बनाई जाएगी, जिसमें योग्य लोग होंगे।
          • शांति बोर्ड बनेगा- इस बोर्ड की अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प करेंगे, इसमें टोनी ब्लेयर और अन्य देशों के नेता शामिल होंगे।
          • पुनर्निर्माण योजना- बोर्ड गाजा के विकास और सुधार की योजना बनाएगा और उसका खर्च उठाएगा।
          • मानव सहायता- गाजा को तुरंत पर्याप्त मदद दी जाएगी।
          • विशेष व्यापार क्षेत्र- गाजा में खास व्यापारिक क्षेत्र बनाए जाएंगे, जिससे रोजगार बढ़ेगा।
          • लोगों की आजादी- किसी को गाजा छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा; जो चाहे जा सकता है और लौट सकता है।
          • सुरक्षा के लिए फोर्सेस- एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल गाजा में सुरक्षा बनाए रखेगा।
          • पुलिस की ट्रेनिंग- सुरक्षा बल गाजा पुलिस को ट्रेनिंग देंगे और मदद करेंगे।
          • सीमा सुरक्षा- इजराइल और मिस्र की सीमाओं पर सुरक्षा मजबूत होगी।
          • लड़ाई बंद- युद्ध खत्म होने तक हवाई हमले और गोलाबारी रोकी जाएगी।
          • मानवाधिकार सुनिश्चित- अंतरराष्ट्रीय संगठन गाजा में मदद और सुरक्षा की निगरानी करेंगे।
          • शांति बातचीत- इजराइल और फिलिस्तीन के बीच शांति के लिए बातचीत शुरू होगी।
          • भविष्य की योजना– इस योजना का मकसद गाजा में स्थायी शांति, विकास और बेहतर जीवन लाना है।

          हमास को मिली डेडलाइन आज खत्म हो रही

          ट्रम्प ने हमास को इस प्लान को मंजूर करने के लिए 4 दिन का वक्त दिया था। आज इसकी डेडलाइन खत्म हो रही है।

          ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर हमास अगर हां बोलेगा तो ठीक, नहीं तो इसका बुरा हाल होगा। उन्होंने कहा था कि अगर हमास इस प्लान को नहीं मानता है तो इजराइल के पास उसे खत्म करने का पूरा अधिकार है और अमेरिका इसमें साथ देगा।



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