रायपुर : अतीत के पन्नों से साक्षात्कार का अवसर : अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार सप्ताह पर रायपुर में दुर्लभ ऐतिहासिक दस्तावेजों की विशेष प्रदर्शनी

              1930 से 1955 तक के महत्वपूर्ण अभिलेख होंगे प्रदर्शित, 9 जून को विशेषज्ञों के विशेष व्याख्यान में जानिए इतिहास, स्मृति और संरक्षण का महत्व

              रायपुर (BCC NEWS 24): अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार सप्ताह के अवसर पर राजधानी रायपुर में इतिहास और विरासत से जुड़ी एक अनूठी पहल की जा रही है। संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय द्वारा 8 से 12 जून 2026 तक महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय की कला वीथिका (आर्ट गैलरी) में दुर्लभ ऐतिहासिक अभिलेखों की विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इस आयोजन के माध्यम से आम नागरिकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, इतिहासकारों तथा संस्कृति प्रेमियों को छत्तीसगढ़ और देश के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिलेगा। प्रदर्शनी का उद्घाटन 8 जून को प्रातः 11 बजे किया जाएगा। इसके बाद यह प्रदर्शनी 12 जून तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से सायं 5 बजे तक आमजन के लिए खुली रहेगी।

              दुर्लभ अभिलेखों में दिखेगी छत्तीसगढ़ और मध्य प्रांत के इतिहास की झलक

              प्रदर्शनी में राज्य अभिलेखागार में सुरक्षित उन चयनित ऐतिहासिक दस्तावेजों की डिजिटल प्रतिकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी, जिन्हें राज्य पुनर्गठन के बाद भोपाल से स्कैन कर डिजिटल स्वरूप में प्राप्त किया गया था। ये अभिलेख छत्तीसगढ़ तथा तत्कालीन मध्य प्रांत एवं बरार के प्रशासनिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक इतिहास की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं। प्रदर्शनी में वर्ष 1930 से 1955 के मध्य के अनेक महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल किए गए हैं। इनमें जनगणना संबंधी अभिलेख, पुरातात्त्विक स्मारकों के संरक्षण से जुड़े दस्तावेज, द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान रायपुर में हवाई अड्डे के निर्माण की योजनाएं, स्थानीय अवकाशों की घोषणाएं, पृथक कोसल राज्य के गठन के प्रयास, रियासतों में केंद्रीय एवं प्रांतीय कानूनों के विस्तार, देशी रियासतों के भारतीय संघ में विलय, भूमि सुधार कार्यक्रम, राष्ट्रपति के छत्तीसगढ़ प्रवास, मंदिर प्रबंधन व्यवस्था तथा राजिम मेले के प्रशासनिक संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेख शामिल हैं। इन दस्तावेजों के माध्यम से आगंतुक न केवल इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं को समझ सकेंगे, बल्कि उस दौर की प्रशासनिक व्यवस्था, सामाजिक परिस्थितियों और सांस्कृतिक परिवर्तनों की भी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

              “न्याय के लिए अभिलेखागार: अधिकार, स्मृति और भविष्य” विषय पर होगा विशेष व्याख्यान

              अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार सप्ताह के अंतर्गत 9 जून 2026 को प्रातः 11 बजे महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय सभागार में एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। “न्याय के लिए अभिलेखागार : अधिकार, स्मृति और भविष्य” विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम में अभिलेखों के महत्व, उनके संरक्षण, डिजिटलीकरण और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा होगी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली के विशेषज्ञ श्री दीपक तथा भुवनेश्वर, ओडिशा के अभिलेख विशेषज्ञ श्री सत्यनारायण मिश्र विषय विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार साझा करेंगे। वे अभिलेखीय धरोहर के संरक्षण की चुनौतियों, आधुनिक अभिलेख प्रबंधन, डिजिटलीकरण की आवश्यकता तथा ऐतिहासिक अनुसंधान में अभिलेखों की भूमिका जैसे विषयों पर प्रकाश डालेंगे।

              विद्यार्थियों, शोधार्थियों और इतिहास प्रेमियों के लिए विशेष अवसर

              यह प्रदर्शनी और व्याख्यान श्रृंखला विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, इतिहासकारों तथा अभिलेख संरक्षण में रुचि रखने वाले नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि अभिलेख केवल पुराने दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि वे समाज की स्मृति, शासन की पारदर्शिता और इतिहास लेखन की आधारशिला हैं।

              विरासत संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की महत्वपूर्ण पहल

              पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम अभिलेखीय धरोहर के संरक्षण और उसके प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आयोजन का उद्देश्य ऐतिहासिक दस्तावेजों के महत्व को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाना तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति लोगों में संवेदनशीलता विकसित करना है। संचालनालय ने सभी नागरिकों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और इतिहास एवं संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों से इस विशेष प्रदर्शनी एवं व्याख्यान कार्यक्रम में सहभागिता करने का आग्रह किया है। 8 से 12 जून तक महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय की कला वीथिका में आयोजित यह प्रदर्शनी इतिहास के दुर्लभ पन्नों से रूबरू होने का एक अनमोल अवसर प्रदान करेगी।


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