Monday, January 12, 2026

              PM मोदी ने कर्नाटक के श्री कृष्ण मठ में पूजा-अर्चना कर सोने का कलश चढ़ाया, एक लाख लोगों के साथ गीता पढ़ी, गोवा में दुनिया की सबसे ऊंची भगवान श्रीराम की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया

              बेंगलुरु/पणजी: पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गोवा के कैनाकोना में श्री संस्थान गोकर्ण जीवोत्तम मठ में पूजा की। यहां भगवान राम की 77 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया की सबसे ऊंची श्रीराम प्रतिमा है।

              इससे पहले दिन में पीएम कर्नाटक पहुंचे थे। उडुपी में उन्होंने श्री कृष्ण मठ में पूजा-अर्चना की थी। यहां सुवर्ण तीर्थ मंडप का उद्घाटन किया और सोने का कलश चढ़ाया। इसके बाद पीएम ने 1 लाख लोगों के साथ श्रीमद्भगवद गीता का पाठ किया।

              पीएम ने उडुपी में 25 मिनट की स्पीच दी। यहां उन्होंने श्रीकृष्ण के गीता के उपदेशों की बात की। पीएम ने कहा- भगवत गीता हमें सिखाती है कि शांति और सच्चाई को वापस लाने के लिए अत्याचारी का अंत करना जरूरी है। यही नेशनल सिक्योरिटी पॉलिसी का सार है। पहले की सरकारें आतंकी हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई नहीं करती थीं, पर यह नया भारत है।

              कर्नाटक में पीएम का कार्यक्रम, 4 तस्वीरें…

              पीएम ने उडुपी में श्रीकृष्ण मठ में पूजा की, मंदिर की परिक्रमा लगाई।

              पीएम ने उडुपी में श्रीकृष्ण मठ में पूजा की, मंदिर की परिक्रमा लगाई।

              पीएम ने पवित्र कनकना किंडी के लिए तैयार स्वर्ण कवच मंदिर में चढ़ाया।

              पीएम ने पवित्र कनकना किंडी के लिए तैयार स्वर्ण कवच मंदिर में चढ़ाया।

              श्री कृष्ण मठ के पुजारी ने पीएम मोदी का माला पहनाकर स्वागत किया।

              श्री कृष्ण मठ के पुजारी ने पीएम मोदी का माला पहनाकर स्वागत किया।

              उडुपी पहुंचने पर पीएम ने एयरपोर्ट से करीब 3 किमी लंबा रोड शो किया।

              उडुपी पहुंचने पर पीएम ने एयरपोर्ट से करीब 3 किमी लंबा रोड शो किया।

              कर्नाटक में पीएम का संबोधन, 4 बड़ी बातें…

              • उडुपी आना मेरे लिए बहुत खास है। उडुपी जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के अच्छे शासन के मॉडल की कर्मभूमि रही है। 1968 में उडुपी के लोगों ने जनसंघ के वीएस आचार्य को उडुपी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के लिए चुना था। इसके साथ ही, उडुपी ने एक नए शासन मॉडल की नींव रखी।
              • मेरा जन्म गुजरात में हुआ, गुजरात और उडुपी के बीच गहरा संबंध रहा है। यहां स्थापित विग्रह की पूजा द्वारका में माता रुक्मणि करती थी। बाद में ये प्रतिमा यहां स्थापित हुआ। पिछले साल मैं समुद्र के भीतर द्वाराका जी के दर्शन करके आया था।
              • हमारे समाज में मंत्रों का और गीता के श्लोकों का पाठ तो शताब्दियों से हो रहा है, पर जब 1 लाख कंठ, एक स्वर में इन श्लोकों का ऐसा उच्चारण करते हैं, जब इतने सारे लोग गीता जैसे पुण्य ग्रन्थ का पाठ करते हैं, जब ऐसे दैवीय शब्द एक स्थान पर एक साथ गूंजते हैं, तो एक ऐसी ऊर्जा निकलती है, जो हमारे मन को, हमारे मस्तिष्क को एक नया स्पंदन और नई शक्ति देती है।
              • श्री कृष्ण ने युद्ध के मैदान में गीता का उपदेश दिया था। भगवत गीता हमें सिखाती है कि शांति और सच्चाई को वापस लाने के लिए अत्याचारी का अंत करना जरूरी है। यही नेशनल सिक्योरिटी पॉलिसी का सार है। पहले की सरकारें आतंकी हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई नहीं करती थीं, पर यह नया भारत है। हम शांति स्थापित करना जानते हैं, और उसकी रक्षा भी करते हैं।

              पीएम ने गोवा में श्रीराम की 77 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया

              प्रधानमंत्री शाम 4 बजे दक्षिण गोवा के कैनाकोना स्थित श्री संस्थान गोकर्ण परतगली जीवोत्तम मठ पहुंचे। यह मठ गौड़ सारस्वत ब्राह्मण वैष्णव परंपरा का पहला प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां पीएम ने श्रीराम की प्रतिमा के साथ

              मठ में बने ‘रामायण थीम पार्क गार्डन’ का भी उद्घाटन किया।

              पीएम मोदी शुक्रवार शाम को गोवा पहुंचे। यहां उन्होंने 77 फीट ऊंची श्रीराम की मूर्ति का अनावरण किया।

              पीएम मोदी शुक्रवार शाम को गोवा पहुंचे। यहां उन्होंने 77 फीट ऊंची श्रीराम की मूर्ति का अनावरण किया।

              कांस्य से बनी 77 फीट ऊंची श्रीराम की मूर्ति राम सुतार ने बनाई है। इन्होंने ही गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाई थी।

              कांस्य से बनी 77 फीट ऊंची श्रीराम की मूर्ति राम सुतार ने बनाई है। इन्होंने ही गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाई थी।

              पीएम ने गोवा में श्री संस्थान गोकर्ण परतगली जीवोत्तम मठ में पूजा-अर्चना की।

              पीएम ने गोवा में श्री संस्थान गोकर्ण परतगली जीवोत्तम मठ में पूजा-अर्चना की।

              गोवा में पीएम की स्पीच, 5 बड़ी बातें…

              • श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगली जीवोत्तम मठ अपनी स्थापना की 550वीं वर्षगांठ मना रहा है। बीते 550 सालों में इस संस्था ने समय के कितने ही चक्रवात झेले हैं। युग बदला, दौर बदला, देश और समाज में कई परिवर्तन हुए लेकिन बदलते युगों और चुनौतियों के बीच इस मठ ने अपनी दिशा नहीं खोई
              • आज रामायण पर आधारित एक थीम पार्क का उद्घाटन भी हुआ है। आज इस मठ के साथ जो नए आयाम जुड़े हैं, वो आने वाली पीढ़ियों के लिए ध्यान, प्रेरणा और साधना के स्थायी केंद्र बनने जा रहे हैं।
              • ऐसे समय भी आए जब गोवा के मंदिरों और स्थानीय परंपराओं को संकट का सामना करना पड़ा। जब भाषा और सांस्कृतिक पहचान पर दबाव बना। लेकिन ये परिस्थितियां समाज की आत्मा को कमजोर नहीं कर पाईं, बल्कि उसे और दृढ़ बनाया।
              • गोवा की यही विशेषता है कि यहां की संस्कृति ने हर बदलाव में अपने मूल स्वरूप को बनाए रखा और समय के साथ पुनर्जीवित भी किया। इसमें पर्तगाली मठ जैसे संस्थानों का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
              • आज भारत एक अद्भुत सांस्कृतिक पुनर्जागरण का साक्षी बन रहा है। अयोध्या में राम मंदिर का पुनर्स्थापन, काशी विश्वनाथ धाम का भव्य पुनरुद्धार और उज्जैन में महाकाल महालोक का विस्तार। ये सब हमारे राष्ट्र की उस जागरूकता को प्रकट करते हैं, जो अपनी आध्यात्मिक धरोहर को नई शक्ति के साथ उभार रही है।

                              Hot this week

                              Related Articles

                              Popular Categories