रायपुर : अब सिर्फ गृहिणी नहीं, सफल बिजनेस वुमन हैं बलरामपुर की विनयश्री

              पोल्ट्री फार्मिंग से बदला अपना भाग्य, सालाना एक लाख से अधिक मुनाफे का अनुमान

              रायपुर (BCC NEWS 24): पोल्ट्री (मुर्गी पालन) व्यवसाय ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का एक सशक्त माध्यम बन गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर और लखपति दीदी योजना जैसी सरकारी पहलों का लाभ उठाकर, महिलाएं कम लागत में पोल्ट्री फार्म शुरू करके सालाना एक लाख से 3 लाख तक आसानी से कमा रही हैं । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को सिर्फ गृहिणी से सफल उद्यमी बनाने का जरिया बन रहा है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। इसका ताजा और बेहतरीन उदाहरण बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जनपद पंचायत बलरामपुर के ग्राम लुरघुटा की रहने वाली विनयश्री हैं, जिन्होंने पोल्ट्री (मुर्गी पालन) व्यवसाय को अपनी मेहनत और बेहतर प्रबंधन से कमाई का एक बड़ा जरिया बना लिया है।

              25 हजार की बचत और 75 हजार रूपए का लोन

              सीमित संसाधनों के बीच कुछ बड़ा करने की चाह रखने वाली विनयश्री ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से बैंक लिंकेज का लाभ उठाया। उन्होंने बैंक से 75 हजार रुपये का ऋण लिया और इसमें अपनी 25 हजार रुपये की निजी बचत को जोड़ा। कुल 1 लाख रुपये की शुरुआती पूंजी के साथ उन्होंने उन्नत श्सोनालीका नस्लश् के 1000 चूजों से अपने पोल्ट्री व्यवसाय की शुरुआत की।

              600 मुर्गियों की बिक्री से कमाए 81 हजार

              बेहतर देखरेख और सुव्यवस्थित प्रबंधन के कारण विनयश्री की पोल्ट्री इकाई तेजी से मुनाफे की ओर बढ़ रही है। विनयश्री ने बताया कि वे अब तक 600 मुर्गियों की बिक्री से 81 हजार रुपये की ग्रॉस इनकम (आय) अर्जित कर चुकी हैं। बचे हुए चूजों के बड़े होने और उनकी बिक्री के बाद, इस पहले चक्र (साइकिल) में उन्हें लगभग 35 हजार रुपये का शुद्ध लाभ मिलने की पूरी उम्मीद है। पोल्ट्री व्यवसाय के सालभर में तीन चक्र पूरे होने पर उनकी शुद्ध वार्षिक आय 1 लाख रुपये के पार पहुंच जाएगी, जो उन्हें लखपति दीदी की श्रेणी में खड़ा कर देगी।

              भविष्य के लिए बनाई योजना

              विनयश्री का कहना है,  स्वयं सहायता समूह ने हमें न सिर्फ आर्थिक मजबूती दी है, बल्कि आगे बढ़ने का हौसला भी दिया है। अब मैं अपने परिवार की जरूरतों को सम्मान के साथ पूरा कर रही हूं और भविष्य के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही हूं।

              अधिकारियों के मार्गदर्शन से मिल रही गति

              बलरामपुर जिले में यह बदलाव कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशानुसार और जिला पंचायत सीईओ के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। जिला प्रशासन के सहयोग से स्वयं सहायता समूह आज महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं, जहां विनयश्री जैसी कई महिलाएं खुद आत्मनिर्भर होकर दूसरी ग्रामीण महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।


                              Hot this week

                              रायपुर : फिल्में समाज को संदेश देने का सशक्त माध्यम – राज्यपाल डेका

                              रायपुर (BCC NEWS 24): फिल्में और डॉक्युमेंट्री केवल मनोरंजन...

                              रायपुर : निजी गोदाम से सहकारी समिति की खाद जब्त

                              रायपुर (BCC NEWS 24): खरीफ सीजन को देखते हुए...

                              Related Articles

                              Popular Categories