प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना ने बदले सपने को हकीकत में, स्वरोजगार से मिली आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह
साढ़े चार लाख रुपये का ऋण और एक लाख 75 हजार रुपये के अनुदान से शुरू किया स्वयं का उद्योग
रायपुर (BCC NEWS 24): मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो और सपनों को साकार करने के लिए सही अवसर एवं सहयोग मिल जाए, तो आत्मनिर्भरता की राह आसान हो जाती है। इस बात को सच कर दिखाया है सक्ती जिले के ग्राम सुखदा की 31 वर्षीय श्रीमती बद्रिका पारस चन्द्रा ने। उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का लाभ लेकर सोया पनीर निर्माण उद्योग स्थापित किया और स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में अपनी नई पहचान बनाई है। उनकी सफलता ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलाव की अनेक कहानियां सामने आ रही हैं। इन्हीं में एक कहानी बद्रिका पारस चन्द्रा की भी है, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और उद्यमशीलता से स्वरोजगार का सपना साकार किया है।
स्नातक तक शिक्षित बद्रिका हमेशा से कुछ ऐसा करना चाहती थीं, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को पहचाना और सोया पनीर निर्माण का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। हालांकि, उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक पूंजी की व्यवस्था करना उनके सामने एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे समय में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना उनके सपनों को साकार करने का माध्यम बनी।योजना के अंतर्गत बद्रिका को सोया पनीर निर्माण उद्योग स्थापित करने के लिए 4 लाख 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। इसके साथ ही 1 लाख 75 हजार रुपये की अनुदान राशि भी प्रदान की गई। इस वित्तीय सहयोग से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में सहायता मिली। उन्होंने उपलब्ध अवसर का सदुपयोग करते हुए सोया पनीर निर्माण का कार्य प्रारंभ किया।
आज बद्रिका अपने सोया पनीर निर्माण व्यवसाय का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी सही मार्गदर्शन, शासकीय सहायता और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। उनकी यह पहल न केवल स्वयं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि स्वरोजगार अपनाने की इच्छुक अन्य महिलाओं और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के माध्यम से छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को प्रोत्साहन मिल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

(Bureau Chief, Korba)





