रायपुर : सेवा की कहानी : पीएम विश्वकर्मा योजना : चिरमिरी की शालू काशी को मिला सिलाई मशीन का सहारा

        रायपुर (BCC NEWS 24): शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं किस तरह आम नागरिकों के जीवन में बदलाव का माध्यम बन रही हैं, इसकी एक तस्वीर चिरमिरी निवासी शालू काशी की कहानी में देखने को मिलती है। पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ लेकर शालू काशी ने अपने सिलाई के हुनर को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह कहानी वर्तमान में संचालित सेवा संकल्प अभियान के उस उद्देश्य से भी जुड़ती है, जिसके तहत शासन की योजनाओं एवं सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

        आवेदन के बाद हुआ चयन

        शालू काशी ने पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन फॉर्म भरा। आवेदन के बाद योजना के अंतर्गत आवश्यक सत्यापन एवं प्रक्रिया पूरी होने पर उनका चयन किया गया। इसके बाद उन्हें सिलाई कार्य से संबंधित कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

        प्रशिक्षण के दौरान मिली आर्थिक सहायता

        योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने के दौरान शालू काशी को 5,000 हजार की आर्थिक सहायता मिली। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें अपने सिलाई कौशल को और बेहतर बनाने तथा काम को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने का अवसर मिला।

        15 हजार के टूलकिट प्रोत्साहन से मिली सिलाई मशीन

        प्रशिक्षण के बाद योजना के तहत 15,000 हजार तक के टूलकिट प्रोत्साहन का प्रावधान है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत पोस्ट ऑफिस में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद शालू काशी को सिलाई कार्य के लिए सिलाई मशीन प्राप्त हुई। सिलाई मशीन मिलने से अब शालू काशी के लिए घर से ही सिलाई का काम करने और अपनी आय का साधन विकसित करने का अवसर तैयार हुआ है। उनके लिए यह मशीन केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि अपने हुनर को रोजगार में बदलने का माध्यम बनी है।

        सेवा संकल्प अभियान से जुड़ी आत्मनिर्भरता की कहानी

        सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की योजनाओं से नागरिकों को मिले लाभ और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को सामने लाने पर भी जोर दिया जा रहा है। एमसीबी में भी अभियान के तहत जनभागीदारी और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। शालू काशी की कहानी इसी बदलाव की एक तस्वीर है। पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से उन्हें आवेदन के बाद चयन, कौशल प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और टूलकिट सहायता का लाभ मिला। सिलाई मशीन मिलने के बाद अब वे अपने हुनर को आगे बढ़ाते हुए स्वरोजगार के नए अवसर तलाश रही हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से मिले प्रशिक्षण और उपकरण ने शालू काशी के हुनर को नया आधार दिया है। सेवा संकल्प अभियान के दौरान सामने आ रही ऐसी लाभार्थी कहानियां यह बताती हैं कि योजनाओं का लाभ जब जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचता है, तो वह उसके कौशल और आजीविका के लिए नई संभावनाएं पैदा कर सकता है।



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