रायपुर : धमतरी में 16-17 जुलाई को विशेष ग्राम सभाओं का महा-अभियान : बदलेगी गाँवों की तस्वीर

           स्वच्छता, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर पारित होंगे ऐतिहासिक प्रस्ताव

          रायपुर (BCC NEWS 24): विशेष ग्राम सभाओं का बड़े पैमाने पर आयोजन ग्रामीण विकास, सरकारी योजनाओं (जैसे आवास प्लस 2.0 और स्वच्छता मिशन) के क्रियान्वयन और लखपति दीदी सम्मान जैसे कार्यक्रमों के लिए किया जाता है। यह गाँव की जनता को सीधे निर्णय लेने और अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का सबसे सशक्त मंच है।  इसी के तहत धमतरी जिले के ग्रामीण विकास को एक नई गति मिलने जा रही है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आगामी 16 और 17 जुलाई 2026 को विशेष ग्राम सभाओं का बड़े पैमाने पर आयोजन किया जा रहा है। इन सभाओं का मुख्य उद्देश्य ग्राम विकास, स्वच्छता, और बुनियादी अधोसंरचना को मजबूत करते हुए ‘ग्राम पंचायत विकास योजना’ (जीपीडीपी) को धरातल पर उतारना है। कलेक्टर ने इस महा-अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी एसडीएम और जनपद सीईओ को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

          मिशन VBGRAMG: बेटियों की गरिमा और जल संरक्षण पर रहेगा फोकस

          इन विशेष ग्राम सभाओं में वीबीजीरामजी (VBGRAMG) के तहत प्राथमिकता वाले विकास कार्यों को हरी झंडी दी जाएगी। इसके अंतर्गत बालिका विद्यालयों और पीएमश्री (PM SHRI) स्कूलों में आवश्यकतानुसार आधुनिक बालिका शौचालयों का निर्माण,गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए सूखे या कम पानी वाले बोरवेल के पास इंजेक्शन वेल (रिचार्ज पिट) का निर्माण,जर्जर मुक्तिधामों का कायाकल्प, नए मुक्तिधामों का निर्माण और शासकीय उचित मूल्य दुकानों (राशन दुकानों) के लिए सुदृढ़ खाद्यान्न भंडारण भवनों का निर्माण,शासकीय भूमि पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, खेल मैदानों का समतलीकरण, धरसा सड़क निर्माण, स्कूलों में आधुनिक लाइब्रेरी व लैब की स्थापना, और 5 वर्ष से पुराने आंगनबाड़ी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना जैसे प्रमुख प्रस्तावों पर ग्राम सभा की स्वीकृति ली जाएगी।

          148 पंचायतों में कचरा प्रबंधन का ‘फोर-वे फॉर्मूला’ और अनिवार्य यूजर चार्ज

          ​स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जिले की 148 ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (Dry and Wet Waste Management) का एक नया मॉडल लागू किया जा रहा है।  अब हर घर, आंगनबाड़ी, छात्रावास और उपस्वास्थ्य केंद्र में कचरे को चार श्रेणियों—गीला, सूखा, सैनिटरी और ई-वेस्ट (E-Waste) में अलग-अलग करना अनिवार्य होगा। इसी तरह नाडेप (NADEP) कंपोस्ट पिट, सामुदायिक डस्टबीन, और नालियों के अंतिम छोर पर सोखता गड्ढों का निर्माण किया जाएगा। कचरा संग्रहण वाहनों और ट्राइसाइकिलों के रख-रखाव के साथ-साथ स्वच्छता को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वच्छता शुल्क (यूजर चार्ज) की अनिवार्य वसूली पर बड़ा निर्णय लिया जाएगा।

          16वें वित्त आयोग के तहत बनेगी विकास की रूपरेखा (जीपीडीपी)

          इन विशेष ग्राम सभाओं में 16वें वित्त आयोग के प्रावधानों के अनुरूप वित्तीय रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही, स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) की 9 प्रमुख थीमों को शामिल करते हुए ग्राम पंचायतों के आत्मनिर्भर विकास का संकल्प पारित होगा। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि निर्धारित तिथियों में ग्राम सभाओं का सफल आयोजन कर उसकी पूरी रिपोर्ट (हार्ड और सॉफ्ट कॉपी में) तत्काल जिला मुख्यालय को प्रेषित की जाए।



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