रायपुर : महासमुंद में बरगढ़-बलांगीर-महासमुंद डिवीजन के 15 माओवादियों का पुनर्वास, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया स्वागत

          नक्सलियों का बरगढ़-बलांगीर-महासमुंद डिवीजन पूर्णतः हुआ समाप्त

           रायपुर (BCC NEWS 24): बरगढ़ – बलांगीर – महासमुंद डिवीजन के 15 माओवादियों ने छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति पर विश्वास जताते हुए आज महासमुंद जिले में हथियारों सहित पुनर्वास का मार्ग अपनाया। यह  “पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन” कार्यक्रम के अंतर्गत ओडिशा सीमा के निकट महासमुंद में हुआ। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पुर्नवास का मार्ग चुनने वाले युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए सभी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस पुनर्वास के साथ ओडिशा राज्य कमेटी का पश्चिमी सब जोन (बरगढ़ – बलांगीर – महासमुंद डिवीजन) पूर्णतः समाप्त हो गया है। अब रायपुर पुलिस रेंज और ओडिशा के संबलपुर रेंज अब नक्सल मुक्त हो जाने से क्षेत्र में शांति होगी और लोग भय मुक्त जीवन जी सकेंगे।

          नक्सलियों का बरगढ़-बलांगीर-महासमुंद डिवीजन पूर्णतः हुआ समाप्त

          उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व बरगढ़ – बलांगीर – महासमुंद डिवीजन के द्वारा उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर शासन की नीतियों पर विश्वास जताते हुए पुनर्वास करने के लिए इच्छा जाहिर की गई थी, जिसके जवाब में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने उनकी सुरक्षा और सम्मान के लिए आश्वस्त करते हुए आकाशवाणी के माध्यम से आडियो मैसेज जारी कर 03 मार्च तक पुनर्वास की अपील की  थी। उस अपील के पश्चात बरगढ़ – बलांगीर – महासमुंद डिवीजन के 15 माओवादियों ने पुनर्वास किया।

          इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में  नक्सलावाद  केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा दिए गए समयावधि में यह समाप्त हो जाएगा। आज का पुनर्वास बहुत महत्वपूर्ण है, इसमें एक डिवीजन के पूरे बचे लोगों ने एक साथ पुनर्वास किया है, जो सराहनीय है। यह सब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में बनी दूरदर्शी पुनर्वास नीति से संभव हो सका है।

          उल्लेखनीय है कि इस दल में सबसे प्रमुख नाम वारंगल निवासी विकास उर्फ सुदर्शन उर्फ जंगू उर्फ बाबन्ना उर्फ राजन्ना का था, वह ओडिशा राज्य कमेटी के स्टेट कमेटी मेंबर तथा बीबीएम डिवीजन प्रभारी था, जिस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह वर्ष 1985 से संगठन में सक्रिय था। इस दल के कुल 15 लोगों में पुनर्वास किया, जिनमें 9 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल हैं। वे अपने साथ 3 एके-47, 2 एसएलआर, 2 इंसास, 4 .303 राइफल, 3 बारह बोर सहित कुल 14 अत्याधुनिक एवं ऑटोमेटिक हथियार लाये हैं।


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