पाकिस्तान: शरीफ सरकार संविधान में 27वां संशोधन लाने की तैयारी में, आर्मी चीफ को और ताकत मिलेगी, 14 नवंबर को संसद में वोटिंग होगी, सभी मंत्रियों का विदेशी दौरा रद्द

              इस्लामाबाद: पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार संविधान में 27वां संशोधन लाने की तैयारी कर रही है। इससे सेना प्रमुख को ज्यादा ताकत मिल सकती है और प्रांतों को मिलने वाला पैसा कम हो सकता है।

              रिपोर्टों के मुताबिक, संशोधन के तहत पाकिस्तानी संविधान के आर्टिकल 243 में बदलाव किया जाएगा। यह आर्टिकल सेना प्रमुख की नियुक्ति और आर्म्ड फोर्स के कमांड से जुड़ा है। इसके तहत कमांडर-इन-चीफ नाम से नया संवैधानिक पद भी बनाया जा सकता है।

              इस बिल को लेकर पाकिस्तानी संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली में 14 नवंबर को वोटिंग होगी। इसे देखते हुए सरकार ने सभी मंत्रियों के विदेशी दौरे रद्द कर दिए हैं।

              पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर 2027 में रिटायर होने वाले हैं। माना जा रहा है कि ऐसे में सरकार ने उन्हें इस संशोधन के जरिए लाइफटाइम पावर में बने रहने की ताकत दे सकती है। इमरान खान की पार्टी PTI ने इसका विरोध किया है।

              इस हफ्ते सीनेट में बिल पेश होगा

              इस बिल को लेकर चर्चा तब शुरू हुई जब पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सरकार ने उनसे इस संशोधन पर समर्थन मांगा है।

              सरकार ने तय किया है कि 27वें संशोधन का अंतिम मसौदा इस हफ्ते सीनेट (ऊपरी सदन) में पेश किया जाएगा।

              डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार ने संसद में पुष्टि की है कि सरकार जल्द यह संशोधन पेश करेगी। उन्होंने कहा कि पूरी प्रोसेस संविधान और कानून के दायरे में होगी और इसमें किसी तरह की जल्दबाजी नहीं होगी।

              नेशनल असेंबली में कुल 336 सीटें हैं, जिनमें से 10 खाली हैं यानी 326 सदस्य मौजूद हैं। किसी भी संविधान संशोधन को पास करने के लिए 224 वोट की जरूरत होगी। सत्तारूढ़ गठबंधन के पास करीब 230 सीटें हैं। ऐसे में ये बिल आसानी से पास हो जाएगा, लेकिन उसे सीनेट में मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।

              इमरान खान की पार्टी बिल का विरोध करेगी

              नेशनल असेंबली के स्पीकर ने सभी दलों से बात करके सत्र का एजेंडा तय कर लिया गया है। हालांकि, PTI (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) के नेताओं ने इस बैठक में भाग नहीं लिया।

              PTI ने भी कहा है कि वह इस कदम का विरोध करेगी। पार्टी नेता हमीद खान ने आरोप लगाया कि सरकार संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।​​​​​​

              27वें संविधान संशोधन को लेकर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-क्यू (PML-Q) पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने शहबाज शरीफ से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल की अगुआई केंद्रीय मंत्री चौधरी सलीक हुसैन ने की।

              इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने अपनी गठबंधन की सभी सहयोगी पार्टियों के नेताओं से भी मुलाकात कर उन्हें इस संशोधन पर भरोसे में लेने की कोशिश की।


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